जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने सोमवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से जमशेदपुर की राजनीति और अपराध जगत के कथित बदलते समीकरणों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शहर में आपराधिक गिरोहों के बीच समीकरण लगातार बदल रहे हैं और इन सबके केंद्र में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता हैं। सरयू राय ने सोशल मीडिया पर उनके नाम और तस्वीरों को आपराधिक घटनाओं से जोड़कर बदनाम करने की कथित मुहिम पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठे, मनगढ़ंत और तथ्यहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। पुराने सहयोगियों के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वर्तमान आपराधिक घटनाओं से उनका नाम जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राय ने कहा कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक और सामाजिक बदनाम करने की कोशिश है।
सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट से दुष्प्रचार का आरोप
सरयू राय ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर उनके खिलाफ लगातार पोस्ट और पोस्टर प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मानगो का एक व्यक्ति, जिसे उन्होंने नीतेश मित्तल के नाम से संबोधित किया, कथित तौर पर बन्ना गुप्ता के करीबी लोगों में शामिल है और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से उनके खिलाफ सामग्री प्रसारित कर रहा है।

राय ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर लगाकर सवाल किया जा रहा है कि जमशेदपुर में अपराधियों को सरयू राय संरक्षण दे रहे हैं या नहीं और उनसे हां या ना में जवाब मांगा जा रहा है। उन्होंने इसे बिना प्रमाण का दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि अपराधियों की गतिविधियों से उनका नाम जोड़ना पूरी तरह गलत है।
निखार सबलोक और हरेराम सिंह से डेढ़ साल पहले संबंध खत्म होने का दावा
सरयू राय ने अपने पुराने सहयोगियों के रूप में चर्चा में आए निखार सबलोक और हरेराम सिंह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों से उनके संबंध करीब डेढ़ वर्ष पहले ही समाप्त हो चुके हैं।
राय के अनुसार, 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान निखार सबलोक ने उनके साथ काम किया था, लेकिन उसके बाद वह लंबे समय तक उनके साथ नहीं रहा और बाद में किसी अन्य राजनीतिक व्यक्ति अथवा समूह से जुड़ गया। निखार की हत्या हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि हरेराम सिंह भी करीब डेढ़ साल पहले भाजपा में शामिल हो चुके हैं और सोशल मीडिया पर उनके विरोधियों के पोस्ट पर टिप्पणी करते हैं। इसके बावजूद निखार और हरेराम की वर्तमान गतिविधियों को उनसे जोड़कर उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
जमीन कब्जाने की बात पर निखार को मदद से इनकार करने का दावा
सरयू राय ने करीब डेढ़ से दो वर्ष पुरानी एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कदमा में एक आयुर्वेदिक दुकान के उद्घाटन के बाद वे कुछ लोगों के साथ राणा नामक व्यक्ति के घर गए थे। वहां से लौटते समय उन्होंने एक बड़ा खाली प्लॉट देखा था।
राय ने कहा कि वह पहले ही उपायुक्त से इस जमीन पर सरकारी संस्थान बनाने की बात कह चुके थे, ताकि उस पर कोई कब्जा न कर सके। उनके अनुसार, उसी शाम निखार सबलोक उनके घर आए और उस जमीन को लेकर अपनी रुचि जाहिर की।
सरयू राय का दावा है कि उन्होंने निखार से स्पष्ट कहा था कि यदि वह जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं तो यह उनका अपना निर्णय होगा, लेकिन वह किसी भी अवैध कार्य में उनकी मदद नहीं करेंगे। राय ने कहा कि इसके बाद निखार उनसे अलग हो गए।
निखार की हत्या के बाद गिरोहों की ‘लॉयल्टी शिफ्ट’ का आरोप
सरयू राय ने दावा किया कि निखार सबलोक की हत्या के बाद शहर में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के बीच समीकरण बदले हैं और उनकी ‘लॉयल्टी शिफ्ट’ हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निखार लगातार बन्ना गुप्ता के कार्यालय में बैठकों में शामिल होते थे और सुधा गुप्ता के मेयर चुने जाने के बाद उन्होंने मानगो क्षेत्र में भी अपनी गतिविधियां बढ़ाई थीं।
हालांकि राय ने दोहराया कि निखार और हरेराम से उनके संबंध काफी पहले समाप्त हो चुके थे और उनकी बाद की गतिविधियों के लिए वह किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं हैं।
अशोक राघव के मोबाइल की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग
सरयू राय ने निखार सबलोक हत्याकांड में गिरफ्तार अशोक सिंह राघव के मोबाइल फोन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अखबारों में पढ़ने को मिला कि पुलिस ने अशोक राघव को मामले में कथित मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में गिरफ्तार किया है और उसका मोबाइल फोन जब्त किया गया है।
