जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक Saryu Roy ने मानगो नगर निगम में 55 योजनाओं की निविदा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की ओर से निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के नए दर निर्धारित किए जाने के बावजूद मानगो नगर निगम में पुराने शेड्युल ऑफ रेट (एसओआर) के आधार पर प्राक्कलन तैयार कर निविदा प्रकाशित की गई।

सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से इस निविदा को तत्काल रद्द करने और नए एसओआर के अनुसार प्राक्कलन तैयार कर दोबारा निविदा प्रकाशित करने की मांग की है। उनके बयान के अनुसार, इस निविदा में छोटी-बड़ी कुल 55 योजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत राशि 5,58,05,870 रुपये है।

मानगो नगर निगम की निविदा पर उठाया सवाल

Saryu Roy ने जारी बयान में कहा कि हाल में मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त के कार्यालय से छोटी-बड़ी 55 योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए निविदा प्रकाशित की गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण सवाल निविदा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए सामग्रियों के दर को लेकर है।

उनका कहना है कि जिस समय निविदा प्रकाशित की गई, उससे करीब पांच दिन पहले ही राज्य सरकार निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के दर में बदलाव कर चुकी थी। सरकार ने नया शेड्युल ऑफ रेट निर्धारित कर संबंधित कार्य विभागों को इसकी जानकारी भी दे दी थी।

इसके बावजूद, सरयू राय के अनुसार, मानगो नगर निगम ने पुराने दरों को आधार बनाकर ही योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया और उसी आधार पर निविदा प्रकाशित कर दी।

5.58 करोड़ रुपये से अधिक की 55 योजनाएं

Saryu Roy के अनुसार मानगो नगर निगम की ओर से प्रकाशित निविदा में कुल 55 छोटी-बड़ी योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं की कुल लागत 5 करोड़ 58 लाख 5 हजार 870 रुपये बताई गई है।

इतनी बड़ी राशि की योजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए एसओआर को लेकर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि जब सरकार ने नए दर लागू कर दिए थे, तो प्राक्कलन तैयार करते समय उन दरों को आधार बनाया जाना चाहिए था।

उनका कहना है कि नए एसओआर के लागू होने के बाद पुरानी दरों पर आधारित निविदा को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रद्द कर संशोधित दरों के आधार पर नई प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए थी।

नए एसओआर की जानकारी के बाद भी पुराना दर क्यों?

सरयू राय ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने निर्माण सामग्री के नए दर निर्धारित कर दिए थे और इसकी सूचना संबंधित विभागों तक पहुंच चुकी थी, तो मानगो नगर निगम के स्तर पर पुराने एसओआर के आधार पर प्राक्कलन कैसे तैयार हुआ।

उन्होंने कहा कि नए दर की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को पुराने प्राक्कलन की समीक्षा करनी चाहिए थी। यदि पुराने दर पर निविदा तैयार की जा चुकी थी तो उसे रद्द कर नए एसओआर के अनुरूप प्राक्कलन तैयार किया जाना चाहिए था।

सरयू राय ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सामग्री के दर में बदलाव की जानकारी मिलते ही मानगो नगर निगम के अधिकारी अपनी निविदा प्रक्रिया में आवश्यक सुधार करेंगे, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं किया गया।

पथ निर्माण विभाग का उदाहरण दिया

अपने आरोपों को स्पष्ट करने के लिए सरयू राय ने पथ निर्माण विभाग की प्रक्रिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि करीब पांच दिन पहले पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के कार्यालय से मानगो क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण सड़कों की मरम्मत के लिए पुराने दरों के आधार पर परिमाण विपत्र का मूल्य आकलित कर निविदा की गई थी।

Saryu Roy के मुताबिक, बाद में जब कार्यपालक अभियंता को जानकारी मिली कि सरकार ने निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के लिए नया दर निर्धारित कर दिया है, तो उन्होंने पुराने दर पर आधारित निविदा को रद्द कर दिया।

इसके बाद नए दर के अनुसार प्राक्कलन तैयार किया गया और दोबारा निविदा प्रकाशित की गई।

दोनों सड़कें भी मानगो क्षेत्र में होने का दावा

सरयू राय ने कहा कि पथ निर्माण विभाग की ओर से जिन दो सड़कों की निविदा रद्द कर नए एसओआर के आधार पर दोबारा प्रक्रिया अपनाई गई, वे भी मानगो नगर निगम क्षेत्र के अंदर ही आती हैं।

