जमशेदपुर: सोशल मीडिया के माध्यम से एक Woman को कथित रूप से प्रताड़ित एवं मानसिक रूप से परेशान किए जाने के मामले को लेकर जनता दल (यूनाइटेड), जमशेदपुर महानगर, पूर्वी सिंहभूम का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को सिटी एसपी से मिला। महानगर अध्यक्ष अजय कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच कराने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि महिला की ओर से लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करनी चाहिए। साथ ही, यदि जांच के दौरान आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में सोशल मीडिया पोस्ट, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कराने की मांग की।

Woman ने आत्महत्या का प्रयास किए जाने का लगाया आरोप

जदयू प्रतिनिधिमंडल ने सिटी एसपी को बताया कि पीड़िता के अनुसार गोपाल यादव नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से लगातार उसे परेशान एवं प्रताड़ित किया गया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, महिला ने इस कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस के समक्ष इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच केवल मौखिक आरोपों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए। पुलिस से यह भी अनुरोध किया गया कि महिला के बयान को गंभीरता से लेते हुए उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों का परीक्षण किया जाए।

सोशल मीडिया पोस्ट और चैट की जांच की मांग

मामले में जदयू प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से किए गए पोस्ट, संबंधित व्यक्ति और महिला के बीच हुई चैट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि आज के समय में सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली बातचीत और गतिविधियां किसी भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से आग्रह किया कि उपलब्ध डिजिटल सामग्री की सत्यता और संदर्भ की जांच विशेषज्ञ स्तर पर कराई जाए। साथ ही, यह भी पता लगाया जाए कि महिला को कथित तौर पर किस प्रकार परेशान किया गया और उसके पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

निष्पक्ष जांच को लेकर उठाया मुद्दा

प्रतिनिधिमंडल ने सिटी एसपी के समक्ष मामले की जांच को किसी भी प्रकार के प्रभाव या दबाव से मुक्त रखने की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कानून के अनुसार निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके।

जदयू नेताओं ने पुलिस से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान लिए जाएं और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता से कथित नजदीकी की भी जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि गोपाल यादव के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के करीबी होने की चर्चा है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में भी तथ्यों की जांच कराने की मांग की। उसका कहना है कि इस पहलू की भी पुलिस अपने स्तर से सत्यता जांचे और यह सुनिश्चित करे कि मामले की जांच पर किसी प्रकार का राजनीतिक, सामाजिक या अन्य प्रभाव न पड़े।

यह उल्लेख प्रतिनिधिमंडल की ओर से पुलिस के समक्ष रखे गए ज्ञापन और दावों का हिस्सा है। इसकी वास्तविकता का निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

अजय कुमार ने कहा- आरोप सही मिले तो हो कार्रवाई

जदयू जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि महिला के साथ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच करनी चाहिए और जांच के दौरान यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा और न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए। उनके अनुसार, मामले में किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए और जांच पूरी तरह तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

पीड़िता के बयान को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से पीड़िता के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, महिला ने जिस प्रकार की कथित प्रताड़ना की बात कही है, उसके संबंध में उसके पास मौजूद डिजिटल सामग्री और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए उनकी जांच की जानी चाहिए।

साथ ही, प्रतिनिधिमंडल ने मामले की परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध तथ्यों का सत्यापन किए जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे मामले की वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद मिल सकती है।

महिला सुरक्षा और डिजिटल उत्पीड़न का मुद्दा

इस मामले के माध्यम से जदयू प्रतिनिधिमंडल ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को परेशान किए जाने के मुद्दे को भी उठाया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल माध्यम से होने वाली प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के मामलों को भी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है।

यदि किसी महिला को सोशल मीडिया पोस्ट, संदेश, चैट या अन्य डिजिटल माध्यमों से लगातार परेशान किए जाने की शिकायत मिलती है, तो उसके मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना और उनकी जांच करना महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने इसी दृष्टिकोण से पुलिस से मामले की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया।

सिटी एसपी को सौंपा ज्ञापन

जदयू प्रतिनिधिमंडल ने सिटी एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि पीड़िता की सुरक्षा और उसके न्यायिक हितों को ध्यान में रखते हुए पुलिस आवश्यक कदम उठाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मामले की जांच में सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल जांच में सामने आए प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद

सिटी एसपी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जदयू जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष अजय कुमार के अलावा दीपक गौर, शेषनाथ पाठक, विनोद सिंह, लालू गौड़, अमृता मिश्रा, ऊषा यादव, प्रवीण सिंह, प्रेम सक्सेना, सुजीत झा, दिनेश सिंह, चंद्रा गणेश, विकास जी और दिलीप प्रजापति जी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग दोहराई।