जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT Jamshedpur में स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2026 के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, संस्थान परिसर में हरित क्षेत्र का विस्तार करना तथा लोगों को स्वच्छता और सतत विकास के प्रति जागरूक करना था। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने किया। उन्होंने संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के साथ पौधारोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस दौरान परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पौधारोपण के महत्व को समझते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।

प्रशासनिक भवन के पीछे लगाए गए लगभग 20 पौधे

एनआईटी जमशेदपुर परिसर में आयोजित इस अभियान के दौरान प्रशासनिक भवन के पीछे निर्धारित स्थल पर लगभग 20 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के माध्यम से संस्थान परिसर में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में पहल की गई।

आयोजकों का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि परिसर समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना भी था। पौधारोपण जैसी गतिविधियां लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ पेड़-पौधों के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। पेड़ पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने और विभिन्न जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस तरह के अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। पौधों को लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है। पौधों को पर्याप्त पानी देना, उनकी सुरक्षा करना और उन्हें विकसित होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराना पौधारोपण अभियान की सफलता के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने किया शुभारंभ

पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने किया। उन्होंने संस्थान के सदस्यों के साथ अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।

इस अवसर पर कुलसचिव (प्रभारी) प्रो. सरोज कुमार सारंगी, डीन (छात्र कल्याण) प्रो. अशोक कुमार, डीन (पी एंड डी) प्रो. एस. बी. प्रसाद, डीन (फैकल्टी वेलफेयर) प्रो. डी. के. यादव तथा मुख्य वार्डन डॉ. लालजी प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी भी शामिल हुए। सभी की भागीदारी ने इस अभियान को सामूहिक प्रयास का रूप दिया। इस दौरान पर्यावरण के संरक्षण और परिसर को हरित बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया गया।

संस्थान के विभिन्न विभागों और इकाइयों की सहभागिता से यह संदेश सामने आया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच सहयोग आवश्यक है। जब सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, तब छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव की दिशा में योगदान दे सकते हैं।

स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत पर्यावरण संरक्षण पर जोर

स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के महत्व को प्रमुखता दी गई। ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को जनभागीदारी से जोड़ते हुए लोगों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

स्वच्छता का अर्थ केवल सड़कों, भवनों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके व्यापक स्वरूप में प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखना, हरित क्षेत्रों का विकास करना, कचरे का उचित प्रबंधन करना और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना भी शामिल है।

NIT जमशेदपुर में आयोजित पौधारोपण अभियान ने इसी व्यापक दृष्टिकोण को सामने रखा। कार्यक्रम के माध्यम से बताया गया कि संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के जरिए लोगों को पौधारोपण के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। यह पहल प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार, समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराने का संदेश देती है। इसके साथ ही सामूहिक भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया।

हाउसकीपिंग एवं ग्रीन कैंपस टीम ने किया आयोजन

इस पौधारोपण अभियान का आयोजन एनआईटी जमशेदपुर की हाउसकीपिंग एवं ग्रीन कैंपस (HKGC) टीम की ओर से किया गया। कार्यक्रम का समन्वय HKGC के अध्यक्ष डॉ. जे. जयपाल ने किया।

इस पहल को फैकल्टी इंचार्ज डॉ. सूर्य प्रकाश और डॉ. वीरप्रताप मीणा का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त स्वच्छता ही सेवा (SHS) टीम ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग और सहभागिता प्रदान की।

आयोजकों और सहयोगी टीमों के प्रयास से संस्थान परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल की गई। कार्यक्रम में अधिकारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि पर्यावरण से जुड़े विषयों पर सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हाउसकीपिंग एवं ग्रीन कैंपस टीम का उद्देश्य परिसर को साफ-सुथरा रखने के साथ हरित वातावरण को प्रोत्साहित करना भी है। ऐसे कार्यक्रम संस्थान के सदस्यों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने और दैनिक जीवन में स्वच्छता से जुड़ी अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

स्वच्छता में सहभाग से साकार होगा स्वच्छ भारत का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता ही सेवा 2026 की मूल भावना ‘स्वच्छता में सहभाग – स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ को रेखांकित किया गया। इस संदेश के माध्यम से बताया गया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का कार्य नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है।

संस्थान के नेतृत्व ने स्वच्छ, हरित और सतत परिसर के निर्माण की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही परिसर समुदाय के सभी सदस्यों को अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण होते हैं। परिसर में कचरा नहीं फैलाना, प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करना, पानी की बर्बादी रोकना और पेड़-पौधों की देखभाल करना ऐसे कदम हैं, जिन्हें अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति अपना योगदान दे सकता है।

विद्यार्थियों के लिए भी पौधारोपण अभियान जागरूकता और जिम्मेदारी सीखने का अवसर है। शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार की गतिविधियां पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करती हैं। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि विकास और प्रकृति संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

हरित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण अभियान संस्थान की पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों की दिशा में एक और प्रयास रहा। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति का संरक्षण वर्तमान और भविष्य, दोनों के लिए आवश्यक है।

पेड़-पौधे पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हरित क्षेत्र बढ़ने से प्राकृतिक वातावरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही पौधों का संरक्षण जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

लगभग 20 पौधों का रोपण कर आयोजित इस कार्यक्रम ने परिसर समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। अभियान ने यह भी रेखांकित किया कि पौधारोपण का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब लगाए गए पौधों की उचित देखभाल की जाएगी और उन्हें विकसित होने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।

कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, हरियाली और सतत विकास को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया गया। संस्थान की इस पहल ने लोगों को प्रकृति के संरक्षण के लिए आगे आने और अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।