चक्रधरपुर: World आदिवासी दिवस के अवसर पर इस वर्ष चक्रधरपुर में भव्य आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आगामी 9 अगस्त को आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस समारोह को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित मानकी मुंडा सभागार में आदिवासी समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के निवर्तमान अध्यक्ष विजय सिंह सामाड ने की। इस दौरान समारोह की रूपरेखा तैयार की गई और सर्वसम्मति से नई आयोजन समिति का गठन किया गया।

बैठक में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी ने विश्व आदिवासी दिवस को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक पहचान और जनजागरूकता के पर्व के रूप में मनाने का संकल्प लिया।

सर्वसम्मति से गठित हुई आयोजन समिति

बैठक के दौरान आगामी विश्व आदिवासी दिवस समारोह के सफल आयोजन के लिए नई आयोजन समिति का गठन किया गया। उपस्थित सदस्यों ने विभिन्न पदों के लिए नामों का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार करते हुए जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

लगातार दूसरे वर्ष विजय सिंह सामाड को आयोजन समिति का अध्यक्ष चुना गया। वहीं श्याम मुंडा, सोमनाथ कोया, मंगल सरदार और गणपति महली को उपाध्यक्ष बनाया गया।

समिति के सचिव पद की जिम्मेदारी विजय नाग को सौंपी गई, जबकि ताराकांत सिजुई को सह सचिव नियुक्त किया गया। भोलेनाथ बोदरा को कोषाध्यक्ष और नीतिमा जोंको को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया।

सलाहकार और कार्यकारिणी समिति का भी हुआ गठन

बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए अनुभवी लोगों को सलाहकार समिति में शामिल किया गया। इसमें प्रीतम बांकिरा, विजय कच्छप, बुधू गागराई, गोस्नर दोंगो, जंगल सिंह गागराई, दया सागर केराई, बुधराम उरांव, रामलाल मुंडा और विश्राम मुंडा को सलाहकार बनाया गया।

इसके अलावा कार्यकारिणी समिति में माधो केराई, डिबरु दोंगो, अमित कुमार बोदरा, मंजूश्री तियु, मालती हेम्ब्रोम, पूनम कोड़ा, मेलानी बोदरा और राहुल हेम्ब्रोम को जिम्मेदारी दी गई। सभी सदस्यों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

पोड़ाहाट स्टेडियम में होगा मुख्य समारोह

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य समारोह चक्रधरपुर के पोड़ाहाट स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार समारोह को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में विभिन्न आदिवासी समुदायों के लोग भाग लेंगे और अपनी समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को दी जाएगी श्रद्धांजलि

विश्व आदिवासी दिवस समारोह की शुरुआत पोटका स्थित आदिवासी मित्र मंडल से होगी। यहां सबसे पहले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

समिति के अनुसार बिरसा मुंडा के संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।

सुबह नौ बजे निकलेगी भव्य शोभायात्रा एवं झांकी

कार्यक्रम के तहत सुबह 9 बजे विशाल शोभायात्रा सह झांकी निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में विभिन्न आदिवासी समुदायों के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सांस्कृतिक झांकियों के साथ शामिल होंगे।

शोभायात्रा में आदिवासी संस्कृति, परंपरा, लोक नृत्य और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिलेगी। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी और समाज में एकता का संदेश देगी।

इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी शोभायात्रा

समिति द्वारा तय किए गए रूट के अनुसार शोभायात्रा पोटका स्थित आदिवासी मित्र मंडल से शुरू होकर एनएच-75, इतवारी बाजार, ओवरब्रिज, पवन चौक, भगत सिंह चौक, फॉरेस्ट चेकनाका होते हुए मानकी मुंडा सभागार के समीप स्थित बिरसा स्मारक पहुंचेगी।

बिरसा स्मारक पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शोभायात्रा पुनः पोड़ाहाट स्टेडियम पहुंचेगी, जहां मुख्य समारोह आयोजित होगा।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा विश्व आदिवासी दिवस

पोड़ाहाट स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। विभिन्न आदिवासी समुदायों के कलाकार पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।

कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों की विशेष भागीदारी रहेगी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और लोकनृत्यों से पूरा वातावरण आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग जाएगा।

समाज के ज्वलंत मुद्दों पर होगा मंथन

विश्व आदिवासी दिवस केवल सांस्कृतिक उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

कार्यक्रम में समाज के बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि प्रकृति संरक्षण, आदिवासी संस्कृति के संवर्धन, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास, युवाओं के सशक्तिकरण, नशा मुक्ति तथा अंधविश्वास उन्मूलन जैसे विषयों पर अपने विचार रखेंगे।

वक्ताओं द्वारा समाज को जागरूक करने और नई पीढ़ी को शिक्षा एवं विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा।

प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकता का दिया जाएगा संदेश

आयोजन समिति ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-जमीन की रक्षा, पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।

साथ ही युवाओं से अपील की जाएगी कि वे अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक के माध्यम से समाज के विकास में योगदान दें।

भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां तेज

आदिवासी समन्वय समिति ने समारोह को सफल बनाने के लिए विभिन्न उपसमितियों का गठन कर जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। आयोजन स्थल की व्यवस्था, शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सुरक्षा, यातायात, स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस समारोह पहले से अधिक भव्य, अनुशासित और यादगार होगा।

चक्रधरपुर के पोड़ाहाट स्टेडियम में आयोजित होने वाला World आदिवासी दिवस समारोह 2026 आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि तथा समाज के ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श के माध्यम से यह आयोजन न केवल आदिवासी संस्कृति को नई पहचान देगा, बल्कि युवाओं को अपनी परंपराओं से जुड़कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा भी देगा।