जमशेदपुर: Motilal नेहरू पब्लिक स्कूल, नॉर्दर्न टाउन के सभागार में वार्षिक अंग्रेजी वाग्मिता कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी भाषा प्रतिभा, रचनात्मकता तथा मंच पर प्रस्तुति देने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
विद्यालय की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ उनके सही उच्चारण, पठन, लेखन, अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और सार्वजनिक मंच पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता को मजबूत करना था।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग वर्गों में अपनी प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों में भाषा पर पकड़, उच्चारण की स्पष्टता, भाव-भंगिमा और आत्मविश्वास देखने को मिला।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलना उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर विद्यालय में भाषण, काव्य पाठ, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।
अंग्रेजी वाग्मिता प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के अंदर झिझक कम करने और सार्वजनिक रूप से बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञ निर्णायकों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के लिए विशेषज्ञों की निर्णायक मंडली भी मौजूद रही। सैक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की पूर्व छात्रा, तारापोर स्कूल में अंग्रेजी विषय की विशेषज्ञ और एडो वाइब्स की सीईओ स्वाती कंबोज ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
उनके साथ दयानंद पब्लिक स्कूल की कुमकुम भट्टाचार्या भी निर्णायक मंडली में शामिल रहीं।
विशेषज्ञ निर्णायकों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का विभिन्न मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। इसमें उच्चारण, भाषा की स्पष्टता, प्रस्तुति शैली, विषय की समझ, आत्मविश्वास और मंच पर अभिव्यक्ति जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अखिलेश दुबे, महासचिव लल्लन प्रसाद राय, प्राचार्या संगीता सिंह, उपप्राचार्या राखी मित्रा और एक्सीलेंस उपप्राचार्या बिन्दु आहूजा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना गया और उनकी प्रतिभा की सराहना की गई।
अलग-अलग कक्षाओं के लिए अलग प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिता को विद्यार्थियों की कक्षा और उम्र के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया था। इससे प्रत्येक स्तर के विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
कक्षा तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों के लिए सामूहिक काव्य पाठ आयोजित किया गया। वहीं कक्षा पांचवीं और छठी के विद्यार्थियों के लिए एकल काव्य पाठ की प्रतियोगिता रखी गई।
इसके अलावा कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों ने भी एकल काव्य पाठ में हिस्सा लिया। कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रस्तुति प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि वरिष्ठ वर्ग यानी कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए TED Talk का आयोजन किया गया।
कक्षा 3-4 में सामूहिक काव्य पाठ
कक्षा तीसरी और चौथी के विद्यार्थियों ने सामूहिक काव्य पाठ के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी। इस वर्ग में विद्यार्थियों ने समूह में तालमेल के साथ कविता प्रस्तुत की।
सामूहिक प्रस्तुति में केवल भाषा और उच्चारण ही नहीं, बल्कि टीमवर्क और आपसी समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ग में टाइटेनिया और पीकसी विजेता रहे।
कम उम्र के विद्यार्थियों को मंच पर प्रस्तुति देने का अवसर मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली।
कक्षा 5-6 में एकल काव्य पाठ
कक्षा पांचवीं और छठी के विद्यार्थियों के लिए एकल काव्य पाठ आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अकेले मंच पर आकर कविता प्रस्तुत की।
एकल प्रस्तुति के दौरान विद्यार्थियों को अपने उच्चारण, आवाज के उतार-चढ़ाव और भावों के माध्यम से कविता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना था।
इस वर्ग में आरख उपाध्याय, दृष्टि राज और शताक्षी तिवारी विजेता रहे। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।
कक्षा 7-8 में भी दिखी शानदार प्रतिभा
कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित एकल काव्य पाठ में भी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
इस आयु वर्ग के विद्यार्थियों ने कविता के भावों को अपनी आवाज और प्रस्तुति शैली के माध्यम से प्रभावी ढंग से सामने रखा। भाषा की स्पष्टता और मंच पर आत्मविश्वास उनकी प्रस्तुतियों में नजर आया।
इस श्रेणी में आराध्या स्मृष्टि, स्वास्तिक और शुभाश्री इन्द्र विजेता रहे।
कक्षा 9-10 के विद्यार्थियों ने दिया प्रभावी भाषण
कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रस्तुति प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस वर्ग के प्रतिभागियों को मंच पर अपने विचारों को प्रभावी और आत्मविश्वासपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
भाषण के दौरान विद्यार्थियों की भाषा, उच्चारण, विचारों की प्रस्तुति और मंच संचालन क्षमता का मूल्यांकन किया गया।
इस वर्ग में स्वर्णित शौचर्चा, सूजन श्री और आकृति कुमार विजेता रहे। विद्यार्थियों ने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से निर्णायकों की सराहना हासिल की।
11-12 के विद्यार्थियों ने किया TED Talk
वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों के लिए TED Talk का आयोजन प्रतियोगिता का विशेष आकर्षण रहा। कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने अपने विचारों को आधुनिक और प्रभावशाली प्रस्तुति शैली में सामने रखा।
TED Talk के माध्यम से विद्यार्थियों को किसी विषय पर अपनी सोच, विचार और दृष्टिकोण को श्रोताओं के सामने आत्मविश्वास के साथ रखने का अवसर मिला।
इस वर्ग में अरियाना उपाध्याय, प्रियाशु पात्रो और तनुश्री डे विजेता रहे।
अंग्रेजी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय की ओर से बताया गया कि इस प्रतियोगिता का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा के प्रति रुचि पैदा करना है। भाषा केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के संचार और अभिव्यक्ति कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कविता पाठ, भाषण और TED Talk जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को भाषा का व्यावहारिक इस्तेमाल करने का अवसर मिलता है। इससे वे केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय मंच पर अपनी बात रखना सीखते हैं।
आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल को मिलता है बढ़ावा
ऐसी प्रतियोगिताओं का सबसे बड़ा लाभ यह है कि विद्यार्थियों में मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ता है। कई बच्चे कक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सार्वजनिक रूप से बोलने में झिझकते हैं। इस तरह के कार्यक्रम उन्हें अपनी झिझक दूर करने का अवसर देते हैं।
नियमित रूप से मंचीय गतिविधियों में हिस्सा लेने से बच्चों में विचारों को व्यवस्थित करने, सही शब्दों का चयन करने और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने की क्षमता विकसित होती है।
शिक्षा और तकनीक के बीच बेहतर समन्वय का प्रयास
विद्यालय की ओर से यह भी बताया गया कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ शिक्षा और तकनीक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आधुनिक समय में विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यपुस्तक आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें संवाद, प्रस्तुति, तकनीकी समझ, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान जैसे कौशलों से भी परिचित कराना आवश्यक है।
इसी सोच के तहत विद्यालय में विभिन्न गतिविधियों को शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है।
प्राचार्या ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह
विद्यालय की प्राचार्या संगीता सिंह ने प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों के भाषा कौशल को मजबूत करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता को भी विकसित करती हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ ऐसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके अनुसार, मंच पर अपनी बात रखने का अभ्यास विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भी उपयोगी साबित होता है।
विद्यार्थियों के लिए सीखने का अवसर
अंग्रेजी वाग्मिता प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए केवल जीत और हार की प्रतियोगिता नहीं रही, बल्कि सीखने और अपनी कमियों को पहचानने का अवसर भी बनी। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपने स्तर के अनुसार प्रस्तुति दी और एक-दूसरे से भी सीखने का अवसर प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का मौका मिला कि भाषा सीखने के साथ उसका सही उच्चारण, प्रभावी प्रस्तुति और आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
Motilal नेहरू पब्लिक स्कूल, नॉर्दर्न टाउन में आयोजित वार्षिक अंग्रेजी वाग्मिता कला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कक्षा तीसरी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग श्रेणियों में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।
सामूहिक काव्य पाठ से लेकर एकल काव्य पाठ, भाषण प्रस्तुति और TED Talk तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा और मंचीय अभिव्यक्ति पर अपनी पकड़ दिखाई।
विद्यालय प्रबंधन, निर्णायक मंडली और शिक्षकों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के अंदर भाषा कौशल, आत्मविश्वास और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसी गतिविधियां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद करती हैं।




















