जमशेदपुर: हिंदी दिवस के अवसर पर Karim सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग की ओर से कॉलेज ऑडिटोरियम में स्वरचित हिंदी काव्य पठन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि, साहित्यिक चेतना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना रहा। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान कॉलेज ऑडिटोरियम में साहित्यिक और रचनात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से सामाजिक सरोकार, भावनाओं, जीवन के विभिन्न पहलुओं और अपने अनुभवों को अभिव्यक्त किया। स्वरचित कविता पाठ ने विद्यार्थियों को अपनी लेखन क्षमता के साथ-साथ मंच पर प्रस्तुति देने का भी अवसर प्रदान किया।

ओलिविया विश्वास ने किया कार्यक्रम का संचालन

कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग की सातवें सेमेस्टर की छात्रा ओलिविया विश्वास ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया और प्रतिभागियों को मंच पर आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और निर्णायक मंडल के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों ने बारी-बारी से अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। मंच संचालन के दौरान ओलिविया विश्वास ने कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज रहे उपस्थित

कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज उपस्थित रहे। उनके साथ जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।

प्राचार्य ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने हिंदी भाषा और कविता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विचारों, भावनाओं और संस्कृति को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्य और रचनात्मक लेखन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार कविता विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और विचारों को प्रभावी एवं संवेदनशील तरीके से व्यक्त करने का अवसर देती है।

निर्णायक मंडल में साहित्य और मीडिया क्षेत्र के विशेषज्ञ

प्रतियोगिता के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. मिथिलेश चौबे, उपन्यासकार एवं जेएसआर रिसर्च रिव्यू के संपादक, तथा अनामिका सिंह, वॉयस आर्टिस्ट और आरजे, उपस्थित रहीं।

दोनों निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना और कविता के विषय, भाव, भाषा, अभिव्यक्ति तथा प्रस्तुति जैसे विभिन्न पहलुओं के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ अनुभवी साहित्य एवं मीडिया विशेषज्ञों से सीखने का अवसर भी मिला।

14 विद्यार्थियों ने किया स्वरचित कविताओं का पाठ

स्वरचित हिंदी काव्य पठन प्रतियोगिता में कुल 14 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग विषयों पर अपनी स्वयं लिखी कविताओं का पाठ किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में विविधता देखने को मिली। किसी कविता में व्यक्तिगत भावनाओं को अभिव्यक्ति मिली, तो किसी रचना में सामाजिक और मानवीय विषयों को केंद्र में रखा गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।

स्वरचित कविता पाठ होने के कारण प्रतिभागियों के लिए यह प्रतियोगिता विशेष रही। उन्हें अपनी कल्पना और सोच को स्वयं शब्दों में ढालकर श्रोताओं के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

डॉ. मिथिलेश चौबे ने की प्रस्तुतियों की सारगर्भित समीक्षा

प्रतियोगिता के बाद निर्णायक डॉ. मिथिलेश चौबे ने प्रतिभागियों की कविताओं की सारगर्भित समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और कविता लेखन की प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

उन्होंने कविता लेखन में अंतर्दृष्टि और बाह्य दृष्टि के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक रचनाकार के लिए अपने भीतर की भावनाओं और विचारों को समझना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी अपने आसपास के समाज और परिस्थितियों को देखना और समझना भी है।

उनकी समीक्षा से विद्यार्थियों को कविता लेखन की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें लगातार लिखने और अपनी रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

अनामिका सिंह ने की प्रतिभागियों की सराहना

निर्णायक मंडल की सदस्य अनामिका सिंह ने भी सभी सहभागियों की स्वरचित कविताओं की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयास और मंच पर उनकी प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अपनी लिखी कविता को मंच पर प्रस्तुत करना स्वयं में एक महत्वपूर्ण अनुभव है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल को विकसित करने में सहायक होते हैं।

रोहित शर्मा ने हासिल किया प्रथम स्थान

प्रतियोगिता के घोषित परिणामों में इतिहास विभाग के रोहित शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी प्रस्तुति को निर्णायक मंडल द्वारा सराहा गया और उन्हें प्रतियोगिता का प्रथम विजेता घोषित किया गया।

गणित विभाग के रौनक रोशन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि भौतिक विभाग की प्रीति महंती और जीव विज्ञान विभाग की नेहा कुमारी ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।

सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। विजेताओं के नामों की घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका उत्साहवर्धन किया।

अन्य प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को भी मिली सराहना

प्रतियोगिता में कई अन्य विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं और निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया। सानिया सिद्दीकी (जीव विज्ञान विभाग), शाश्वत त्रिपाठी (हिंदी विभाग) और रंजना शॉ (जनसंचार विभाग) की प्रस्तुतियों ने भी खूब प्रशंसा बटोरी।

इसके अलावा कहकशां जबीं, शहंशाह खान, कुर्तुलु एन, जीनत परवीन, बापी पोद्दार, आयशा और इशा कालिंदी के प्रयासों की भी सराहना की गई। सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया।

विद्यार्थियों के लिए काव्य कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा

कार्यक्रम के अंत में जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के लिए एक विशेष काव्य कार्यशाला आयोजित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को कविता लेखन और प्रस्तुति शैली के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा।

काव्य कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कविता की संरचना, विषय चयन, भाषा एवं शब्दों के प्रभावी प्रयोग तथा मंच पर कविता प्रस्तुत करने की तकनीक के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा को और निखारने का अवसर मिलेगा।

हिंदी के प्रति विद्यार्थियों में बढ़ी रुचि

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह दिखाया कि हिंदी में रचनात्मक लेखन को लेकर युवा पीढ़ी में भी रुचि है।

कॉलेज में इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर साहित्यिक गतिविधियों में शामिल होने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं। विशेष रूप से जनसंचार के विद्यार्थियों के लिए भाषा, लेखन और प्रस्तुति कौशल का महत्व और भी अधिक है।

सामूहिक फोटोग्राफी के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों और उपस्थित सदस्यों के साथ सामूहिक फोटोग्राफी के साथ हुआ। इस अवसर पर जनसंचार विभाग के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित स्वरचित हिंदी काव्य पठन प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति, साहित्यिक सीख और मंचीय अनुभव का महत्वपूर्ण अवसर बनी। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं के जरिए हिंदी भाषा के प्रति अपनी रुचि और रचनात्मक सोच को सामने रखा। वहीं, आगामी काव्य कार्यशाला की घोषणा से विद्यार्थियों को अपनी साहित्यिक प्रतिभा को आगे विकसित करने का एक और अवसर मिलने की उम्मीद जगी है।