राय ने दावा किया कि राघव के कुछ लोग 15 अगस्त के बाद उनसे मिले थे और जनता दल यूनाइटेड में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने उन्हें पार्टी के प्रदेश अथवा राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क करने की सलाह दी थी।
राय के अनुसार, राघव ने उन्हें बताया था कि उसके मोबाइल में फोन कॉल रिकॉर्ड होती हैं और उसने उनके साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई थी। राय ने दावा किया कि राघव ने उन्हें बन्ना गुप्ता से हुई कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सुनाई थी।
‘रणनीति के तहत कर रहा हूं, कोई लगाव नहीं, यूज करना है’
सरयू राय ने राघव के हवाले से बन्ना गुप्ता और कथित गैंग समीकरणों को लेकर भी गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि राघव ने उन्हें बताया था कि उसने एक दिन बन्ना गुप्ता से गणेश सिंह गिरोह और निखार सबलोक को लेकर सवाल किया था।
राय के मुताबिक, राघव ने दावा किया कि बन्ना गुप्ता ने कथित रूप से जवाब दिया था कि यह सब रणनीति के तहत किया जा रहा है और किसी से कोई लगाव नहीं है।
सरयू राय ने इन कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग की जांच कराने और पुलिस द्वारा अशोक राघव तथा निखार सबलोक के मोबाइल से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचनाओं को सार्वजनिक करने की मांग की।
टाटा स्टील कर्मचारियों से कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग का भी जिक्र
फेसबुक लाइव के दौरान सरयू राय ने दावा किया कि बन्ना गुप्ता द्वारा टाटा स्टील के कर्मचारियों को कथित रूप से डांटने-फटकारने से संबंधित कुछ रिकॉर्डिंग भी लोगों के पास हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी रिकॉर्डिंग उपलब्ध हैं तो उनकी भी जांच होनी चाहिए और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।
अमित शर्मा को गाली देने की कथित रिकॉर्डिंग का मामला उठा
सरयू राय ने भाजपा नेता अमित शर्मा को फोन पर कथित रूप से गाली दिए जाने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अमित शर्मा को पहले व्हाट्सऐप कॉल और इंटरनेट फोन के माध्यम से गालियां दी गई थीं।
राय के अनुसार, अमित शर्मा सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध जवाब देते हैं। उन्होंने अमित शर्मा को मामला दर्ज कराने की सलाह दी थी।
राय ने दावा किया कि कुछ दिन पहले फिर अमित शर्मा को गालियां दी गईं और बातचीत के दौरान उनसे कहा गया कि वह सरयू राय के पक्ष में लिखने वालों के खिलाफ लिखते और लिखवाते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि कथित बातचीत में बन्ना गुप्ता का नाम कई बार लिया गया और इस रिकॉर्डिंग को साकची थाना में उपलब्ध कराया गया है।
विरोधियों को धमकाने का भी लगाया आरोप
सरयू राय ने आरोप लगाया कि बन्ना गुप्ता उन लोगों को धमकाते हैं, जो उनके खिलाफ सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से लिखते हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को भाजपा नेता नीरज सिंह जैसा हाल करने की धमकी दी जाती है।
राय ने कहा कि वह किसी धमकी या दबाव के कारण चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।
जल्द मुख्यमंत्री से मिलने की बात
सरयू राय ने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और जमशेदपुर की राजनीति तथा यहां के कथित आपराधिक समीकरणों के संबंध में अपनी बात रखेंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी की छवि खराब करने के लिए आपराधिक घटनाओं से नाम जोड़ना, पुराने संबंधों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना और सोशल मीडिया पर फर्जी सामग्री प्रसारित करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरयू राय के प्रमुख आरोप और मांगें
- सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर लगाकर आपराधिक घटनाओं से नाम जोड़ने का आरोप।
- फेक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दुष्प्रचार किए जाने का दावा।
- निखार सबलोक और हरेराम सिंह से करीब डेढ़ वर्ष पहले संबंध समाप्त होने की बात।
- निखार की हत्या के बाद आपराधिक गिरोहों की कथित ‘लॉयल्टी शिफ्ट’ का आरोप।
- अशोक सिंह राघव के मोबाइल में मौजूद रिकॉर्डिंग की जांच की मांग।
- निखार सबलोक और अशोक राघव के मोबाइल से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचनाओं को सार्वजनिक करने की मांग।
- अमित शर्मा को कथित गाली देने वाले व्यक्ति की बातचीत की जांच की मांग।
- कथित रिकॉर्डिंग में बन्ना गुप्ता का नाम आने का दावा।
- जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जमशेदपुर के राजनीतिक और आपराधिक समीकरणों पर चर्चा करने की बात।




















