जमशेदपुर: Durga Puja से पहले वृद्ध-वृद्धाओं, विधवा महिलाओं और दिव्यांग पेंशन लाभुकों को उनकी पूरी बकाया पेंशन राशि का भुगतान करने की मांग उठी है। पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि दुर्गापूजा से पहले जरूरतमंद लाभुकों को उनकी बकाया पेंशन राशि नहीं मिलती है, तो उनके अधिकारों के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में जिला उपायुक्त के समक्ष लिखित मांग पत्र सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
करुणामय मंडल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त को संबोधित मांग पत्र में कहा कि पिछले चार-पांच महीनों से अनेक गरीब और असहाय वृद्ध-वृद्धाओं, विधवा महिलाओं तथा दिव्यांगों को पेंशन राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। पेंशन पर निर्भर रहने वाले लाभुकों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि Durga Puja जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से पहले सभी पात्र लाभुकों को उनकी पूरी बकाया राशि उपलब्ध कराई जाए।
चार-पांच महीने से पेंशन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
करुणामय मंडल ने अपने मांग पत्र में पेंशन भुगतान में देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि समाज में बड़ी संख्या में ऐसे वृद्ध-वृद्धा, विधवा और दिव्यांग लोग हैं, जिनके लिए पेंशन की राशि जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है। इनमें कुछ लाभुक ऐसे भी हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह इसी राशि पर निर्भर है।

ऐसे लोगों को यदि लगातार चार-पांच महीनों तक पेंशन नहीं मिलती है, तो उनके सामने भोजन, दवा और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने का संकट पैदा हो जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। पेंशन भुगतान में देरी उनकी परेशानियों को और बढ़ा देती है।
मांग पत्र में इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा गया कि जरूरतमंद लाभुकों को समय पर पेंशन उपलब्ध कराना आवश्यक है। पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अनेक असहाय लोगों के लिए जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का साधन भी है। ऐसे में भुगतान में लगातार देरी होने से उनके दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
Durga Puja से पहले भुगतान कराने की मांग
Durga Puja को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से विशेष रूप से आग्रह किया कि सभी पात्र लाभुकों को त्योहार से पहले उनकी संपूर्ण बकाया पेंशन राशि का भुगतान कराया जाए। मांग पत्र में कहा गया कि त्योहार के दौरान जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में पेंशन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक मुश्किलें और गंभीर हो सकती हैं।
करुणामय मंडल ने कहा कि वृद्ध-वृद्धाओं, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों को उनके अधिकार से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए भुगतान में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए, ताकि लाभुकों को राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास आय का कोई दूसरा नियमित साधन नहीं है, उनके लिए पेंशन की राशि बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए संबंधित विभाग को भुगतान में हो रही देरी की समीक्षा कर बकाया राशि जारी करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
दुकानदारों से उधार लेना भी हुआ मुश्किल
मांग पत्र में जरूरतमंद पेंशन लाभुकों की आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि लंबे समय तक पेंशन नहीं मिलने से उनके सामने भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था करना कठिन हो गया है।
करुणामय मंडल के अनुसार, कुछ लाभुकों की स्थिति ऐसी है कि दुकानदार भी उन्हें लंबे समय तक उधार देने में असमर्थता जताते हैं। वहीं, परिवार की ओर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में पेंशन भुगतान में देरी का सीधा असर उनके दैनिक जीवन पर पड़ता है।
उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की समस्याओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। संबंधित अधिकारियों को उनकी स्थिति को समझते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए पहल करनी चाहिए।
भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि दुर्गापूजा से पहले सभी पात्र लाभुकों को उनकी पूरी बकाया पेंशन राशि नहीं मिलती है, तो वे उनके अधिकारों के लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी जिम्मेदारी है। यदि त्योहार से पहले भी लाभुकों को राहत नहीं मिलती है, तो इस मामले को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए। पेंशन भुगतान में देरी से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना जरूरी है, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें और त्योहार के अवसर पर बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें।
जिला उपायुक्त की अनुपस्थिति में निजी सहायक को सौंपा गया मांग पत्र
पेंशन भुगतान से संबंधित मांग पत्र जिला उपायुक्त को सौंपने के लिए प्रतिनिधिमंडल उनके समक्ष पहुंचा था। हालांकि, जिला उपायुक्त की विशेष बैठक होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला उपायुक्त के निजी सहायक ललन जी को लिखित मांग पत्र सौंपा।
मांग पत्र के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध किया गया कि पेंशन भुगतान की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही, दुर्गापूजा से पहले पात्र लाभुकों के खाते में उनकी पूरी बकाया राशि पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस जनहित से जुड़े मामले पर गंभीरता से विचार करेगा और संबंधित विभाग के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
पेंशन भुगतान की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने किया।
इस दौरान समाजसेवी एवं भाषा आंदोलनकारी तथा झारखंड बांग्ला भाषा उन्नयन समिति के सचिव राजेश राय और हेमंत बेहरा भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने वृद्ध-वृद्धाओं, विधवा महिलाओं और दिव्यांगों की समस्याओं को सामने रखते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को समय पर सरकारी सहायता मिलना जरूरी है, ताकि वे आर्थिक संकट का सामना करने से बच सकें।
जरूरतमंद लाभुकों को राहत मिलने की उम्मीद
पेंशन भुगतान का मुद्दा उन लोगों के जीवन से जुड़ा है, जिनके लिए यह राशि नियमित खर्चों को पूरा करने का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में भुगतान में देरी होने पर उनके सामने गंभीर आर्थिक चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
प्रतिनिधिमंडल की मांग है कि संबंधित विभाग बकाया भुगतान की स्थिति की समीक्षा करे और पात्र लाभुकों को उनकी पूरी राशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए। विशेष रूप से दुर्गापूजा से पहले भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
अब इस मांग पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। यदि बकाया पेंशन राशि का भुगतान समय पर होता है, तो इससे आर्थिक संकट का सामना कर रहे जरूरतमंद लाभुकों को राहत मिल सकती है।
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