जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा थाना स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा को लेकर Senior पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को पोटका एवं कोवाली थाना का औचक निरीक्षण किया। अचानक किए गए इस निरीक्षण के दौरान दोनों थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग व्यवस्था, लंबित मामलों की स्थिति, थाना अभिलेखों तथा पुलिस पदाधिकारियों और बीट ऑफिसरों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान संबंधित थाना प्रभारी, बीट ऑफिसर समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया।
थाना प्रभारी और पुलिस पदाधिकारियों से ली गई जानकारी
औचक निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी से थाना क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों और पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि थाना क्षेत्र में नियमित गश्ती, बीट पुलिसिंग और आम लोगों की शिकायतों के निपटारे को लेकर किस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि थाना क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण गतिविधि पर नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन पर जोर
निरीक्षण के दौरान लंबित कांडों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक विलंब नहीं हो।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अनुसंधान पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साक्ष्यों के संकलन, गवाहों के बयान, आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अनुसंधान की अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों को यह भी कहा गया कि गंभीर प्रकृति के मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और वरीय अधिकारियों को उनकी प्रगति से अवगत कराया जाए।
थाना अभिलेखों की भी जांच
औचक निरीक्षण के दौरान थाना के विभिन्न अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने थाना में संधारित किए जा रहे रिकॉर्ड और दस्तावेजों की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को थाना अभिलेखों को निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्थित और अद्यतन रखने का निर्देश दिया। पुलिसिंग से जुड़े दस्तावेजों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और आवश्यक प्रविष्टियों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
थाना परिसर, हाजत और सिरिस्ता का निरीक्षण
वरीय पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण के दौरान थाना परिसर के विभिन्न हिस्सों का भी जायजा लिया। उन्होंने हाजत और सिरिस्ता का निरीक्षण करते हुए वहां की व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। थाना परिसर में आने वाले लोगों के लिए उचित और व्यवस्थित माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बीट ऑफिसरों के कार्यों की समीक्षा
औचक निरीक्षण के दौरान बीट ऑफिसरों द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने बीट पुलिसिंग को अपराध नियंत्रण और आम जनता के साथ पुलिस के बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने बीट ऑफिसरों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से भ्रमण करने, स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखने तथा क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी रखने का निर्देश दिया।
बीट स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों और अपराध की संभावनाओं से संबंधित सूचनाओं को समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
गणेश चतुर्दशी को लेकर सतर्क रहने के निर्देश
आगामी गणेश चतुर्दशी को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने दोनों थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
पुलिस को किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारी रखने का निर्देश दिया गया।
विश्वकर्मा पूजा और कर्मा पूजा पर भी विशेष निगरानी
निरीक्षण के दौरान विश्वकर्मा पूजा और कर्मा पूजा के अवसर पर भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में पुलिस को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सक्रिय रहना होगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान आयोजकों के साथ समन्वय बनाए रखने और आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अपराध पर प्रभावी नियंत्रण प्राथमिकता
वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता लगातार बनी रहनी चाहिए। नियमित गश्ती, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और अपराधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई को प्राथमिकता देने को कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी घटना के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ अपराध की रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
आम लोगों की शिकायतों का संवेदनशीलता से समाधान
औचक निरीक्षण के दौरान आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थाना में अपनी समस्या लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ पुलिस पदाधिकारी और कर्मी सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार करें।
शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता का पुलिस के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिसिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आगंतुकों से मित्रवत व्यवहार करने का निर्देश
वरीय पुलिस अधीक्षक ने थाना में आने वाले आगंतुकों के साथ मित्रवत व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि अपनी समस्या लेकर थाना पहुंचने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
आगंतुकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और जहां तत्काल कार्रवाई संभव नहीं हो, वहां उन्हें प्रक्रिया की जानकारी दी जाए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अलर्ट रहने का निर्देश
निरीक्षण के अंत में वरीय पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को आने वाले पर्व-त्योहारों को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध और विवाद की संभावनाओं को पहले से पहचानकर उन्हें रोकना भी है।
पोटका और कोवाली थाना क्षेत्रों में नियमित गश्ती, बीट पुलिसिंग, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में प्रमुख बिंदु
- पोटका एवं कोवाली थाना का औचक निरीक्षण।
- लंबित कांडों की समीक्षा।
- थाना अभिलेखों की जांच।
- पुलिस पदाधिकारियों और बीट ऑफिसरों के कार्यों की समीक्षा।
- थाना परिसर, हाजत एवं सिरिस्ता का निरीक्षण।
- अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश।
- लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने पर जोर।
- गणेश चतुर्दशी, विश्वकर्मा पूजा एवं कर्मा पूजा के दौरान विशेष सतर्कता।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश।
- आम जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता से समाधान।
- थाना आने वाले आगंतुकों के साथ मित्रवत व्यवहार करने की हिदायत।
कुल मिलाकर, वरीय पुलिस अधीक्षक का यह औचक निरीक्षण थाना स्तर की पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह, सक्रिय एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक रवैया अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।




















