सरायकेला: Adityapur स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को अत्याधुनिक कैथ लैब का शुभारंभ किया गया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया। कैथ लैब के शुरू होने से आदित्यपुर, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र के हृदय रोगियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक कार्डियक उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नई कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर प्रत्यारोपण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं की जा सकेंगी। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
राज्यपाल ने कहा- आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार समय की जरूरत
कैथ लैब के उद्घाटन के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे का विस्तार वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हृदय रोग जैसी गंभीर और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसी स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना जरूरी होता है।
राज्यपाल ने कैथ लैब की स्थापना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्थान द्वारा चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कोल्हान के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा उपचार
कैथ लैब शुरू होने से कोल्हान क्षेत्र के हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं के लिए मरीजों को हर बार दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आदित्यपुर और जमशेदपुर के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। विशेष रूप से आपातकालीन स्थिति में स्थानीय स्तर पर कार्डियक सुविधा उपलब्ध होना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
एंजियोग्राफी से एंजियोप्लास्टी तक की सुविधा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नई कैथ लैब में हृदय की धमनियों की जांच के लिए एंजियोग्राफी की सुविधा उपलब्ध होगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों की अवरुद्ध धमनियों को खोलने के लिए एंजियोप्लास्टी भी की जा सकेगी।
इसके अलावा पेसमेकर प्रत्यारोपण जैसी महत्वपूर्ण कार्डियक प्रक्रियाएं भी यहां किए जाने की व्यवस्था की गई है।
इससे हृदय रोग से संबंधित जांच और उपचार के लिए मरीजों को एक ही चिकित्सा परिसर में अधिक व्यापक सुविधा मिलने की संभावना है।
डिजिटल फ्लैट पैनल तकनीक से लैस है कैथ लैब
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कैथ लैब को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसमें डिजिटल फ्लैट पैनल सिस्टम लगाया गया है।
इस तकनीक के माध्यम से हाई-डेफिनिशन इमेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल के अनुसार, न्यूनतम रेडिएशन के साथ बेहतर इमेजिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
आधुनिक उपकरणों की मदद से चिकित्सकों को हृदय की रक्त वाहिकाओं की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने और उपचार की प्रक्रिया तय करने में मदद मिल सकती है।
हार्ट अटैक के मरीजों के लिए प्राइमरी एंजियोप्लास्टी
नई कैथ लैब में हार्ट अटैक के गंभीर मामलों के लिए प्राइमरी एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
हार्ट अटैक के मामलों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मरीजों को जल्द चिकित्सा सुविधा मिलने से उपचार की प्रक्रिया तेजी से शुरू की जा सकती है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि गंभीर मामलों में मरीजों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
24 घंटे आपातकालीन सेवा पर जोर
अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा उपलब्ध होने की बात प्रबंधन की ओर से कही गई है। कैथ लैब के संचालन के साथ आपातकालीन कार्डियक सेवाओं को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
अस्पताल के अनुसार, अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की टीम मरीजों के उपचार में अपनी भूमिका निभाएगी। विशेष रूप से हार्ट अटैक जैसी आपातकालीन स्थिति में मरीज को जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
मदन मोहन सिंह बोले- महानगर जाने की जरूरत होगी कम
संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक आधुनिक, उच्चस्तरीय और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि कैथ लैब शुरू होने से इस उद्देश्य को और मजबूती मिली है। उनके अनुसार, हृदय रोगियों को कई महत्वपूर्ण जांच और प्रक्रियाओं के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे महानगरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान का प्रयास जटिल हृदय रोगों की जांच और उपचार को किफायती दरों पर उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण और शहरी दोनों मरीजों को लाभ
कैथ लैब की सुविधा का लाभ केवल शहरी क्षेत्र के मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा। आदित्यपुर और जमशेदपुर के अलावा सरायकेला-खरसावां तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीज भी यहां उपचार करा सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय रोगियों को अक्सर विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर आधुनिक कार्डियक सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिवारों के समय तथा यात्रा से जुड़े खर्च में कमी आने की उम्मीद है।
आने वाले समय में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने की योजना
मदन मोहन सिंह ने कहा कि संस्थान आने वाले समय में अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
संस्थान का लक्ष्य एक ऐसा चिकित्सा परिसर विकसित करना है, जहां मरीजों को अलग-अलग गंभीर बीमारियों के लिए व्यापक उपचार एक ही स्थान पर मिल सके।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा।
2024 में हुई थी मेडिकल कॉलेज की स्थापना
उल्लेखनीय है कि आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना वर्ष 2024 में हुई थी।
संस्थान के अनुसार, वर्ष 2025 में मेडिकल कॉलेज को 100 MBBS सीटों के साथ अनुमति मिली थी। इसके बाद वर्ष 2026 में MBBS सीटों की संख्या बढ़कर 200 हो गई है।
मेडिकल शिक्षा के साथ अस्पताल में लगातार चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
800 से अधिक बेड की क्षमता
संस्थान के अनुसार, अस्पताल में 800 से अधिक बेड की क्षमता है। यहां सामान्य चिकित्सा सेवाओं के साथ गंभीर मरीजों के लिए कई क्रिटिकल केयर सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा के अलावा ICU, ICCU, NICU और PICU जैसी सुविधाएं संचालित होने की जानकारी दी गई है।
इन सुविधाओं के साथ कैथ लैब के शुरू होने से अस्पताल की गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है।
आयुष्मान योजना से भी सूचीबद्ध अस्पताल
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी सूचीबद्ध है।
इससे पात्र मरीजों को योजना के प्रावधानों के अनुसार उपचार की सुविधा मिल सकती है। प्रबंधन का कहना है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
हृदय रोगियों के लिए महत्वपूर्ण कदम
कैथ लैब की शुरुआत को संस्थान के स्वास्थ्य सेवा विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हृदय रोग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की सुविधा अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से क्षेत्र के मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से हार्ट अटैक के मामलों में समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
कोल्हान में कार्डियक सेवाओं को मिलेगी मजबूती
आदित्यपुर में अत्याधुनिक कैथ लैब की शुरुआत से कोल्हान क्षेत्र में कार्डियक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जमशेदपुर, आदित्यपुर और सरायकेला-खरसावां के अलावा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है। इससे गंभीर हृदय रोगियों के लिए स्थानीय स्तर पर जांच और उपचार की सुविधाएं बढ़ेंगी।
चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का एक साथ विस्तार
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक तरफ MBBS सीटों की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।
कैथ लैब के शुरू होने से मेडिकल छात्रों को भी आधुनिक कार्डियक चिकित्सा प्रक्रियाओं के बारे में व्यावहारिक अनुभव मिलने की संभावना है। इससे चिकित्सा शिक्षा और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिल सकती है।
समय पर इलाज मिलने की उम्मीद
हृदय संबंधी आपातकालीन मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक होता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर कैथ लैब और कार्डियक विशेषज्ञों की उपलब्धता मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि विशेष रूप से हार्ट अटैक के मरीजों को जल्द उपचार देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में नई शुरुआत
Adityapur में अत्याधुनिक कैथ लैब का उद्घाटन क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे कोल्हान के हृदय रोगियों को आधुनिक जांच और उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।




















