जमशेदपुर: Jamshedpur पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर जमशेदपुर शहर के साथ-साथ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और आसपास के इलाकों से दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में बेचने का काम करता था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से गठित विशेष अनुसंधान दल यानी SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 25 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ और बरामदगी के आधार पर वाहन चोरी के इस नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

गुड़ाबांदा थाना कांड से शुरू हुई जांच

वाहन चोरी का यह मामला गुड़ाबांदा थाना कांड संख्या 14/2026 से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान पहले ही चोरी के 17 दोपहिया वाहन बरामद किए थे। साथ ही इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को वाहन चोरी के नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। पूछताछ में सामने आए तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।

इसके बाद मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश शुरू की गई और चोरी किए गए वाहनों की बरामदगी के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई।

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। टीम की अगुवाई डीएसपी मुसाबनी द्वारा की गई।

SIT ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मानवीय सूचना और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस ने संभावित ठिकानों और वाहन चोरी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे लोगों के बारे में सुराग मिले, जो चोरी के वाहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और उन्हें बेचने की कोशिश में शामिल बताए जा रहे थे।

कटकी मैदान के पास चोरी की बाइक बेचने की तैयारी

SIT को जांच के दौरान सूचना मिली कि मुसाबनी थाना क्षेत्र के कटकी मैदान के पास कुछ लोग चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बेचने की योजना बना रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने संभावित स्थान की घेराबंदी की और वहां मौजूद संदिग्धों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की।

मौके से पुलिस ने दो व्यक्तियों को चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को वाहन चोरी के नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।

पूछताछ में सामने आया वाहन चोरी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर बताया कि गिरोह के सदस्य जमशेदपुर शहर के अलावा आसपास के जिलों और अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल और स्कूटी चोरी करते थे।

चोरी के बाद इन वाहनों को तत्काल दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जाता था, ताकि पुलिस की नजर से बचाया जा सके। इसके बाद कथित तौर पर इन वाहनों को ग्रामीण इलाकों में ग्राहकों की तलाश कर बेचने की कोशिश की जाती थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और चोरी किए गए वाहनों को किन-किन इलाकों में खपाया जाता था।

आरोपियों की निशानदेही पर 8 और वाहन बरामद

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को चोरी के अन्य वाहनों के बारे में जानकारी मिली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 और मोटरसाइकिल एवं स्कूटी बरामद कीं। इससे वाहन चोरी के इस नेटवर्क का दायरा और बड़ा होने की संभावना सामने आई।

इस कार्रवाई के बाद मुसाबनी थाना में कांड संख्या 32/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस अब बरामद किए गए वाहनों के दस्तावेजों और उनके वास्तविक मालिकों की जानकारी जुटाने में लगी है।

अब तक 25 दोपहिया वाहन बरामद

पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई को जोड़कर देखें तो इस मामले में अब तक कुल 25 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए जा चुके हैं।

शुरुआती कार्रवाई में गुड़ाबांदा थाना कांड संख्या 14/2026 के तहत 17 वाहन बरामद किए गए थे। इसके बाद SIT की कार्रवाई में आरोपियों की निशानदेही पर 8 और वाहन बरामद हुए।

इस तरह पुलिस को वाहन चोरी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। बरामद वाहनों में मोटरसाइकिल के साथ-साथ स्कूटी भी शामिल हैं।

5 आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद की SIT जांच में दो अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके साथ ही वाहन चोरी की अन्य घटनाओं से भी इनके संबंधों की जानकारी जुटाई जा रही है।

सुखदेव लोहरा और तोता महली गिरफ्तार

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में सुखदेव लोहरा, उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी सेरंगबेड़ा, छोटा गोविंदपुर और तोता महली उर्फ टोपा महली, निवासी लाटिया डुंगरीडीह, मुसाबनी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक सुखदेव लोहरा के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ आदित्यपुर के RIT थाना और ओलीडीह ओपी में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

वहीं, तोता महली के खिलाफ इस मामले के अलावा किसी अन्य आपराधिक कांड का इतिहास पुलिस द्वारा नहीं बताया गया है।

आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इनमें एक Infinix कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और दूसरा Kechaoda कंपनी का की-पैड मोबाइल बताया गया है।

पुलिस इन मोबाइल फोन की भी जांच कर सकती है, ताकि आरोपियों के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों और वाहन चोरी से जुड़े संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

चोरी के वाहनों के असली मालिकों की होगी पहचान

पुलिस के सामने अब एक महत्वपूर्ण काम बरामद किए गए सभी वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान करना है। इसके लिए वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर समेत अन्य जरूरी विवरणों की जांच की जाएगी।

वाहनों की पहचान होने के बाद यह पता लगाया जाएगा कि वे किस थाना क्षेत्र से चोरी हुए थे और चोरी की घटना कब दर्ज हुई थी। इससे पुलिस को वाहन चोरी की पुरानी घटनाओं को इस गिरोह से जोड़ने में मदद मिल सकती है।

दूसरे जिलों में भी नेटवर्क की जांच

पूछताछ में जमशेदपुर के अलावा दूसरे जिलों के थाना क्षेत्रों से वाहन चोरी किए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ सकता है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह के सदस्य किन-किन इलाकों में सक्रिय थे।

साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए वाहनों को बेचने के लिए कौन-कौन से माध्यम अपनाए जाते थे और इसमें और कौन लोग शामिल थे।

अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अनुसंधान अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि वाहन चोरी के इस नेटवर्क में चोरी करने, वाहनों को छिपाने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और उन्हें बेचने के लिए अलग-अलग लोगों की भूमिका हो सकती है। ऐसे में जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि की जा रही है।

वाहन चोरी पर पुलिस की कार्रवाई तेज

जमशेदपुर और पूर्वी सिंहभूम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती रही हैं। ऐसे में 25 चोरी के वाहनों की बरामदगी और पांच आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

SIT की कार्रवाई से न केवल चोरी के वाहनों की बरामदगी हुई है, बल्कि कथित तौर पर वाहन चोरी और उसकी बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी पुलिस के सामने आई है।

पुलिस जांच से खुल सकते हैं कई और राज

इस मामले में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। बरामद वाहनों की पहचान, आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच, उनके संपर्कों की जानकारी और पूछताछ से वाहन चोरी की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और उनमें से कितने वाहनों को बेचने में सफलता मिली। साथ ही चोरी के वाहनों को खरीदने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

कुल मिलाकर, गुड़ाबांदा थाना क्षेत्र से शुरू हुई जांच अब वाहन चोरी के एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस द्वारा गठित SIT ने कार्रवाई करते हुए 25 बाइक और स्कूटी बरामद की हैं तथा कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। वहीं, बरामद वाहनों की पहचान के बाद उनके वास्तविक मालिकों को भी राहत मिलने की संभावना है। हालांकि मामले में गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के लिए पुलिस की आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।