नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के चर्चित GB Road इलाके से महिलाओं को कथित तौर पर नौकरी का झांसा देकर जबरन देह व्यापार में धकेलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 से दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। आरोप है कि महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली लाया गया और इसके बाद उनकी इच्छा के विरुद्ध उन्हें कोठे पर रखा गया।

इस मामले में कमला मार्केट थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोठे की देखरेख करने वाली तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिलाओं को दिल्ली लाने और उन्हें कथित तौर पर कोठे तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

बंगाल की 26 वर्षीय महिला ने सुनाई आपबीती

पुलिस के मुताबिक, रेस्क्यू की गई महिलाओं में से एक 26 वर्षीय महिला पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह नौकरी की तलाश में थी। इसी दौरान मई महीने में कालू नाम के एक व्यक्ति ने उसे नौकरी दिलाने का कथित तौर पर भरोसा दिया।

महिला के अनुसार, नौकरी का झांसा देकर उसे पश्चिम बंगाल से दिल्ली लाया गया। उसे उम्मीद थी कि दिल्ली में उसे काम मिलेगा और वह अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकेगी। लेकिन आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद परिस्थितियां अचानक बदल गईं।

दिल्ली पहुंचते ही मोबाइल फोन छीनने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, दिल्ली पहुंचने के बाद उसका मोबाइल फोन कथित तौर पर छीन लिया गया। इसके बाद उसे जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 में ले जाया गया।

महिला का आरोप है कि वहां उसे गीता और मंजू नाम की महिलाओं के हवाले कर दिया गया। इसके बाद उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे कोठे पर रखा गया और करीब तीन महीने तक वह कथित तौर पर वहां फंसी रही।

पीड़िता की आपबीती सामने आने के बाद मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नौकरी की उम्मीद लेकर दिल्ली पहुंची महिला कथित तौर पर ऐसी परिस्थितियों में फंस गई, जहां उसके पास परिवार से संपर्क करने का भी रास्ता नहीं था।

करीब तीन महीने तक झेलने का दावा

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन महीने तक कथित उत्पीड़न और जबरन देह व्यापार के दबाव में रही। इस दौरान वह अपने परिवार से सीधे संपर्क नहीं कर पा रही थी।

मोबाइल फोन अपने पास नहीं होने के कारण उसके लिए बाहर की दुनिया से संपर्क करना मुश्किल हो गया था। परिवार से दूर और अनजान शहर में फंसने के कारण उसकी स्थिति बेहद कठिन हो गई थी।

हालांकि, 25 अगस्त को उसे किसी तरह अपनी मां से फोन पर संपर्क करने का मौका मिला। यही फोन कॉल उसके लिए मदद तक पहुंचने का महत्वपूर्ण जरिया बना।

25 अगस्त को मां को बताई पूरी कहानी

पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त को पीड़िता ने किसी तरह अपनी मां से फोन पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां को दिल्ली लाए जाने से लेकर जीबी रोड के कोठे में रखे जाने तक की कथित पूरी कहानी बताई।

महिला ने अपनी मां को बताया कि नौकरी का झांसा देकर उसे दिल्ली लाया गया था, लेकिन यहां उसका मोबाइल फोन ले लिया गया और उसे कथित तौर पर कोठे में रहने के लिए मजबूर किया गया।

बेटी की बात सुनकर मां ने देर किए बिना दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।

मां की सूचना पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पीड़िता की मां से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद कमला मार्केट थाना पुलिस ने संबंधित स्थान के बारे में जानकारी जुटाई और कार्रवाई की तैयारी की।

पुलिस की टीम ने जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 पर कार्रवाई की। इस दौरान वहां से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू के बाद पुलिस ने महिलाओं से घटना के संबंध में जानकारी ली और उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की।

दो महिलाओं का किया गया रेस्क्यू

पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें पश्चिम बंगाल की 26 वर्षीय महिला भी शामिल है, जिसने नौकरी के नाम पर दिल्ली लाए जाने और कथित तौर पर कोठे में रखे जाने की जानकारी दी।

