जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज द्वारा सोशल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट इनिशिएटिव के तहत सामाजिक सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), रोटरैक्ट क्लब एवं महिला प्रकोष्ठ (Women Cell) के संयुक्त सहयोग से स्कूल ऑफ होप का विजिट आयोजित किया गया। इस अवसर पर जरूरतमंद बच्चों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की सहायता करने के साथ-साथ विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने बच्चों के बीच खाद्य सामग्री वितरित की। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीयता से बातचीत की और उनके साथ कुछ समय बिताया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज के जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का संदेश दिया।
सामाजिक सेवा से विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल
करीम सिटी कॉलेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को सोशल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया। शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि उन्हें समाज और देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसी सोच के तहत कॉलेज के NSS, रोटरैक्ट क्लब और महिला प्रकोष्ठ ने मिलकर स्कूल ऑफ होप के बच्चों के बीच खाद्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वयंसेवकों ने खाद्य सामग्री के वितरण से लेकर बच्चों के साथ संवाद करने तक विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। बच्चों के साथ बातचीत के दौरान उन्हें सहयोग, प्रोत्साहन और अपनापन देने का प्रयास किया गया।
प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज की रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए सामाजिक सेवा को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
डॉ. मोहम्मद रेयाज ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का विकास भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को समाज के जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार उनकी सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराते हैं। जब विद्यार्थी जरूरतमंद लोगों के बीच जाकर उनके साथ समय बिताते हैं, तो उनमें मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना और मजबूत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
रोटरैक्ट क्लब ने युवाओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में रोटरैक्ट क्लब के मॉडरेटर डॉ. उद्धम सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि युवा वर्ग के पास ऊर्जा, उत्साह और नई सोच होती है। यदि इस ऊर्जा को सामाजिक सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जोड़ा जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
डॉ. उद्धम सिंह ने NSS, रोटरैक्ट क्लब और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयास को सामाजिक सेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से आगे भी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए इस तरह के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
महिला प्रकोष्ठ ने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की
कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की को-ऑर्डिनेटर डॉ. कौसर तस्नीम की भी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना समाज के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विद्यार्थियों के बीच सेवा और सहयोग की भावना विकसित करना आज के समय में बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम उन्हें केवल सामाजिक समस्याओं से परिचित नहीं कराते, बल्कि जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील बनने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
डॉ. कौसर तस्नीम ने कहा कि मानवीय संवेदनाएं समाज को मजबूत बनाने का आधार हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ मानवता, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को भी अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
NSS स्वयंसेवकों ने संभाली कार्यक्रम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
कार्यक्रम के सफल आयोजन में NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शहबाज़ अंसारी के मार्गदर्शन में NSS स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने खाद्य सामग्री के वितरण और कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग किया।
NSS स्वयंसेवकों ने बच्चों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण करते हुए उनके साथ संवाद भी किया। बच्चों के साथ बातचीत के दौरान स्वयंसेवकों ने उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन देने का प्रयास किया। इस दौरान विद्यार्थियों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।
NSS का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का व्यावहारिक अवसर मिला।
बच्चों के साथ आत्मीय संवाद ने बनाया कार्यक्रम को खास
खाद्य सामग्री वितरण कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ केवल सामग्री बांटने तक ही गतिविधि सीमित नहीं रही। कॉलेज के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने बच्चों के साथ आत्मीयता से बातचीत की तथा उनके साथ समय बिताया।
इस दौरान बच्चों और विद्यार्थियों के बीच सहज संवाद का वातावरण बना। स्वयंसेवकों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें सहयोग एवं प्रोत्साहन दिया। कार्यक्रम में सेवा भावना के साथ-साथ मानवीय जुड़ाव पर भी विशेष जोर दिया गया।
आयोजकों का मानना है कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता केवल भौतिक सहयोग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके साथ सम्मान और अपनत्व का व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
संयुक्त प्रयास से सफल हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम को सफल बनाने में करीम सिटी कॉलेज के NSS स्वयंसेवकों, रोटरैक्ट क्लब के सदस्यों और महिला प्रकोष्ठ के सदस्यों ने सामूहिक रूप से सहयोग किया। सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से पूरा करने में योगदान दिया।
संयुक्त रूप से आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि जब शैक्षणिक संस्थान के विभिन्न संगठन और विद्यार्थी एक साथ सामाजिक सेवा के लिए आगे आते हैं, तो जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है।
विद्यार्थियों में विकसित हुई सामाजिक जिम्मेदारी की भावना
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना भी रहा। कॉलेज में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों और समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना इस प्रकार की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्कूल ऑफ होप के बच्चों के बीच जाकर विद्यार्थियों ने सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना के महत्व को समझने का अवसर प्राप्त किया। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी योगदान करती हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं।
सेवा और मानवता का दिया संदेश
करीम सिटी कॉलेज की NSS, रोटरैक्ट क्लब और महिला प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम केवल खाद्य सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का संदेश दिया।
कार्यक्रम ने यह भी स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थान समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यार्थियों को सामाजिक कार्यों से जोड़कर उनमें संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे सामाजिक सेवा के प्रयास
कॉलेज की ओर से इस प्रकार की सामाजिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के समग्र विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। NSS, रोटरैक्ट क्लब और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त प्रयास से आयोजित यह पहल जरूरतमंद बच्चों की सहायता के साथ-साथ विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम रही।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए छोटी-सी मदद भी महत्वपूर्ण हो सकती है। शिक्षा के साथ यदि विद्यार्थियों में सेवा और मानवता की भावना विकसित की जाए तो वे भविष्य में अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक के रूप में समाज में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
Karim सिटी कॉलेज की इस पहल ने सामाजिक सेवा, सामुदायिक जुड़ाव और मानवीय संवेदना को बढ़ावा देने का प्रयास किया। कार्यक्रम में शामिल सभी सदस्यों ने सहयोग और सेवा की भावना के साथ अपनी भूमिका निभाई, जिससे स्कूल ऑफ होप में आयोजित यह खाद्य वितरण कार्यक्रम सार्थक और प्रेरणादायक बन गया।




















