जमशेदपुर: जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) की ओर से गुरुवार को Cleanliness ही सेवा–2026” अभियान का शुभारंभ किया गया। यह विशेष स्वच्छता अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देना, घरों से निकलने वाले कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण सुनिश्चित करना और लोगों में स्वच्छ व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
अभियान के तहत JNAC क्षेत्र में अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से आम लोगों को स्वच्छता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में अभियान की शुरुआत “Selfie with Source Segregation” पहल से की गई है। इसके माध्यम से नागरिकों को अपने घर में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
“स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान की अवधि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक निर्धारित की गई है। इस दौरान स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा।

JNAC का प्रयास है कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे नागरिकों की दैनिक आदत का हिस्सा बनाया जाए। इसके लिए घर से ही कचरे को अलग-अलग रखने और उचित तरीके से उसके निस्तारण को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
Selfie with Source Segregation से हुई शुरुआत
नगर आयुक्त योगेंद्र प्रसाद के निर्देशानुसार अभियान की शुरुआत “Selfie with Source Segregation” पहल के साथ की गई।
इस पहल के तहत नागरिकों को अपने घर में गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के बाद उसकी सेल्फी लेने और अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता अभियान से सीधे जोड़ना है, ताकि घर-घर में स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा मिल सके।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखना जरूरी
JNAC की ओर से नागरिकों को लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि घर से निकलने वाले कचरे को एक ही स्थान पर मिलाने के बजाय शुरुआत से ही अलग-अलग रखा जाए।
गीले कचरे में मुख्य रूप से भोजन के अवशेष, सब्जियों और फलों के छिलके जैसे जैविक कचरे को रखा जा सकता है, जबकि सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री शामिल होती है।
स्रोत पर कचरा अलग रखने से उसके संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
QR Code स्कैन कर ले सकते हैं हिस्सा
JNAC क्षेत्राधिकार में रहने वाले नागरिक अभियान में शामिल होने के लिए प्रेस विज्ञप्ति और प्रचार सामग्री में दिए गए QR Code को स्कैन कर सकते हैं।
QR Code स्कैन करने के बाद नागरिकों को मांगी गई आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसके बाद घर में स्रोत पर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करते हुए अपनी सेल्फी अपलोड करनी होगी।
इस पूरी प्रक्रिया के जरिए नागरिक डिजिटल माध्यम से भी स्वच्छता अभियान का हिस्सा बन सकेंगे।
पात्र परिवारों को मिलेगा Twin Bin
अभियान में भाग लेने वाले पात्र परिवारों को Twin Bin उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
Twin Bin मिलने से परिवारों के लिए स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण करना आसान होगा। JNAC का मानना है कि घर से निकलने वाले कचरे को शुरुआत में ही अलग रखने की आदत विकसित होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नागरिकों की भागीदारी पर जोर
स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए केवल नगर निकाय की गतिविधियां पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से JNAC की ओर से आम लोगों को अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने घरों में गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था करें और कचरा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही दें।
विशेष पदाधिकारी ने किया अभियान का शुभारंभ
“स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान का शुभारंभ विशेष पदाधिकारी Tarnish Kumar Hans द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभियान के उद्देश्यों तथा नागरिकों की भागीदारी को लेकर चर्चा की। मौके पर स्वच्छता से संबंधित पहल को आगे बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया गया।
JNAC के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विशेष पदाधिकारी Vishwajeet Mahto, अकाउंट ऑफिसर, सिटी मैनेजर, TSUISL की ओर से डॉ. आलोक, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सहित JNAC के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अभियान के दौरान नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और स्रोत पर कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Cleanliness व्यवहार को बढ़ावा देना उद्देश्य
अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य नागरिकों के बीच स्वच्छ व्यवहार को बढ़ावा देना है। अक्सर घरों में कचरा अलग-अलग नहीं रखा जाता, जिसके कारण गीला और सूखा कचरा एक साथ मिल जाता है।
इससे कचरे के उचित प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में परेशानी होती है। स्रोत पर कचरा पृथक्करण की आदत से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
JNAC का प्रयास है कि नागरिक अपने स्तर पर स्वच्छता की जिम्मेदारी समझें और रोजमर्रा के जीवन में स्वच्छ व्यवहार अपनाएं।
कचरा-मुक्त जमशेदपुर की दिशा में पहल
“स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान को शहर को स्वच्छ और कचरा-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि स्वच्छ शहर की शुरुआत प्रत्येक घर से होती है।
अगर परिवार स्तर पर ही कचरे को अलग-अलग रखा जाए और उसे उचित तरीके से नगर निकाय को दिया जाए, तो कचरा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
Cleanliness को आदत बनाने की अपील
JNAC ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अभियान की अवधि के दौरान ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से स्वच्छता नियमों का पालन करें।
घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग रखना, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकना और निर्धारित व्यवस्था के तहत कचरा देना स्वच्छ शहर के लिए जरूरी कदम हैं।
नागरिकों की छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत कर सकती हैं।
“सेल्फी लें, कचरा अलग करें और अभियान का हिस्सा बनें”
JNAC ने अभियान के लिए नागरिकों को सरल संदेश दिया है—“सेल्फी लें, स्रोत पर कचरा अलग करें और स्वच्छता ही सेवा अभियान का हिस्सा बनें।”
इस पहल के जरिए लोगों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के साथ-साथ स्रोत पर कचरा पृथक्करण की आदत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
नागरिकों से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील
JNAC ने जमशेदपुर क्षेत्र के नागरिकों से “स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। नागरिक QR Code के माध्यम से अभियान में शामिल होकर अपने घर में कचरा पृथक्करण की व्यवस्था की सेल्फी अपलोड कर सकते हैं।
अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा और इस दौरान नागरिकों की भागीदारी को स्वच्छता गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
JNAC का लक्ष्य है कि नागरिकों के सहयोग से जमशेदपुर को स्वच्छ, स्वस्थ और कचरा-मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम आगे बढ़ाए जाएं।




















