जमशेदपुर: NIT जमशेदपुर में महिला नेतृत्व को नई दिशा देने और शिक्षा, समाज तथा राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन-2026 का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 13 राज्यों से करीब 150 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन का उद्घाटन 9 सितंबर को किया जाएगा। आयोजन को लेकर एनआईटी जमशेदपुर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

महिला नेतृत्व को सशक्त बनाना सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य

राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाली महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने अनुभवों, उपलब्धियों और चुनौतियों को साझा कर सकें। सम्मेलन के दौरान महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को विकसित करने, उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने तथा शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की जाएगी।

आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में महिलाओं की भागीदारी केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक कार्य, तकनीक, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में महिला नेतृत्व को संस्थागत और सामाजिक स्तर पर प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है।

प्रेस वार्ता में दी गई सम्मेलन की विस्तृत जानकारी

सम्मेलन के आयोजन को लेकर एनआईटी जमशेदपुर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. शुक्ला महांती, झारखंड राय विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, झारखंड प्रांत के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीयूष रंजन, एनआईटी जमशेदपुर के रजिस्ट्रार डॉ. सरोज कुमार सारंगी तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के क्षेत्रीय संयोजक डॉ. विजय कुमार सिंह ने सम्मेलन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की।

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने सम्मेलन के उद्देश्यों, कार्यक्रम की रूपरेखा, विभिन्न सत्रों में होने वाली चर्चाओं और देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों के बारे में जानकारी दी।

वक्ताओं ने कहा कि देश के 13 राज्यों से करीब 150 प्रतिभागियों का जमशेदपुर में एकत्रित होना झारखंड और जमशेदपुर के लिए गौरव की बात है। यह सम्मेलन महिला नेतृत्व के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श के साथ-साथ महिलाओं के अनुभवों और कार्यों को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

शिक्षा और समाज में महिलाओं की भूमिका पर होगा मंथन

सम्मेलन में महिला नेतृत्व के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी विशेष चर्चा होगी। विभिन्न सत्रों में यह विचार किया जाएगा कि शिक्षा के माध्यम से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है और समाज में महिलाओं की भागीदारी को किस तरह अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा करेंगे। इससे विभिन्न राज्यों में महिला नेतृत्व के लिए किए जा रहे प्रयासों को समझने और उनसे सीख लेने का अवसर भी मिलेगा।

महिला नेतृत्व वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता : प्रो. गौतम सूत्रधार

NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने सम्मेलन के आयोजन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी तथा नेतृत्व देश के समग्र विकास को नई गति प्रदान कर सकता है।

उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और देश के विभिन्न राज्यों से जमशेदपुर पहुंचने वाले सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन महिला नेतृत्व को मजबूत करने और नई संभावनाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

9 सितंबर को होगा सम्मेलन का उद्घाटन

राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन के पहले दिन 9 सितंबर को सुबह से ही विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों के अनुसार सुबह 9:30 बजे से प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

सम्मेलन का मुख्य उद्घाटन सत्र दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

डॉ. आशा लकड़ा होंगी मुख्य अतिथि

उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वहीं एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. पंकज मित्तल करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा और महिला नेतृत्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

शोभा ताई जी की रहेगी विशेष उपस्थिति

सम्मेलन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय संयोजक (महिला कार्य) शोभा ताई जी की विशेष उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद और विशिष्ट अतिथि सम्मेलन में शामिल होकर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे।

इन विशेषज्ञों की मौजूदगी से सम्मेलन में महिला नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।

महिला नेतृत्व, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान अलग-अलग सत्रों में महिला नेतृत्व, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रतिभागी अपने अनुभवों और विचारों को साझा करेंगे। साथ ही यह भी चर्चा होगी कि महिलाओं को नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए किन प्रकार के अवसर और वातावरण तैयार किए जाने चाहिए।

महिला नेतृत्व को केवल व्यक्तिगत विकास से जोड़कर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के व्यापक विकास के संदर्भ में देखने पर भी जोर दिया जाएगा। शिक्षा को महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हुए इस दिशा में संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

13 राज्यों से पहुंचेंगे करीब 150 प्रतिभागी

इस राष्ट्रीय सम्मेलन की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देश के 13 राज्यों से करीब 150 प्रतिभागी शामिल होंगे। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान सम्मेलन को व्यापक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगा।

आयोजकों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों से महिलाओं की भागीदारी होने से महिला नेतृत्व से जुड़े अलग-अलग अनुभव और दृष्टिकोण सामने आएंगे। इससे एक-दूसरे के सफल प्रयासों को समझने और भविष्य के लिए नई पहल तैयार करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं को साझा मंच उपलब्ध कराने की पहल

आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों से आने वाली महिलाओं को ऐसा साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे खुलकर अपने विचार रख सकें और नेतृत्व से जुड़े अनुभवों को साझा कर सकें।

इसके माध्यम से महिला नेतृत्व की संभावनाओं को और व्यापक बनाने तथा समाज में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और संवाद से भविष्य में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली नई पहलों के लिए आधार तैयार होने की उम्मीद है।

शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पर जोर

सम्मेलन में इस बात पर भी विशेष जोर रहेगा कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका को और प्रभावी कैसे बनाया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक बदलाव में उनकी भूमिका तथा नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा।

वक्ताओं के अनुसार किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में महिलाओं को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराना केवल महिला सशक्तिकरण का विषय नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय विकास से भी जुड़ा मुद्दा है।

समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील

प्रेस वार्ता के माध्यम से सम्मेलन के आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों से इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में सहयोग और सकारात्मक भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व को मजबूत करने के लिए समाज, शिक्षा जगत और विभिन्न संस्थाओं की सामूहिक भूमिका आवश्यक है।

आयोजकों को उम्मीद है कि दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन में होने वाला संवाद और विचार-विमर्श महिलाओं को नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए नई दिशा प्रदान करेगा।

मीडिया प्रभारी ने दी जानकारी

सम्मेलन से संबंधित यह जानकारी NIT जमशेदपुर के मीडिया प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार मिश्रा द्वारा दी गई। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को लेकर एनआईटी जमशेदपुर में उत्साह का माहौल है। 9 सितंबर से शुरू होने वाले सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों के माध्यम से महिला नेतृत्व, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचारों का व्यापक आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।