नई दिल्ली। सोने की तस्करी करने वालों को शायद लगा था कि कीमती धातु को छिपाने के तरीके जितने नए होंगे, जांच एजेंसियों को उतनी ही देर तक चकमा दिया जा सकेगा। लेकिन राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की हालिया कार्रवाइयों ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाए गए छह बड़े खुफिया अभियानों में करीब 41 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 62 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान तीन विदेशी नागरिकों समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कालीकट, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बेंगलुरु तक फैली इन कार्रवाइयों में तस्करी के ऐसे तरीके सामने आए, जिन्हें देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए।

दिल्ली में घर के अंदर चल रहा था सोना पिघलाने का खेल

7 सितंबर को दिल्ली में DRI ने विदेशी मूल के सोने की खरीद और उसे नए रूप में बदलने से जुड़े एक व्यक्ति के ठिकानों पर छापेमारी की।

तलाशी के दौरान एक आवासीय परिसर के भीतर ही ऐसा संयंत्र मिला, जहां सोने को पिघलाने, बेलने और मशीनों से काटकर नए आकार में बदलने का काम किया जा रहा था।

यहां से एक-एक किलोग्राम वजन की चार विदेशी सोने की छड़ें और तस्करी के सोने से तैयार करीब 6.2 किलोग्राम सोने की चेन बरामद हुई। कुल बरामदगी करीब 10.2 किलोग्राम रही। इस मामले में संयंत्र के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया।

यानी बाहर से सामान्य दिखने वाला एक घर अंदर से सोने के अवैध कारोबार का ठिकाना बना हुआ था।

कार में सोना और लाखों की विदेशी मुद्रा

अगले ही दिन, 8 सितंबर को दिल्ली में DRI ने पंजाब से आ रही एक कार को रोका। तलाशी के दौरान करीब 1.21 किलोग्राम सोना मिला। इसके साथ लगभग 43.50 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई।

मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर 89 सोने की छड़ें

5 और 6 सितंबर को भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बीओपी हल्दरपारा इलाके में भी बड़ी कार्रवाई हुई।

DRI ने BSF की मदद से एक व्यक्ति के पास से 89 विदेशी मूल की सोने की छड़ें बरामद कीं, जिनका कुल वजन करीब 11.3 किलोग्राम था।

पूछताछ के दौरान व्यक्ति सोने के वैध कब्जे से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद सोना जब्त कर उसे सीमा शुल्क अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रेन में नकली छड़ें, शरीर पर छिपाया गया सोना

पश्चिम बंगाल में 3 और 4 अप्रैल को हुई कार्रवाई में मामला और दिलचस्प निकला। हावड़ा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री को रोका गया, जो कथित तौर पर किसी दूसरे नाम से यात्रा कर रहा था।

उसके शरीर पर विशेष रूप से तैयार कपड़े की बेल्ट में करीब 4.6 किलोग्राम वजन की चार छड़ें छिपी मिलीं। जांच में सामने आया कि असली सोने को पिघलाकर विशेष आकार की छड़ों में बदला गया था, ताकि उसे मुंबई तक पहुंचाया जा सके।

इस मामले में यात्री और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया।

मुंबई एयरपोर्ट पर कर्मचारियों की मिलीभगत का खुलासा

मुंबई एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई ने तस्करी के एक और नेटवर्क का खुलासा किया।

9 और 10 सितंबर को DRI ने एयरपोर्ट से बाहर निकले एक कर्मचारी का करीब 50 किलोमीटर तक पीछा किया। तलाशी में उसके पास से सोने की धूल से भरे तीन कैप्सूल मिले।

जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि एयरपोर्ट के ट्रांजिट क्षेत्र में एक यात्री से उसे सोना मिला था। मामले में एक अन्य महिला एयरपोर्ट कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई।

इसके बाद दो यात्रियों को एयरपोर्ट पर उस समय पकड़ा गया, जब वे कर्मचारियों को सोने के कैप्सूल सौंप रहे थे। जांच के अनुसार ये यात्री मस्कट और दुबई से तस्करी किए गए सोने की डिलीवरी के बाद बैंकॉक जाने वाले थे।

कुल मिलाकर 3.47 किलोग्राम सोने की धूल वाले आठ कैप्सूल बरामद हुए। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

ट्रेडमिल की मोटर से लेकर कॉफी मशीन तक छिपाया सोना

तस्करों ने सोना छिपाने के लिए मशीनों और सामानों का भी सहारा लिया। मुंबई में हॉन्ग कॉन्ग से आयातित एक ट्रेडमिल की मोटर से करीब 700 ग्राम 24 कैरेट सोना बरामद किया गया। मामले में एक चीनी नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उत्तर प्रदेश के चंदौली में कार के गियरबॉक्स के नीचे बने एक गुप्त बॉक्स से 22 विदेशी सोने की छड़ें बरामद हुईं। इनका वजन करीब 2.56 किलोग्राम था।

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एक यात्री को करीब 1 किलोग्राम सोने की पांच छड़ों के साथ पकड़ा गया।

शरीर के अंदर छिपाकर लाया गया 2.5 किलो सोना

चेन्नई एयरपोर्ट पर 30 अगस्त को दो अलग-अलग उड़ानों से आए यात्रियों की जांच के दौरान सोना बरामद हुआ। जांच में पेस्ट के रूप में सोना छिपाकर लाए जाने का मामला सामने आया।

आठ कैप्सूलों से करीब 2.5 किलोग्राम 24 कैरेट सोना निकाला गया। जांच के दौरान एयरपोर्ट कर्मचारियों की कथित मिलीभगत का भी पता चला। इस मामले में दो विदेशी यात्रियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

नवजात के डायपर और कॉफी मशीन में भी छिपाया

कालीकट में 1 और 2 सितंबर को हुई दो कार्रवाइयों में करीब 1.7 किलोग्राम सोना जब्त किया गया।

एक मामले में सोने का मिश्रण नवजात बच्ची के डायपर में छिपाकर लाया गया था। इससे करीब 770 ग्राम सोना बरामद हुआ। दूसरे मामले में दुबई से आए यात्री के सामान में रखी कॉफी मशीन के धातु के हिस्से के अंदर करीब 1 किलोग्राम 24 कैरेट सोना छिपाया गया था।

दोनों मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

DRI की कार्रवाई ने खोली तस्करी नेटवर्क की परतें

DRI की इन कार्रवाइयों से साफ है कि सोने की तस्करी करने वाले गिरोह लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। कभी सोना कार के गुप्त बॉक्स में छिपाया जा रहा है, कभी मशीनों के अंदर, तो कभी कैप्सूल और दूसरे सामानों में।

लेकिन इन मामलों में एक और बात सामने आई है—तस्करी केवल सीमा पार से सोना लाने तक सीमित नहीं है। इसे एयरपोर्ट, रेलवे और सड़क मार्ग के जरिए आगे पहुंचाने के लिए एक पूरी संगठित श्रृंखला काम कर सकती है।

DRI के अनुसार, खुफिया जानकारी और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय से की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य तस्करी की इस पूरी श्रृंखला को तोड़ना और देश में कीमती धातुओं की अवैध आवाजाही पर रोक लगाना है।

फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इन मामलों से जुड़े नेटवर्क की और परतें खुलने की संभावना है।