जमशेदपुर: झारखंड सरकार के मंत्री Sudivya कुमार सोनू के आकस्मिक निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर है। उनके निधन पर पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिम के पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता ने गहरा दुख एवं शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत मंत्री के असामयिक निधन को झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए बेहद बड़ी एवं अपूरणीय क्षति बताया।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू एक युवा, कर्मठ, संवेदनशील और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे थे। कम उम्र में ही उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण लोगों के बीच मजबूत पहचान बनाई थी।
असमय निधन की खबर से स्तब्ध हैं बन्ना गुप्ता
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय एक साथी और जनप्रतिनिधि का इस तरह अचानक चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है।

उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के साथ सार्वजनिक जीवन में बिताए गए समय और उनसे जुड़े अनेक प्रसंग हमेशा स्मृतियों में बने रहेंगे। उनके निधन से न केवल उनका परिवार और समर्थक बल्कि झारखंड के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र को भी गहरा आघात पहुंचा है।
युवा और कर्मठ जनप्रतिनिधि के रूप में बनाई पहचान
बन्ना गुप्ता ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू युवा पीढ़ी के ऐसे जनप्रतिनिधि थे, जिनमें जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने की क्षमता थी।
उनका जनता से सीधा जुड़ाव रहा। जनहित से जुड़े विषयों को लेकर उनकी सक्रियता और लोगों के साथ संवाद करने की उनकी शैली को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहते हुए सुदिव्य कुमार सोनू ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने का प्रयास किया। उनके असामयिक निधन से राज्य ने एक ऐसे युवा नेता को खो दिया है, जिनसे भविष्य को लेकर कई उम्मीदें जुड़ी थीं।
“निधन की खबर ने व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखी किया”
बन्ना गुप्ता ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा—
“सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन की खबर ने मुझे व्यक्तिगत रूप से बेहद दुखी किया है। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय एक साथी और जनप्रतिनिधि के रूप में उनके साथ बिताए पल हमेशा स्मरण में रहेंगे। उनका यूं अचानक चले जाना झारखंड के लिए बड़ी क्षति है।”
उन्होंने कहा कि किसी युवा जनप्रतिनिधि का इस तरह असमय निधन होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दिवंगत नेता के कार्यों और उनके सार्वजनिक जीवन को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिवार के प्रति जताई गहरी संवेदना
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन और दुख की घड़ी में उनकी पूरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है और इस दुख की घड़ी में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की संवेदना उनके साथ है।
बन्ना गुप्ता ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से उबरने का संबल मिले।
साथियों और समर्थकों के लिए भी गहरा आघात
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर से उनके राजनीतिक सहयोगियों, समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच भी शोक का माहौल है। बन्ना गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी व्यक्ति के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के कारण उसके जाने का दुख व्यक्तिगत स्तर पर भी महसूस होता है।
उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू से जुड़े लोग उनके सरल व्यवहार, सक्रियता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद रखेंगे।
झारखंड के राजनीतिक क्षेत्र को हुई बड़ी क्षति
बन्ना गुप्ता ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असामयिक निधन झारखंड के राजनीतिक क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी क्षति है। युवा नेतृत्व के रूप में उनसे राज्य को काफी उम्मीदें थीं। उनके निधन से राजनीति में सक्रिय एक नई पीढ़ी के महत्वपूर्ण चेहरे का असमय अंत हुआ है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल सदन तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे जनता और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। सुदिव्य कुमार सोनू भी जनता से जुड़े रहने वाले सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे।
जनहित के मुद्दों पर सक्रियता हमेशा रहेगी याद
पूर्व मंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रियता और जनता के साथ उनका सीधा जुड़ाव उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल था। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान और उनके द्वारा किए गए कार्यों को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि किसी व्यक्ति का जीवन भले ही समाप्त हो जाता है, लेकिन उसके अच्छे कार्य और समाज के लिए किए गए प्रयास उसकी स्मृतियों को जीवित रखते हैं। सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृतियां भी उनके चाहने वालों और परिचितों के बीच हमेशा बनी रहेंगी।
ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना
बन्ना गुप्ता ने दिवंगत मंत्री की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवारजनों, मित्रों, समर्थकों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में परिवार को मानसिक शक्ति की सबसे अधिक आवश्यकता है। समाज और राजनीतिक क्षेत्र के लोगों को भी परिवार के साथ खड़े रहकर उन्हें भावनात्मक सहयोग देना चाहिए।
उनकी स्मृतियां हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगी”
अपनी श्रद्धांजलि के अंत में बन्ना गुप्ता ने कहा—
“सुदिव्य कुमार सोनू जी का निधन झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी स्मृतियां हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगी।”
उन्होंने दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति एक बार फिर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
शोक की इस घड़ी में परिवार के साथ संवेदनाएं
Sudivya कुमार सोनू के निधन से उनके परिवार, मित्रों, समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच गहरा शोक है। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।




















