धनबाद: Dhanbad में भूली ओपी क्षेत्र के आजाद नगर में आग से झुलसने की घटना में गंभीर रूप से घायल महिला शहाना खातून की भी इलाज के दौरान मौत हो गयी। घटना के एक दिन पहले ही उसके 11 माह के मासूम बेटे फैजान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मां और बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मां-बेटे को जलाकर मारने का गंभीर आरोप लगाया है।

मृतका के पिता मो. गुलाम रसूल की शिकायत के आधार पर भूली ओपी पुलिस ने पति शाहनवाज हक उर्फ राजा, ससुर एनामुल हक और सास मुसरत निगार उर्फ बेबी के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला के पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

आग से झुलसने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

परिजनों के अनुसार, नौ सितंबर को दोपहर करीब 2:15 बजे शाहनवाज ने मायके पक्ष के लोगों को फोन कर सूचना दी कि शहाना और उसका 11 माह का बेटा फैजान आग से झुलस गये हैं। सूचना मिलते ही मायके के लोग अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में मां और बेटे दोनों की हालत गंभीर बतायी गयी।

परिजनों ने दोनों के बेहतर इलाज की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान पहले मासूम फैजान की मौत हो गयी। बेटे की मौत के अगले ही दिन शहाना ने भी जिंदगी की जंग हार दी। लगातार दो दिनों में मां और बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस ने बच्चे के शव को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया, जबकि शहाना के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद घटना के कारणों से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

नवंबर 2024 में हुई थी शहाना की शादी

मृतका के पिता मो. गुलाम रसूल ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि उनकी बेटी शहाना खातून की शादी नवंबर 2024 में शाहनवाज हक उर्फ राजा के साथ हुई थी। शादी के दौरान मायके पक्ष की ओर से ससुराल वालों को करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग चार लाख रुपये मूल्य के जेवर दिये गये थे।

पिता का आरोप है कि शादी में पर्याप्त दहेज देने के बावजूद शहाना के ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। कथित तौर पर उससे आठ लाख रुपये और दहेज के रूप में मांगे जा रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर शहाना को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाया गया है।

आठ लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांगने का आरोप

मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही शहाना पर अतिरिक्त दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। पिता गुलाम रसूल के अनुसार, ससुराल पक्ष की ओर से आठ लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गयी थी।

आरोप है कि रुपये नहीं देने पर शहाना को परेशान किया जाता था। इसी दौरान उसके पति द्वारा दूसरी शादी करने की धमकी दिये जाने की बात भी पिता ने पुलिस को बतायी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब शिकायत में लगाये गये आरोपों की जांच कर रही है।

विवाद के बाद पिता पहुंचे थे बेटी के ससुराल

गुलाम रसूल के मुताबिक, आठ सितंबर को शहाना की सास मुसरत निगार ने मायके में फोन कर बताया था कि मायके जाने की बात को लेकर घर में विवाद हुआ है। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान शाहनवाज ने शहाना को थप्पड़ मारा था।

सूचना मिलने के बाद गुलाम रसूल अपनी बेटी के ससुराल पहुंचे। पिता के अनुसार, उस समय शहाना ने उन्हें बताया कि उसका पति उसे छोड़कर दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा है। इसके बाद पिता ने बेटी और उसकी सास को समझाने का प्रयास किया।

बताया गया है कि परिवार के लोगों के समझाने के बाद शहाना ने ससुराल वालों से माफी भी मांगी थी। इसके बाद मामला शांत हो गया था। लेकिन अगले ही दिन शहाना और उसके मासूम बेटे के आग से झुलसने की सूचना मिलने से मायके पक्ष के लोग सकते में आ गये।

नौ सितंबर को मिली मां-बेटे के झुलसने की सूचना

परिजनों के अनुसार, नौ सितंबर की दोपहर करीब 2:15 बजे शाहनवाज ने मायके वालों को फोन करके शहाना और फैजान के आग से झुलसने की जानकारी दी। फोन पर सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल में मां और बेटे दोनों की हालत गंभीर थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। लेकिन 11 माह के मासूम फैजान की हालत नहीं संभल सकी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।

बेटे की मौत से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि अगले दिन शहाना की भी मौत हो गयी। मां और बेटे की लगातार मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मां के बाद मासूम बेटे ने भी तोड़ा दम

इस घटना में सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि महज 11 माह के फैजान ने अपनी मां के साथ आग से झुलसने के बाद दम तोड़ दिया। परिवार के लिए यह हादसा बेहद पीड़ादायक रहा।

इलाज के दौरान पहले बच्चे की मौत हुई और उसके एक दिन बाद शहाना ने भी दम तोड़ दिया। दोनों की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दहेज हत्या का मामला दर्ज

मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर भूली ओपी पुलिस ने पति शाहनवाज हक उर्फ राजा, ससुर एनामुल हक और सास मुसरत निगार उर्फ बेबी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में दहेज के लिए प्रताड़ना और मां-बेटे को जलाकर मारने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया तथा दोनों को जेल भेज दिया। वहीं, मामले में नामजद सास के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शहाना और उसके बेटे के आग से झुलसने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। घटना दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

मृतका के मायके पक्ष द्वारा लगाये गये दहेज प्रताड़ना के आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया महिला का शव

शहाना की मौत के बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, मृत बच्चे फैजान का शव पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया था।

घटना के बाद आजाद नगर इलाके में भी शोक का माहौल है। एक ओर जहां परिवार अपने 11 माह के बच्चे और महिला की मौत से सदमे में है, वहीं दूसरी ओर मामले में दहेज हत्या के आरोप लगने के बाद पुलिस जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।

जांच के बाद स्पष्ट होगा घटना का सच

मां-बेटे के आग से झुलसने और फिर दोनों की मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। मायके पक्ष ने जहां इसे दहेज की मांग से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाया है, वहीं पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल पति और ससुर की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। घटना की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।