जमशेदपुर: NTTF आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान, गोलमुरी में देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा, भक्तिभाव और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थान में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर शिक्षक, कर्मचारी एवं संस्थान के अन्य सदस्य एकत्रित हुए और विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की।
विश्वकर्मा पूजा को लेकर संस्थान परिसर में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा की गई। इस दौरान संस्थान की सुख-समृद्धि, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सभी के कल्याण की कामना की गई।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पूजा-अर्चना
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर संस्थान के सभागार में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना संपन्न हुई। शिक्षकगण, कर्मचारी और संस्थान से जुड़े अन्य सदस्य पूजा में शामिल हुए।

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा के समक्ष पुष्प, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। पूरे वातावरण में धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा। उपस्थित लोगों ने भगवान विश्वकर्मा से संस्थान और उससे जुड़े सभी लोगों के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
तकनीकी संस्थान में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व
एनटीटीएफ आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ा संस्थान है। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा का यहां विशेष महत्व माना जाता है। भगवान विश्वकर्मा को वास्तुकला, शिल्पकला, निर्माण और तकनीकी कौशल का देवता माना जाता है।
तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए यह पर्व मेहनत, हुनर और सृजनशीलता के महत्व को याद करने का अवसर भी प्रदान करता है। विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से विद्यार्थियों और तकनीकी शिक्षा से जुड़े लोगों को अपने कौशल का बेहतर उपयोग करने तथा समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
पूजा-अर्चना के दौरान संस्थान के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष प्रार्थना की गई। संस्थान परिवार ने कामना की कि यहां अध्ययनरत विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा एवं कौशल के क्षेत्र में सफलता हासिल करें और भविष्य में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
भगवान विश्वकर्मा से विद्यार्थियों को मेहनत, लगन, अनुशासन और रचनात्मक सोच की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई। साथ ही शिक्षक एवं कर्मचारियों के स्वस्थ और सुखी जीवन की भी कामना की गई।
कौशल और सृजनशीलता का संदेश
विश्वकर्मा पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तकनीकी और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कौशल, मेहनत और सृजनशीलता का संदेश भी देती है। तकनीकी संस्थान में इस पर्व का आयोजन विद्यार्थियों को अपने हुनर को निखारने और नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के दौरान भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को याद करते हुए यह संदेश दिया गया कि किसी भी तकनीकी क्षेत्र में सफलता के लिए ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना जरूरी है।
संस्थान की प्रगति के लिए की गई प्रार्थना
पूजा के दौरान एनटीटीएफ आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान की निरंतर प्रगति और सफलता के लिए भी प्रार्थना की गई। संस्थान परिवार ने कामना की कि तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में संस्थान नई उपलब्धियां हासिल करता रहे।
साथ ही संस्थान से जुड़े विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे और सभी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करें।
पूजा के बाद बांटा गया प्रसाद
विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद उपस्थित सभी लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। शिक्षक, कर्मचारी और अन्य सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया।
इसके बाद सामूहिक भोज-प्रसाद का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान से जुड़े लोगों ने एक साथ भोजन किया और आपसी सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया।
पूरे परिसर में बना भक्तिमय माहौल
विश्वकर्मा पूजा के दौरान एनटीटीएफ परिसर में पूरे दिन भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। पूजा में शामिल शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक आस्था के साथ-साथ कार्यक्रम ने संस्थान परिवार को एक साथ आने और आपसी जुड़ाव मजबूत करने का अवसर भी दिया। सभी ने भगवान विश्वकर्मा से संस्थान की उन्नति और सभी के कल्याण की कामना की।
तकनीकी शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा संदेश
विश्वकर्मा पूजा के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया। वर्तमान समय में देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में कुशल युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में तकनीकी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किया जाए।
भगवान विश्वकर्मा को तकनीकी कौशल और निर्माण का प्रतीक माना जाता है। इसलिए यह पर्व विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और हुनर का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से आयोजन
एनटीटीएफ आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान, गोलमुरी में आयोजित विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। संस्थान परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शामिल सभी सदस्यों ने मिलकर पूजा को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न कराया। धार्मिक आयोजन के साथ सामूहिक भोज के माध्यम से भी सभी ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं।
संस्थान परिवार ने लिया प्रगति का संकल्प
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर संस्थान परिवार ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य जारी रखने की भावना व्यक्त की। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और कौशल से जोड़ने के साथ उन्हें जिम्मेदार और कुशल तकनीकी पेशेवर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने की बात कही गई।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान परिवार ने भगवान विश्वकर्मा से आशीर्वाद की कामना करते हुए प्रार्थना की कि संस्थान निरंतर प्रगति करे और यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अपने ज्ञान एवं कौशल के माध्यम से समाज और देश का नाम रोशन करें।
श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
इस प्रकार NTTF आर.डी. टाटा तकनीकी संस्थान, गोलमुरी में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन धार्मिक श्रद्धा, आपसी सौहार्द और उत्साह के वातावरण में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
पूरे आयोजन के दौरान संस्थान परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा। संस्थान परिवार ने भगवान विश्वकर्मा से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने तथा संस्थान को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ाने की प्रार्थना की।




















