गम्हरिया/जमशेदपुर। बदलते दौर में डाक विभाग की भूमिका और उसकी आधुनिक सेवाओं से लोगों को परिचित कराने के उद्देश्य से केरला पब्लिक स्कूल (KPS), गम्हरिया परिसर में डाक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिंहभूम मंडल, भारतीय डाक विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक पहलों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में सिंहभूम मंडल की ओर से रिलेशनशिप मैनेजर उज्जवल दासगुप्ता, उमा शंकर प्रसाद, राम प्रवेश पंडित और निशांत कुमार मौजूद रहे। सत्र में करीब 100 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।

चिट्ठियों से आगे बढ़ चुका है डाक विभाग

सत्र के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक समय में भारतीय डाक की भूमिका केवल पत्र पहुंचाने तक सीमित नहीं है। डाक विभाग अब बचत, बीमा, वित्तीय समावेशन, पार्सल और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भी लोगों तक पहुंच बना रहा है।

अधिकारियों ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए विभाग की विभिन्न सेवाओं और योजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान Post Office Savings Schemes, Postal Life Insurance (PLI), Rural Postal Life Insurance (RPLI), My Stamp सहित वित्तीय समावेशन से जुड़ी सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता जैसी रचनात्मक गतिविधियों के बारे में भी शिक्षकों को जानकारी दी गई।

शिक्षकों को दी गई योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के शिक्षकों के माध्यम से डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं और योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी रहा। अधिकारियों ने बताया कि डाक विभाग अपनी सेवाओं को आम लोगों के और करीब ले जाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

सत्र के दौरान शिक्षकों ने डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब दिया।

प्राचार्य ने पहल की सराहना की

कार्यक्रम के बाद KPS गम्हरिया की प्रधानाध्यापिका रश्मि सिन्हा ने डाक विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज डाक विभाग केवल पारंपरिक डाक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पीड पोस्ट, पार्सल की होम-पिकअप सुविधा सहित कई सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

डाकघर को लेकर पुरानी धारणा बदलने की जरूरत

विद्यालय की उप-प्रधानाध्यापिका रश्मि ठाकुर ने कहा कि डाक विभाग को लेकर लोगों के बीच लंबे समय से चली आ रही यह धारणा बदलने की आवश्यकता है कि आधुनिक डिजिटल दौर में डाकघर की उपयोगिता कम हो गई है।

उन्होंने कहा कि डाक विभाग की बचत और बीमा से जुड़ी योजनाएं परिवारों की वित्तीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। उन्होंने स्वयं इन योजनाओं को समझने और अन्य लोगों को भी इनके प्रति जागरूक करने की बात कही।

विद्यालय की शिक्षिका विभा विकास ने भी डाक विभाग को विश्वसनीय एवं जनहित से जुड़ी सेवा बताते हुए लोगों से विभाग की आधुनिक योजनाओं की जानकारी लेने और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।

जागरूकता के जरिए बढ़ेगा जुड़ाव

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों ने डाक विभाग की बदलती कार्यप्रणाली और विभिन्न सेवाओं की जानकारी को उपयोगी बताया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जागरूकता सत्रों के माध्यम से डाक विभाग की योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।

कार्यक्रम ने विद्यालय और डाक विभाग के बीच संवाद का अवसर उपलब्ध कराया और शिक्षकों को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से परिचित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में इसे देखा गया।