जमशेदपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR 2026 की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में मतदाता सूची से संबंधित दावा एवं आपत्तियों की सुनवाई और उनके नियमानुसार निष्पादन के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था की गई है।

इसी सिलसिले में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने घाटशिला प्रखंड अंतर्गत विभिन्न निर्धारित दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, दावा-आपत्ति से संबंधित कार्यों तथा अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह भी उपस्थित रहीं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

SIR-2026 के तहत चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के तहत मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से SIR-2026 की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचक सूची में पात्र मतदाताओं का नाम सही रूप से दर्ज हो तथा मतदाताओं के नाम, पते और अन्य निर्वाचक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सुधारा जा सके।

इसके लिए मतदाताओं को दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

घाटशिला प्रखंड के विभिन्न सुनवाई स्थलों का निरीक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने घाटशिला प्रखंड अंतर्गत विभिन्न निर्धारित दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का दौरा किया।

उन्होंने मौके पर मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से वहां की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से यह जानकारी प्राप्त की कि:

  • कितने दावा एवं आपत्ति आवेदन प्राप्त हुए हैं।
  • प्राप्त आवेदनों का कितने मामलों में निष्पादन किया गया है।
  • लंबित मामलों की स्थिति क्या है।
  • मतदाताओं को आवेदन प्रक्रिया में किस प्रकार की सुविधा दी जा रही है।
  • संबंधित कर्मियों द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाताओं को दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

ईआरओ और एईआरओ से ली कार्य प्रगति की जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) तथा अन्य कर्मियों से सीधे संवाद किया।

उन्होंने दावा एवं आपत्ति से संबंधित प्राप्त आवेदनों तथा उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी ली।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध तरीके से उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

होम टू रोल वेरिफिकेशन का भी लिया जायजा

दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों के निरीक्षण के साथ-साथ जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने होम टू रोल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया का भी जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर मतदाताओं से संवाद किया और निर्वाचक सूची से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

मतदाताओं से बातचीत कर उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि निर्वाचक सूची में दर्ज विवरण वास्तविक स्थिति से कितना मेल खाता है तथा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी मतदाता को किसी प्रकार की समस्या तो नहीं हो रही है।

मतदाताओं से सीधे संवाद कर जानी वस्तुस्थिति

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान केवल अधिकारियों से जानकारी लेने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि क्षेत्र में मौजूद मतदाताओं से भी बातचीत की।

उन्होंने मतदाताओं से उनके नाम, निर्वाचक विवरण और सत्यापन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

इस दौरान मतदाताओं को यह भी बताया गया कि यदि उनके नाम अथवा परिवार के किसी सदस्य के नाम में कोई त्रुटि है या निर्वाचक सूची में दर्ज विवरण को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा अथवा आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

बीएलओ को निष्पक्ष और सही सत्यापन का निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित बीएलओ एवं पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।

उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता से संबंधित जानकारी का सही, निष्पक्ष और तथ्यात्मक सत्यापन हो।

किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

पात्र मतदाताओं को नहीं होनी चाहिए परेशानी

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि SIR-2026 की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में पात्र व्यक्ति को अनावश्यक कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

दावा एवं आपत्ति से संबंधित आवेदन प्राप्त होने के बाद उनका नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाना चाहिए।

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना SIR-2026 का उद्देश्य

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि SIR-2026 का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है।

मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इसमें दर्ज प्रत्येक पात्र मतदाता का विवरण सही होना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान प्राप्त दावे एवं आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाए और नियमों के अनुसार उनका समाधान किया जाए।

मतदाताओं से अपने नाम और विवरण की जांच करने की अपील

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे निर्वाचक सूची में अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें।

उन्होंने कहा कि मतदाता केवल अपने नाम की ही नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों के नाम और संबंधित विवरण की भी जांच करें।

यदि नाम, पता अथवा अन्य निर्वाचक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि मिलती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है।

दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए जागरूकता पर जोर

SIR-2026 की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए मतदाताओं में जागरूकता जरूरी है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

मतदाताओं को यह समझाया जाए कि यदि निर्वाचक सूची में किसी प्रकार की गलती या आपत्ति है तो वे निर्धारित सुनवाई स्थल पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में मदद मिलेगी।

समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दावा एवं आपत्ति से संबंधित मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्राप्त आवेदनों को लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मामले का नियमों के अनुरूप आवश्यक परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, पूरी प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों का उचित संधारण करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन की ओर से लगातार की जा रही निगरानी

SIR-2026 की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली जा रही है।

घाटशिला में जिला निर्वाचन पदाधिकारी का निरीक्षण भी इसी निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा रहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया सही तरीके से संचालित हो।

मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से सफल होगा SIR-2026

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सफल बनाने में प्रशासन के साथ-साथ आम मतदाताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

यदि प्रत्येक मतदाता अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम तथा निर्वाचक विवरण की जांच कर ले और किसी त्रुटि की स्थिति में समय पर दावा या आपत्ति दर्ज कराए, तो मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सकता है।

जिला प्रशासन की ओर से भी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने निर्वाचक विवरण की जांच अवश्य करें।

घाटशिला प्रखंड में SIR-2026 के तहत दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का निरीक्षण करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने अधिकारियों एवं कर्मियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने दावा-आपत्ति आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन, होम टू रोल वेरिफिकेशन में पारदर्शिता तथा प्रत्येक पात्र मतदाता के सही एवं निष्पक्ष सत्यापन पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान मतदाताओं से सीधे संवाद कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेना भी प्रशासन की सक्रिय निगरानी को दर्शाता है।

जिला प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि SIR-2026 के माध्यम से निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाए तथा किसी भी पात्र मतदाता को प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।