मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपराध और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है आरोपी बताए जा रहे शूटर Ravish ने फरार रहने के बजाय खुद पुलिस के सामने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। खास बात यह रही कि रवीश सामान्य तरीके से पुलिस के सामने नहीं पहुंचा, बल्कि हाथ में एक तख्ती लेकर SSP ऑफिस पहुंचा और अपनी गिरफ्तारी दी।
आरोपी ने कैमरे के सामने अपनी सरेंडर करने की वजह बताते हुए दावा किया कि उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तारी के दौरान उसके पैर में गोली मार सकती है। इसी आशंका के चलते उसने पुलिस से भागने या छिपने के बजाय खुद ही अधिकारियों के सामने पहुंचने का फैसला किया।
हाथ में तख्ती लेकर SSP ऑफिस पहुंचा रवीश
मेरठ में रवीश के सरेंडर करने का तरीका चर्चा का विषय बन गया। आरोपी हाथ में तख्ती लेकर SSP कार्यालय पहुंचा। वहां उसने पुलिस अधिकारियों के सामने खुद को पेश किया और अपनी गिरफ्तारी दी।

आमतौर पर पुलिस से बचने के लिए आरोपी फरार रहते हैं और उनकी तलाश में पुलिस टीम छापेमारी करती है। लेकिन इस मामले में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। आरोपी खुद ही पुलिस के सामने पहुंच गया। हाथ में तख्ती लेकर उसके SSP ऑफिस पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
रवीश ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी गिरफ्तारी दी और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमले का है आरोप
पुलिस के अनुसार, रवीश पर मेरठ में एक स्क्रैप कारोबारी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी होने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी और आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि इसी मामले में रवीश का नाम सामने आया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसके फरार रहने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, बाद में उसने खुद पुलिस के सामने पहुंचने का फैसला किया।
मामले में पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर घटना के पीछे की पूरी कहानी और उसकी कथित भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस पैर में गोली मार सकती है’
सरेंडर करने के बाद रवीश ने कैमरे पर अपनी गिरफ्तारी को लेकर अपनी बात रखी। आरोपी ने दावा किया कि उसे डर था कि अगर पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए पकड़ती है तो उसके पैर में गोली मार सकती है।
उसके इसी कथित डर ने उसे पुलिस के सामने खुद पहुंचने के लिए मजबूर किया। आरोपी के अनुसार, उसे आशंका थी कि फरार रहने या पुलिस द्वारा पकड़े जाने की स्थिति में उसके साथ एनकाउंटर जैसी कार्रवाई हो सकती है।
इसी वजह से उसने खुद SSP ऑफिस पहुंचकर सरेंडर करना बेहतर समझा।
एनकाउंटर को लेकर आरोपी ने जताई आशंका
उत्तर प्रदेश में पुलिस एनकाउंटर की घटनाएं समय-समय पर चर्चा में रहती हैं। ऐसे में रवीश द्वारा गिरफ्तारी से पहले ही एनकाउंटर का डर जताना भी इस मामले को अलग बनाता है।
आरोपी ने अपनी बात रखते हुए कथित तौर पर कहा कि उसे डर था कि पुलिस उसे पकड़ने के दौरान पैर में गोली मार सकती है। हालांकि, आरोपी द्वारा कही गई बात उसके अपने दावे हैं और पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई या भविष्य में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यह जांच का विषय है।
रवीश के सरेंडर करने के बाद अब पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ा रही है।
फरार रहने के बजाय खुद गिरफ्तारी देने का फैसला
किसी आपराधिक मामले में आरोपी का खुद पुलिस के सामने पहुंचकर सरेंडर करना सामान्य घटनाओं से अलग माना जाता है। इस मामले में रवीश ने भी पुलिस से बचने के लिए लंबे समय तक फरार रहने के बजाय अधिकारियों के सामने पहुंचने का फैसला किया।
आरोपी के मुताबिक, उसके मन में पुलिस कार्रवाई को लेकर डर था। उसे आशंका थी कि अगर पुलिस टीम उसे पकड़ती है तो उसके पैर में गोली मारी जा सकती है। इसलिए उसने सीधे SSP कार्यालय पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले करना उचित समझा।
तख्ती लेकर पहुंचने से बढ़ी चर्चा
रवीश के हाथ में तख्ती लेकर SSP ऑफिस पहुंचने की तस्वीर ने इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। तख्ती लेकर किसी आरोपी का पुलिस कार्यालय पहुंचना लोगों के लिए भी असामान्य दृश्य था।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा होने लगी। लोग इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि एक आरोपी पुलिस से बचने के बजाय खुद ही पुलिस के सामने पहुंच गया।
हालांकि, मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अब पूछताछ के जरिए जुटाएगी जानकारी
रवीश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब मामले की पूरी कड़ी जोड़ने की चुनौती है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास करेगी कि स्क्रैप कारोबारी पर कथित हमले की योजना कैसे बनाई गई थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।
इसके अलावा पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार, हमले के पीछे की वजह और आरोपी के अन्य संभावित संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आरोपी के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं और क्या उसका संबंध किसी आपराधिक गिरोह से है।
हमले के पीछे की वजह भी जांच का हिस्सा
स्क्रैप कारोबारी पर कथित जानलेवा हमले के पीछे क्या कारण था, यह भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। किसी विवाद, आर्थिक लेन-देन, कारोबारी रंजिश या किसी अन्य कारण से हमला किया गया था या नहीं, इसका पता पूछताछ और जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस आरोपी के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को मिलाकर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी।
आरोपी के दावे की भी होगी जांच
रवीश ने कैमरे पर एनकाउंटर के डर की बात कही है। हालांकि, उसके इस दावे की वास्तविकता और इसके पीछे की परिस्थितियों की भी जांच जरूरी होगी। पुलिस की कार्रवाई किस आधार पर हुई और आरोपी को लेकर पुलिस के पास क्या जानकारी थी, यह भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
आरोपी द्वारा लगाए गए किसी भी दावे को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
मेरठ में चर्चा का विषय बनी घटना
मेरठ में शूटर रवीश के इस तरह SSP कार्यालय पहुंचकर सरेंडर करने की घटना फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ जहां उस पर स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमले में शामिल होने का आरोप है, वहीं दूसरी तरफ उसका खुद पुलिस के सामने पहुंचना और एनकाउंटर के डर की बात कहना भी लोगों के बीच चर्चा का कारण बन गया है।
हाथ में तख्ती लेकर SSP ऑफिस पहुंचने का तरीका भी इस पूरे मामले को सामान्य गिरफ्तारी से अलग बनाता है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल रवीश पुलिस की हिरासत में है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि स्क्रैप कारोबारी पर कथित हमले में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और इस घटना में उसके साथ और कौन लोग शामिल थे।
जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
मेरठ में स्क्रैप कारोबारी पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी बताए जा रहे शूटर रवीश का हाथ में तख्ती लेकर SSP ऑफिस पहुंचकर सरेंडर करना चर्चा का विषय बन गया है। आरोपी ने कैमरे पर दावा किया कि उसे डर था कि पुलिस गिरफ्तारी के दौरान उसके पैर में गोली मार सकती है। इसी डर के कारण उसने फरार रहने के बजाय खुद पुलिस के सामने पहुंचना बेहतर समझा।
अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर हमले की पूरी साजिश, उसकी भूमिका और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। साथ ही आरोपी द्वारा एनकाउंटर के डर को लेकर किए गए दावे की परिस्थितियों को भी जांच के दौरान देखा जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।




