दूसरी महिला की परिस्थितियों और उसे वहां तक कैसे लाया गया, इस संबंध में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और महिलाओं को कथित तौर पर किस तरह यहां लाया जाता था।

तीन महिला आरोपी गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कोठे की देखरेख करने वाली तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों का उन लोगों से क्या संबंध था, जो कथित तौर पर महिलाओं को नौकरी का लालच देकर दिल्ली लाते थे।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है और क्या अन्य महिलाओं को भी इसी तरीके से दिल्ली लाया गया था।

कालू की भूमिका की जांच

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कालू नाम के व्यक्ति ने उसे नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया था। महिला के बयान के आधार पर पुलिस कालू की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह व्यक्ति महिला के संपर्क में कैसे आया और दिल्ली लाने के बाद कथित तौर पर उसे कोठे तक कैसे पहुंचाया गया।

यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

परिवार की सतर्कता से सामने आया मामला

इस पूरे मामले में पीड़िता की मां की सतर्कता महत्वपूर्ण रही। बेटी से फोन पर बातचीत होने के बाद मां ने मामले को दबाने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दी।

अगर परिवार को सूचना नहीं मिलती तो महिला कितने समय तक वहां फंसी रहती, यह कहना मुश्किल है। इस घटना से यह भी सामने आता है कि नौकरी के नाम पर दूसरे शहर ले जाने वाले लोगों की बात पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

नौकरी के नाम पर ठगी और शोषण का आरोप

मामले में सामने आए आरोपों के अनुसार, महिला को नौकरी देने के नाम पर दिल्ली लाया गया था। लेकिन नौकरी मिलने के बजाय उसे कथित तौर पर जीबी रोड के कोठे में पहुंचा दिया गया।

ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ितों को बेहतर नौकरी, अधिक वेतन या दूसरे शहर में रोजगार का लालच दिए जाने के आरोप सामने आते हैं। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर ऐसी परिस्थितियों में फंसा दिया जाता है, जहां उनके लिए परिवार या पुलिस से संपर्क करना मुश्किल हो जाता है।

इस मामले में भी महिला के अनुसार उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था, जिससे परिवार से संपर्क करना और कठिन हो गया।

पुलिस कर रही है पूरे नेटवर्क की जांच

दो महिलाओं के रेस्क्यू और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का फोकस पूरे नेटवर्क पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिलाओं को दिल्ली तक लाने, उन्हें कथित तौर पर कोठे तक पहुंचाने और वहां रखने में किन-किन लोगों की भूमिका थी।

जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ के अलावा अन्य संभावित संपर्कों और घटनाओं की भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने महिलाओं को रोजगार के नाम पर दूसरे राज्यों में ले जाने और उनके शोषण से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रोजगार की तलाश में दूसरे शहर जाने वाली महिलाओं को कई बार दलालों या संदिग्ध लोगों के संपर्क में आने का खतरा रहता है।

ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति के जरिए नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर उसकी पूरी जानकारी, कंपनी का पता, नियुक्ति पत्र और अन्य जरूरी विवरणों की जांच करना महत्वपूर्ण है।

पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया

पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों महिलाओं को कथित बंधन जैसी परिस्थितियों से बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के बाद उनके बयान और परिस्थितियों की जानकारी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

पुलिस अब मामले में दर्ज आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

दिल्ली के जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 से दो महिलाओं के रेस्क्यू का मामला मानव तस्करी और जबरन देह व्यापार के गंभीर आरोपों को सामने लाता है। पश्चिम बंगाल की 26 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया है कि उसे मई में कालू नाम के व्यक्ति ने नौकरी का झांसा देकर दिल्ली बुलाया और यहां पहुंचने के बाद उसका मोबाइल फोन कथित तौर पर छीन लिया गया।

महिला के अनुसार, इसके बाद उसे जीबी रोड के कोठा नंबर 58 में गीता और मंजू नाम की महिलाओं के हवाले कर दिया गया। करीब तीन महीने तक कथित रूप से वहां रहने के बाद 25 अगस्त को उसने किसी तरह अपनी मां से संपर्क किया और पूरी आपबीती बताई। मां की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया और कोठे की देखरेख करने वाली तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। कालू समेत अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।