जमशेदपुर: Jamshedpur शहर में एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की कथित साजिश को सीतारामडेरा थाना पुलिस ने नाकाम कर दिया। पुलिस ने हथियार के साथ उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के रहने वाले दो संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी एक कुख्यात गिरोह के सदस्य की हत्या की कथित योजना के सिलसिले में जमशेदपुर पहुंचे थे।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल, दो जिंदा गोलियां और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा होने का दावा किया गया है।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को सीतारामडेरा थाना पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि दो संदिग्ध अपराधी हथियार लेकर मानगो बस स्टैंड के आसपास घूम रहे हैं।

सूचना में यह भी बताया गया था कि दोनों किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दी गई।

इसके बाद सीतारामडेरा थाना में सनहा संख्या-21/2026 दर्ज कर सूचना का सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।

छापामारी दल का किया गया गठन

गुप्त सूचना की पुष्टि और संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

पुलिस टीम मानगो बस स्टैंड की ओर रवाना हुई। टीम जब पाण्डेय घाट के पास पहुंची तो पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए।

पुलिस के अनुसार दोनों संदिग्ध पुलिस टीम को देखकर बचने का प्रयास करते हुए शौचालय के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी की और दोनों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस द्वारा पकड़े गए दोनों संदिग्धों की पहचान पूछताछ के दौरान की गई।

पहले आरोपी का नाम प्रदीप सिंह (38 वर्ष) बताया गया है। वह बरुई, थाना गोसाईगंज, जिला सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश का निवासी है।

दूसरे आरोपी की पहचान अभिनय यादव (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पूरनपुर, पोस्ट बलामपुर, जिला सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया गया है।

दोनों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनकी तलाशी ली।

लोडेड देसी पिस्टल और गोलियां बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस को प्रदीप सिंह के पास से 7.65 एमएम की एक देसी पिस्टल मिली।

पुलिस के अनुसार पिस्टल में गोली लोड थी और उसके पास से अतिरिक्त दो जिंदा गोलियां भी बरामद की गईं।

इसके अलावा दोनों आरोपियों के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

हथियार और गोलियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ शुरू की।

कथित हत्या की योजना को लेकर पुलिस का बड़ा दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे जमशेदपुर के रहने वाले सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के कथित कहने पर शहर आए थे।

पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों का उद्देश्य गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या करना था।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे कथित तौर पर टारगेट की पहचान और सुपारी से संबंधित रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे।

हालांकि, इससे पहले ही पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कुम्हारपाड़ा में ठहराने की भी सामने आई जानकारी

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्हें सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में ठहराया गया था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें वहां ओलिडीह निवासी सुनील रजक के माध्यम से ठहराया गया था।

आरोपियों के कथित बयान के अनुसार हथियार और गोलियां भी उपलब्ध कराई गई थीं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की तलाश में छापामारी कर रही है।

19 अगस्त को भी जमशेदपुर आने का पुलिस का दावा

पूछताछ में पुलिस को एक अन्य मामले से जुड़ी जानकारी मिलने का भी दावा किया गया है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी इससे पहले 19 अगस्त 2026 को भी जमशेदपुर आए थे। उस समय उनके साथ उत्तर प्रदेश का रहने वाला राहुल विश्वकर्मा भी था।

पुलिस का दावा है कि उस समय कथित तौर पर निखार सबलोक की हत्या की योजना बनाई गई थी।

हालांकि पुलिस के अनुसार सुपारी की रकम के एडवांस भुगतान को लेकर कथित तौर पर सिंटू सिंह के साथ विवाद हो गया। विवाद के बाद आरोपी हत्या की घटना को अंजाम दिए बिना उत्तर प्रदेश लौट गए।

दोबारा जमशेदपुर बुलाए जाने का दावा

पुलिस के अनुसार निखार सबलोक की हत्या की योजना पूरी नहीं होने के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा जमशेदपुर बुलाया गया था।

इस बार कथित तौर पर गणेश सिंह गिरोह के किसी अन्य सदस्य को निशाना बनाने की तैयारी थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी टारगेट की पहचान और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली और छापामारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अब इस मामले में यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा कथित साजिश में उनकी क्या भूमिका थी।

प्रदीप सिंह पर कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी प्रदीप सिंह के आपराधिक इतिहास को लेकर भी जानकारी दी है।

पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में प्रदीप सिंह के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं।

पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ गोसाईगंज, कोतवाली, करौदीकला, मोतीगरपुर, अमेठी और दोस्तपुर थाना क्षेत्रों में मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

अन्य संदिग्धों की तलाश में छापामारी जारी

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर छापामारी किए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों आरोपी जमशेदपुर में कब पहुंचे, किन लोगों से मिले और कथित वारदात को अंजाम देने के लिए उन्हें किस प्रकार की मदद उपलब्ध कराई गई।

गिरफ्तारी से बड़ी घटना टलने का पुलिस का दावा

पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में संभावित बड़ी आपराधिक घटना को रोकने का दावा किया गया है।

हथियार के साथ दो संदिग्धों की गिरफ्तारी को पुलिस की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। समय रहते दोनों को पकड़ लिए जाने से कथित हत्या की योजना को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।

हालांकि पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ मामले में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू

सीतारामडेरा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है।

छापामारी दल में शामिल रहे पुलिस अधिकारी

इस कार्रवाई में सीतारामडेरा थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

छापामारी दल में:

  • थाना प्रभारी आनंद मिश्रा
  • पु०अ०नि० अक्षय कुमार
  • पु०अ०नि० मनोरंजन कुमार
  • पु०अ०नि० सूरज प्रसाद
  • सीतारामडेरा सशस्त्र बल के जवान

शामिल थे।

पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा और उनके पास से हथियार व गोलियां बरामद कीं।

पुलिस की कार्रवाई से आपराधिक साजिश पर लगा ब्रेक

जमशेदपुर में संभावित बड़ी आपराधिक वारदात को लेकर मिली सूचना के बाद सीतारामडेरा थाना पुलिस ने जिस तरह कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया, उससे कथित हत्या की साजिश पर तत्काल रोक लग गई।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश से जमशेदपुर पहुंचे थे और कथित तौर पर सुपारी के तहत हत्या की योजना से जुड़े थे। उनके पास से हथियार, जिंदा गोलियां और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

अब पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र कथित साजिश के पीछे मौजूद लोगों, हथियार उपलब्ध कराने वालों, आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और पूर्व में बनाई गई हत्या की कथित योजनाओं की भूमिका पर है।

जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और भी खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की संभावना है।