इसी आधार पर उन्होंने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब एक ही क्षेत्र में काम करने वाला पथ निर्माण विभाग नए एसओआर के आने के बाद पुराने दरों पर आधारित निविदा को रद्द कर सकता है, तो मानगो नगर निगम द्वारा ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने नगर निगम से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

पुराने टेंडर को रद्द करने की मांग

सरयू राय ने मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से स्पष्ट रूप से कहा कि पुराने सामग्रियों के दर पर तैयार की गई 55 योजनाओं की निविदा को रद्द किया जाए।

उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार की ओर से निर्धारित नए एसओआर के अनुसार सभी योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया जाना चाहिए और फिर से निविदा प्रकाशित की जानी चाहिए।

उनका कहना है कि इससे निविदा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान हो सकेगा और सरकारी नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

निविदा को अनियमित मानने की चेतावनी

Saryu Roy ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुराने दरों के आधार पर तैयार की गई निविदा को रद्द नहीं किया गया और नए दरों के अनुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई तो इस पर अनियमितता का सवाल उठ सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक इस निविदा के संबंध में सरकार को जानकारी देता है तो ऐसी स्थिति में निविदा की वैधता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।

उन्होंने मानगो नगर निगम से समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि बाद में निविदा प्रक्रिया विवाद में न फंसे।

जल्दबाजी में निविदा प्रकाशित करने का आरोप

सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि मानगो नगर निगम में निविदा तैयार करने और उसे प्रकाशित करने में जल्दबाजी की गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी है कि किस दबाव में निविदा तैयार कर आनन-फानन में प्रकाशित की गई।

हालांकि, उनके बयान में कथित दबाव को लेकर कोई विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस संबंध में मानगो नगर निगम का पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल

Saryu Roy ने अपने बयान में मानगो नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में अनियमित तरीके से काम करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और इसे कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। खासकर करोड़ों रुपये की लागत वाली योजनाओं की निविदा प्रक्रिया में सभी नियमों और निर्धारित दरों का पालन किया जाना चाहिए।

पारदर्शी निविदा प्रक्रिया की मांग

विधायक ने कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन होना आवश्यक है। नए एसओआर के लागू होने के बाद उसी के अनुरूप प्राक्कलन तैयार करना और निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ाना जरूरी है।

उनका कहना है कि यदि पुरानी दरों के आधार पर तैयार की गई निविदा को आगे बढ़ाया गया तो भविष्य में इसे लेकर आपत्ति या शिकायत की स्थिति पैदा हो सकती है।

इसीलिए उन्होंने मानगो नगर निगम से निविदा को रद्द कर नए एसओआर के आधार पर दोबारा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

अब नगर निगम के रुख पर नजर

55 योजनाओं और 5.58 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस निविदा को लेकर विधायक सरयू राय के सवालों के बाद अब मानगो नगर निगम के रुख पर नजर है। फिलहाल उपलब्ध बयान में नगर निगम की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मामले में आगे यदि नगर निगम की ओर से कोई स्पष्टीकरण या निविदा को लेकर निर्णय लिया जाता है तो उससे स्थिति और स्पष्ट होगी।

क्या है पूरा विवाद?

पूरे मामले का केंद्र शेड्युल ऑफ रेट यानी एसओआर में बदलाव और उसके बाद तैयार की गई निविदा है। सरयू राय का आरोप है कि सरकार द्वारा नए दर निर्धारित किए जाने के बावजूद मानगो नगर निगम ने पुराने दरों पर आधारित प्राक्कलन के आधार पर 55 योजनाओं की निविदा प्रकाशित कर दी।

वहीं, वे पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कह रहे हैं कि नए एसओआर की जानकारी मिलने के बाद पुराने दरों पर आधारित निविदा रद्द कर नए दरों के अनुसार दोबारा निविदा की गई।

इसी आधार पर उन्होंने मानगो नगर निगम से भी समान प्रक्रिया अपनाने और पुरानी निविदा रद्द कर नए एसओआर के आधार पर दोबारा निविदा प्रकाशित करने की मांग की है।

मानगो नगर निगम की 55 योजनाओं की निविदा को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार 5,58,05,870 रुपये की लागत वाली इन योजनाओं के प्राक्कलन में पुराने एसओआर का इस्तेमाल किया गया, जबकि सरकार नए दर निर्धारित कर चुकी थी।

सरयू राय ने इस निविदा को रद्द कर नए एसओआर के आधार पर प्राक्कलन तैयार करने और दोबारा निविदा प्रकाशित करने की मांग की है। उन्होंने इसे लेकर नगर निगम को चेतावनी भी दी है।