जमशेदपुर: Jamshedpur शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और तेज आवाज करने वाले दोपहिया वाहनों पर नियंत्रण को लेकर बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना की ओर से मोडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस ने अब तक ऐसे 8 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की है।
यातायात पुलिस के अनुसार, कई वाहन चालक अपने दोपहिया वाहनों में कंपनी द्वारा लगाए गए मानक साइलेंसर को हटाकर ऐसे मोडिफाइड साइलेंसर लगवा रहे हैं, जिनसे वाहन चलने के दौरान काफी तेज आवाज निकलती है। इससे सड़क पर चलने वाले लोगों के साथ-साथ आसपास रहने वाले नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने साफ किया है कि मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

तेज आवाज वाले वाहनों पर पुलिस की नजर
बिष्टुपुर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस लगातार वाहनों की जांच कर रही है। विशेष अभियान के दौरान ऐसे दोपहिया वाहनों को रोका जा रहा है, जिनमें मानक के विपरीत साइलेंसर लगे होने की आशंका है।
पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क पर चलने वाले वाहनों से अनावश्यक और अत्यधिक तेज आवाज न हो। अधिकारियों के मुताबिक, मोडिफाइड साइलेंसर लगाने से वाहन की आवाज सामान्य साइलेंसर की तुलना में काफी अधिक हो सकती है।
इस तरह के वाहनों के कारण सड़क पर अचानक तेज आवाज सुनाई देने से राहगीरों और दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी हो सकती है।
अब तक 8 वाहनों पर हुई कार्रवाई
बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना की ओर से चलाए जा रहे अभियान में अब तक 8 मोडिफाइड साइलेंसर वाले दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस द्वारा अभियान के दौरान वाहनों की जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन चालक के खिलाफ यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। पुलिस चाहती है कि वाहन चालक अपने वाहन में कंपनी की ओर से निर्धारित मानक उपकरणों का ही इस्तेमाल करें।
क्या है मोडिफाइड साइलेंसर का नुकसान?
मोडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल अक्सर वाहन की आवाज को ज्यादा तेज और अलग बनाने के लिए किया जाता है। कुछ वाहन चालक अपने दोपहिया वाहनों में कंपनी के मूल साइलेंसर को हटाकर बाजार में उपलब्ध अलग-अलग प्रकार के साइलेंसर लगवा लेते हैं।
इन साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर बाजार, रिहायशी इलाकों, स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अत्यधिक शोर लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
यही वजह है कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों की जांच कर रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।
ध्वनि प्रदूषण रोकना भी अभियान का उद्देश्य
बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस के अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना भी है। शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ यातायात से होने वाला शोर भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहन सामान्य यातायात के मुकाबले काफी अधिक तेज आवाज कर सकते हैं। कई बार चालक जानबूझकर वाहन को तेज रफ्तार में चलाते हुए साइलेंसर से तेज आवाज निकालते हैं।
पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था के साथ-साथ शांतिपूर्ण वातावरण भी बनाए रखा जा सके।
आम लोगों को होती है परेशानी
अत्यधिक तेज आवाज वाले दोपहिया वाहनों को लेकर आम लोगों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। सड़क पर अचानक तेज आवाज करने वाले वाहन गुजरने से राहगीर और आसपास के लोग असहज महसूस कर सकते हैं।
रिहायशी क्षेत्रों में देर रात या सुबह के समय ऐसे वाहनों की तेज आवाज लोगों की नींद में भी बाधा डाल सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए भी अनावश्यक शोर परेशानी का कारण बन सकता है।
इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने और मानक साइलेंसर का इस्तेमाल करने की अपील की है।
वाहन चालकों से पुलिस की अपील
बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों से स्पष्ट अपील की है कि वे अपने वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें।
पुलिस के मुताबिक, वाहन के मूल साइलेंसर में अनधिकृत बदलाव करने से बचना चाहिए। वाहन चालक केवल वाहन की आवाज को बदलने या तेज करने के उद्देश्य से उसमें किसी प्रकार का मोडिफिकेशन न कराएं।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि आगे भी ऐसे वाहनों की जांच जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लगातार जारी रहेगा विशेष अभियान
बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना की ओर से शुरू किया गया विशेष अभियान फिलहाल जारी है। पुलिस की टीम अलग-अलग स्थानों पर वाहनों की जांच कर रही है। अभियान के दौरान मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई से उन वाहन चालकों में भी संदेश जाने की उम्मीद है, जो अपने दोपहिया वाहनों में नियमों के विपरीत बदलाव कराते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन करना हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है। सड़क पर वाहन चलाते समय केवल अपनी सुविधा नहीं, बल्कि दूसरे लोगों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखना जरूरी है।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, जागरूकता पर भी जोर
ट्रैफिक पुलिस के इस अभियान में कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है। वाहन चालकों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि अनावश्यक तेज आवाज करना किसी भी तरह से सड़क पर सुरक्षित या जिम्मेदार ड्राइविंग का हिस्सा नहीं है।
पुलिस का उद्देश्य शहर में ऐसा यातायात वातावरण तैयार करना है, जहां वाहन चालक नियमों का पालन करें और दूसरे नागरिकों को भी परेशानी न हो।
मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नियम तोड़ने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। अभियान को केवल कुछ दिनों तक सीमित रखने के बजाय नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जांच जारी रखने की बात कही गई है।
इससे वाहन चालकों को अपने दोपहिया वाहनों की जांच कराने और यदि उनमें अनधिकृत या मानक से अलग साइलेंसर लगा है, तो उसे बदलकर कंपनी द्वारा निर्धारित साइलेंसर लगाने की सलाह दी गई है।
शहर में यातायात अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता
बिष्टुपुर ट्रैफिक पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में यातायात अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना भी शहरी यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन करने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक शोर और परेशानी से राहत मिलेगी।
बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना द्वारा मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ शुरू किए गए विशेष अभियान में अब तक 8 दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि अत्यधिक तेज आवाज करने वाले और नियमों के विपरीत साइलेंसर इस्तेमाल करने वाले वाहनों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने दोपहिया वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर का ही उपयोग करें। पुलिस का कहना है कि मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ शहर में बेहतर यातायात अनुशासन कायम किया जा सके।




















