जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले Kalajhor में अवैध शराब के निर्माण, संचयन और बिक्री के खिलाफ उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एमजीएम थाना क्षेत्र के कालाझोर गांव में उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी की।
यह कार्रवाई जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन के निर्देश पर की गई। छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध शराब बनाने के लिए जमा करके रखे गए भारी मात्रा में कच्चे माल को बरामद कर नष्ट किया। मौके से तैयार अवैध शराब भी जब्त की गई।
उत्पाद विभाग की कार्रवाई के दौरान करीब 3,000 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया, जबकि 105 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

गुप्त सूचना और अभियान के तहत पहुंची उत्पाद विभाग की टीम
जिले में अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम को कालाझोर गांव में अवैध शराब निर्माण की सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर टीम ने क्षेत्र में छापेमारी की। टीम के गांव में पहुंचते ही अवैध शराब निर्माण में शामिल लोगों को कार्रवाई की भनक लग गई।
पुलिस एवं उत्पाद विभाग की टीम को देखकर मौके पर मौजूद लोग वहां से फरार हो गए। हालांकि टीम ने मौके पर मौजूद अवैध शराब निर्माण की सामग्री को बरामद कर लिया।
3000 किलो जावा महुआ किया गया नष्ट
छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग को भारी मात्रा में जावा महुआ मिला, जिसे अवैध शराब बनाने के लिए जमा करके रखा गया था।
विभागीय कार्रवाई के दौरान करीब 3,000 किलोग्राम जावा महुआ बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
इतनी बड़ी मात्रा में जावा महुआ की बरामदगी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध शराब निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गई थी।
जावा महुआ को नष्ट करने का उद्देश्य अवैध शराब निर्माण की प्रक्रिया को मौके पर ही रोकना था, ताकि इससे आगे शराब तैयार नहीं की जा सके।
105 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त
जावा महुआ के अलावा छापेमारी टीम ने मौके से 105 लीटर अवैध चुलाई शराब भी बरामद की।
बरामद शराब को विभागीय कार्रवाई के तहत जब्त कर लिया गया। उत्पाद विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि शराब का निर्माण कहां और किस तरीके से किया जा रहा था तथा इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
भारी मात्रा में कच्चा माल और तैयार शराब मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही फरार हुए आरोपी
उत्पाद विभाग की टीम के कालाझोर गांव पहुंचने के बाद अवैध शराब निर्माण में शामिल लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
विभाग के अनुसार, कार्रवाई की भनक लगते ही मौके पर मौजूद लोग वहां से फरार हो गए। टीम ने फरार लोगों की पहचान और उनके ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मौके से बरामद सामग्री के आधार पर अब संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गुनोधर महतो एवं अन्य के खिलाफ कार्रवाई
मामले में गुनोधर महतो एवं अन्य संदिग्ध अभियुक्तों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत फरार अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
विभाग द्वारा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध शराब निर्माण में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे आवश्यक कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब भट्टियों पर विशेष नजर
पूर्वी सिंहभूम जिले में अवैध शराब का निर्माण और कारोबार रोकना प्रशासन के लिए लगातार एक महत्वपूर्ण चुनौती रहा है।
विशेष रूप से ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में कई स्थानों पर अवैध रूप से शराब बनाने की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में अवैध शराब की भट्टियां संचालित किए जाने की आशंका को देखते हुए उत्पाद विभाग द्वारा निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रशासन अब ऐसे स्थानों पर लगातार छापेमारी अभियान चलाने की तैयारी में है।
अवैध शराब निर्माण की सामग्री पर भी कार्रवाई
प्रशासन की रणनीति केवल तैयार अवैध शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी नष्ट किया जा रहा है।
जावा महुआ जैसी कच्ची सामग्री को बड़ी मात्रा में नष्ट करने से अवैध शराब निर्माण की प्रक्रिया को शुरुआती स्तर पर ही रोकने में मदद मिलती है।
कालाझोर में हुई कार्रवाई में भी विभाग ने इसी रणनीति के तहत भारी मात्रा में जावा महुआ को नष्ट किया।
उपायुक्त के निर्देश पर लगातार चल रहा अभियान
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अवैध शराब के निर्माण, संचयन और बिक्री में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासन का प्रयास है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।
अवैध शराब से जुड़े नेटवर्क की जांच जरूरी
अवैध शराब का कारोबार केवल शराब बनाने तक सीमित नहीं रहता। इसके पीछे कच्चे माल की व्यवस्था, निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े लोगों का नेटवर्क होने की संभावना रहती है।
ऐसे में कालाझोर में हुई कार्रवाई के बाद विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती भी है कि बरामद 105 लीटर शराब कहां सप्लाई की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
विभागीय जांच के दौरान इन सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
प्रशासन ने ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में अवैध शराब निर्माण की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
ऐसे क्षेत्रों में जहां शराब निर्माण की शिकायतें मिलती हैं, वहां टीम द्वारा अचानक छापेमारी की जा सकती है। इससे अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
कालाझोर में हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि जिले में इस तरह की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक ही छापेमारी में 3,000 किलो जावा महुआ नष्ट होना और 105 लीटर अवैध शराब की बरामदगी कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाती है।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब निर्माण या कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रह सकता है छापेमारी अभियान
कालाझोर में कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग की नजर अब जिले के अन्य संवेदनशील इलाकों पर भी है।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार अवैध शराब के निर्माण एवं कारोबार के खिलाफ छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।
विभाग द्वारा संदिग्ध स्थानों की निगरानी के साथ-साथ सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।
एमजीएम थाना क्षेत्र के कालाझोर गांव में उत्पाद विभाग की कार्रवाई ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को एक बार फिर सामने ला दिया है।
उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर की गई छापेमारी में करीब 3,000 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट किया गया और 105 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद की गई।
कार्रवाई के दौरान अवैध शराब निर्माण में शामिल लोग मौके से फरार हो गए। मामले में गुनोधर महतो एवं अन्य संदिग्ध अभियुक्तों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत फरार अभियोग दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने जिले में अवैध शराब के निर्माण, संचयन और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अभियान को लगातार जारी रखने का निर्देश दिया है। ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ अवैध शराब की भट्टियों तथा निर्माण सामग्री के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
आने वाले दिनों में भी ऐसे क्षेत्रों में छापेमारी तेज होने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।




















