जमशेदपुर: Tatanagar रेलवे स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल के लिए एक महत्वपूर्ण विकास योजना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सांसद विद्युत वरण महतो के प्रयासों के बाद टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण को स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में सांसद को पत्र भेजकर योजना की मंजूरी से अवगत कराया गया है।

रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर, प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट सुमित कुमार द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में बताया गया है कि टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कुल 383.78 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस स्वीकृति के बाद टाटानगर रेलवे क्षेत्र में अत्याधुनिक रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लंबे समय से डिपो निर्माण के लिए प्रयासरत थे सांसद

टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण की मांग को लेकर सांसद विद्युत वरण महतो लंबे समय से प्रयासरत थे। उनके अनुसार, क्षेत्र में रेलवे की सुविधाओं के विस्तार और नई परियोजनाओं को लेकर उन्होंने लगातार रेलवे मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के समक्ष मांगें रखी हैं।

सांसद ने इस योजना को लेकर हाल में संपन्न हुए संसद सत्र के दौरान भी कई स्तर पर अधिकारियों से मुलाकात की। उनके अनुसार, उन्होंने वंदे भारत कोच डिपो के मुद्दे को लेकर लगभग चार बार रेलवे बोर्ड के निदेशक एवं वरीय पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात कर टाटानगर में इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति देने का आग्रह किया था।

लगातार प्रयासों के बाद अब रेलवे बोर्ड की ओर से स्वीकृति पत्र मिलने से इस योजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है।

383.78 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

रेलवे बोर्ड के स्वीकृति पत्र के अनुसार, टाटानगर में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण पर 383.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार के साथ उनके रखरखाव और तकनीकी जरूरतों के लिए आधुनिक मेंटेनेंस सुविधाओं की आवश्यकता भी बढ़ रही है।

टाटानगर जैसे महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र पर इस प्रकार की सुविधा विकसित होने से यहां आने वाली और संचालित होने वाली आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि परियोजना के निर्माण की समय-सीमा और विस्तृत तकनीकी स्वरूप की जानकारी आगे रेलवे की ओर से सामने आ सकती है।

Tatanagar में चार अतिरिक्त प्लेटफार्म का भी प्रस्ताव

वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो की मांग के साथ सांसद विद्युत वरण महतो ने टाटानगर रेलवे स्टेशन के विस्तार को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा है। उन्होंने Tatanagar में चार अतिरिक्त रेलवे प्लेटफार्म के निर्माण की मांग भी रखी है।

सांसद का कहना है कि टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में यात्री और रेल परिचालन से जुड़ी आवश्यकताओं को देखते हुए स्टेशन की आधारभूत संरचना को और मजबूत करने की जरूरत है। अतिरिक्त प्लेटफार्म बनने से भविष्य में ट्रेनों के परिचालन और स्टेशन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

इस प्रस्ताव को भी रेलवे बोर्ड के समक्ष रखा गया है और आने वाले समय में इस पर निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।

रेलवे से जुड़ी मांगों को पूरा कराने पर जोर

स्वीकृति पत्र मिलने के बाद सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि वे क्षेत्र की रेलवे संबंधी लगभग सभी प्रमुख मांगों को पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रेलवे से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को भी प्राथमिकता के साथ रेल मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा।

सांसद के अनुसार, टाटानगर और चक्रधरपुर रेल मंडल से जुड़े विकास कार्यों का सीधा प्रभाव क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। ऐसे में रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रधानमंत्री और रेल मंत्री के प्रति जताया आभार

वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो की स्वीकृति मिलने पर सांसद विद्युत वरण महतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक तथा चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने में रेलवे के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों का सहयोग रहा है। सांसद ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया।

Tatanagar रेलवे क्षेत्र में विकास को मिलेगी गति

सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण से टाटानगर रेलवे क्षेत्र में विकास की नई राह खुलेगी। उनके अनुसार, इतनी बड़ी लागत वाली परियोजना के आने से रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचना मजबूत होगी और क्षेत्र में नई गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

टाटानगर पहले से ही दक्षिण पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है। ऐसे में वंदे भारत कोचों के लिए मेंटेनेंस सुविधा विकसित होना रेलवे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के निर्माण के साथ रेलवे क्षेत्र में तकनीकी और परिचालन से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की संभावना भी बनेगी।

रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद

सांसद ने कहा कि कोच मेंटेनेंस डिपो के निर्माण से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण कार्य के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। वहीं, परियोजना के संचालन के बाद तकनीकी, रखरखाव और अन्य संबंधित गतिविधियों में रोजगार की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।

हालांकि रोजगार के वास्तविक अवसरों की संख्या और स्वरूप परियोजना के विस्तृत स्वरूप तथा रेलवे की नियुक्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा। सांसद ने इसे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से भी जोड़कर देखा है।

चक्रधरपुर रेल मंडल के विकास को भी लाभ

सांसद विद्युत वरण महतो ने वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो को चक्रधरपुर रेल मंडल के विकास से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि टाटानगर में इस प्रकार की महत्वपूर्ण रेल परियोजना आने से पूरे रेल मंडल की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।

वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं के विकास से रेल मंडल में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे आने वाले समय में रेलवे के अन्य विकास कार्यों के लिए भी आधार तैयार हो सकता है।

क्षेत्र की रेलवे परियोजनाओं पर बढ़ी उम्मीदें

वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो की स्वीकृति के बाद अब टाटानगर से जुड़ी अन्य रेलवे मांगों को लेकर भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इनमें चार अतिरिक्त प्लेटफार्म का प्रस्ताव प्रमुख है। सांसद ने संकेत दिया है कि वे रेलवे से जुड़े अन्य विषयों को भी प्राथमिकता के साथ रेल मंत्रालय के समक्ष उठाते रहेंगे।

Tatanagar में वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। 383.78 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना आगे किस समय-सीमा में धरातल पर उतरती है, इस पर अब लोगों की नजर रहेगी। परियोजना के निर्माण के साथ टाटानगर रेलवे क्षेत्र में आधुनिक रेल सुविधाओं, तकनीकी गतिविधियों और रोजगार से जुड़े नए अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।