जमशेदपुर: Mango थाना क्षेत्र में एक महिला को बंधक बनाकर उसके पहने हुए सोने के आभूषण लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने महिला के फ्लैट में प्रवेश करने के लिए खुद को एसआईआर कर्मी बताया था। घर के अंदर पहुंचने के बाद आरोपियों ने महिला को बंधक बनाया और उसके शरीर पर पहने हुए सोने के आभूषण लूट लिए।
मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने को पिघलाकर तैयार किए गए करीब 20 ग्राम के चपटे गोलाकार टुकड़े बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने और लूटे गए आभूषणों को आसानी से बेचने के उद्देश्य से सोने को पिघला दिया था।
31 अगस्त को हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार, यह घटना 31 अगस्त 2026 को मानगो थाना क्षेत्र के गोविंद ब्लॉक, रोड नंबर-15 स्थित श्रीकृष्ण उद्यान कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में हुई थी। घटना के समय महिला अपने फ्लैट में मौजूद थीं। इसी दौरान आरोपी कथित तौर पर एसआईआर कर्मी बनकर वहां पहुंचे।

आरोपियों ने अपनी पहचान और आने का कारण बताकर महिला के फ्लैट में प्रवेश किया। घर के अंदर पहुंचने के बाद उन्होंने महिला को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद महिला को बंधक बनाकर उसके पहने हुए सोने के आभूषण छीन लिए गए।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
पीड़िता के आवेदन पर दर्ज हुआ मामला
घटना के संबंध में पीड़िता लिलावती अम्मा के लिखित आवेदन के आधार पर मानगो थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। महिला को बंधक बनाकर घर में लूट की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों से उपलब्ध जानकारी जुटाने के साथ ही तकनीकी जांच को भी आगे बढ़ाया।
तकनीकी जांच और मानवीय सूचना से पुलिस को मिली सफलता
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मानवीय सूचना तंत्र का भी सहारा लिया। संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उनसे जुड़े संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को मामले में शामिल आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर लूटे गए सोने से संबंधित सामग्री बरामद की।
चार आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले में जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान राकेश बहादुर उर्फ राकू, अभिषेक कुमार दास, तबस्सुम खातून और समरेश पॉल उर्फ नान्टू पॉल के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, राकेश बहादुर उर्फ राकू की उम्र करीब 45 वर्ष, अभिषेक कुमार दास की उम्र करीब 26 वर्ष, तबस्सुम खातून की उम्र करीब 35 वर्ष और समरेश पॉल उर्फ नान्टू पॉल की उम्र करीब 48 वर्ष है।
चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना को किस तरह अंजाम देने की योजना बनाई गई थी और वारदात में उनकी क्या-क्या भूमिका थी।
गिरफ्तार आरोपियों में कई के खिलाफ पहले से मामले
पुलिस जांच में यह भी जानकारी सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, राकेश बहादुर उर्फ राकू के खिलाफ बागबेड़ा और जुगसलाई थाना क्षेत्रों में पहले से लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज हैं।
इसी तरह अभिषेक कुमार दास के खिलाफ सिदगोड़ा थाना में पूर्व का मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं समरेश पॉल उर्फ नान्टू पॉल के खिलाफ परसुडीह थाना क्षेत्र में भी पहले से मामला दर्ज बताया गया है।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरफ्तार आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
लूटे गए सोने को पिघलाकर बदल दिया था स्वरूप
मामले की जांच में पुलिस को एक महत्वपूर्ण जानकारी यह मिली कि आरोपियों ने लूटे गए सोने के आभूषणों को उनके मूल स्वरूप में नहीं रखा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सोने को पिघला दिया था।
लूटे गए आभूषणों को पिघलाने के बाद उसे चपटे गोलाकार टुकड़ों का रूप दिया गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 20 ग्राम सोना इसी बदले हुए स्वरूप में बरामद किया।
जांच एजेंसियों के लिए यह बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे लूटे गए आभूषणों की पहचान और मामले में आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े साक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पहचान छिपाने के लिए अपनाया था तरीका
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूट के बाद आभूषणों को पिघलाने का उद्देश्य उनकी पहचान को मुश्किल बनाना हो सकता है। सोने के आभूषणों को उसी स्वरूप में रखने पर उन्हें पहचानना या उनके बारे में जानकारी जुटाना अपेक्षाकृत आसान होता है।
इसी कारण आरोपियों ने कथित तौर पर सोने को पिघलाकर उसका स्वरूप बदल दिया। हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सोना कहां और किसकी मदद से पिघलाया गया था तथा इस प्रक्रिया में गिरोह के और कौन-कौन लोग शामिल थे।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस की जांच समाप्त नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस वारदात में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
इसके साथ ही पुलिस आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि क्या उन्होंने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। यदि पूछताछ और तकनीकी जांच में कोई नया सुराग मिलता है, तो पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
अन्य घटनाओं से जुड़ाव की भी हो रही जांच
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का जमशेदपुर या आसपास के इलाकों में हुई अन्य लूट और चोरी की घटनाओं से कोई संबंध है या नहीं। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने के साथ-साथ उनके संपर्क में रहने वाले लोगों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने एसआईआर कर्मी बनकर महिला के घर में प्रवेश करने की योजना कैसे तैयार की और उन्हें फ्लैट तथा महिला के संबंध में जानकारी कैसे मिली।
महिला को बंधक बनाकर वारदात ने बढ़ाई चिंता
मानगो क्षेत्र में महिला को बंधक बनाकर घर में लूट की इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी थी। घर में मौजूद व्यक्ति को किसी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी के नाम पर विश्वास में लेकर अंदर प्रवेश करना अपराधियों का एक तरीका हो सकता है।
ऐसे में पुलिस की ओर से लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति के सरकारी कर्मचारी या अधिकारी होने का दावा करने पर उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है। संदेह होने की स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचना दी जा सकती है।
पुलिस पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान वारदात की पूरी योजना, आरोपियों की भूमिका, लूटे गए आभूषणों को पिघलाने की प्रक्रिया और संभावित सहयोगियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद करीब 20 ग्राम सोना लूटे गए सभी आभूषणों का हिस्सा है या वारदात से जुड़ी अन्य सामग्री अभी भी आरोपियों या उनके सहयोगियों के पास मौजूद है।
पुलिस की कार्रवाई से मामले का हुआ खुलासा
मानगो थाना क्षेत्र में हुई इस लूट की घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई से चार आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हुई। आरोपियों के पास से लूटे गए सोने को पिघलाकर तैयार किए गए करीब 20 ग्राम के टुकड़े की बरामदगी भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाना, लूट की पूरी कड़ी का पता लगाना और यदि गिरोह का अन्य घटनाओं से संबंध है तो उसका भी खुलासा करना है।
Mango में महिला को बंधक बनाकर सोने के आभूषण लूटने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी एसआईआर कर्मी बनकर महिला के फ्लैट में पहुंचे थे और इसके बाद उसे बंधक बनाकर आभूषण लूट लिए थे। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 20 ग्राम सोना बरामद किया, जिसे आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए पिघलाकर चपटे गोलाकार टुकड़ों में बदल दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और अन्य घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है। मामले की आगे की जांच में वारदात की पूरी साजिश और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है।




















