जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज, जमशेदपुर के जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र रवि राज मुर्मू ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल अपने शिक्षण संस्थान, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है। वर्ष 2011–14 सत्र में करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग के विद्यार्थी रहे रवि राज मुर्मू को उनकी संताली फिल्म ‘आंगेन’ के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गैर-फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि होने के साथ-साथ संताली भाषा, संस्कृति और स्थानीय कहानियों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया सम्मान

22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रवि राज मुर्मू को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े फिल्म निर्माताओं, कलाकारों, निर्देशकों, तकनीशियनों और अन्य फिल्मकर्मियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसी प्रतिष्ठित मंच पर झारखंड के जमशेदपुर से जुड़े रवि राज मुर्मू का सम्मानित होना शहर और राज्य के लिए भी गौरव का विषय बना।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश के प्रमुख फिल्म सम्मानों में शामिल हैं। ऐसे में एक स्थानीय पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना युवा फिल्मकारों के लिए विशेष प्रेरणा का विषय है।

जनसंचार के विद्यार्थी से राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर

रवि राज मुर्मू ने करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग से वर्ष 2011 से 2014 के बीच शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज में जनसंचार की पढ़ाई के दौरान उन्हें संचार, मीडिया, कहानी कहने और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

इसी रचनात्मक यात्रा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सिनेमा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्म ‘आंगेन’ को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान इस बात को भी रेखांकित करती है कि स्थानीय विषयों और जमीनी कहानियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए तो वे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती हैं।

रवि की सफलता उनके पूर्व शिक्षण संस्थान के लिए भी इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने जनसंचार की शिक्षा को रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ाते हुए सिनेमा को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया।

आंगेन में दिखती है संताली समाज और संस्कृति की झलक

रवि राज मुर्मू की संताली फिल्म ‘आंगेन’ संताली समाज, उसकी संस्कृति और स्थानीय जीवन से जुड़े पहलुओं को सामने लाने वाली महत्वपूर्ण कृति के रूप में सामने आई है।

फिल्म के माध्यम से संताली भाषा और संस्कृति की समृद्ध विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। स्थानीय समाज की जीवनशैली, सांस्कृतिक पहचान और जमीनी अनुभवों को सिनेमा के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का काम फिल्म की विशेषता के रूप में सामने आता है।

संताली भाषा में बनी किसी फिल्म का राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह सम्मानित होना भाषा और उससे जुड़ी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

स्थानीय कहानी को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की पहल

भारत में अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। झारखंड भी अपनी आदिवासी परंपराओं, लोककथाओं, भाषाओं और विविध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।

ऐसे में रवि राज मुर्मू ने संताली भाषा और समाज से जुड़ी कहानी को फिल्म के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि कहानी के लिए बड़े शहर या बड़े संसाधन ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन से जुड़ी प्रभावी कहानियां भी राष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों और निर्णायकों का ध्यान आकर्षित कर सकती हैं।

Karim सिटी कॉलेज में खुशी का माहौल

अपने पूर्व छात्र को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने की खबर से करीम सिटी कॉलेज परिवार में खुशी का माहौल है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज ने रवि राज मुर्मू को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।

उन्होंने कहा कि कॉलेज के किसी पूर्व छात्र का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। रवि राज मुर्मू की सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

प्राचार्य ने उम्मीद जताई कि रवि भविष्य में भी अपने रचनात्मक कार्यों के माध्यम से समाज और संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाते रहेंगे।

जनसंचार विभाग ने भी दी बधाई

करीम सिटी कॉलेज के जनसंचार विभाग ने भी रवि राज मुर्मू की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा तिवारी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि विभाग के एक पूर्व विद्यार्थी का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना विशेष गौरव का क्षण है।

उन्होंने कहा कि रवि ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा और सिनेमा के माध्यम से संताली संस्कृति तथा स्थानीय कहानी को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

विभागाध्यक्ष के अनुसार, जनसंचार की शिक्षा का उद्देश्य केवल मीडिया के तकनीकी पहलुओं को समझना नहीं, बल्कि समाज और उसके विभिन्न पक्षों को प्रभावी ढंग से सामने लाना भी है। रवि की उपलब्धि इस दिशा में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

वर्तमान विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा

रवि राज मुर्मू की उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वह इसी कॉलेज के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। वर्तमान समय में जनसंचार और मीडिया के क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा अपना करियर बनाना चाहते हैं।

ऐसे में किसी पूर्व विद्यार्थी का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान तक पहुंचना कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का विषय है। इससे विद्यार्थियों को यह विश्वास मिलता है कि शिक्षा के दौरान विकसित की गई रचनात्मक क्षमता को आगे बढ़ाकर फिल्म, मीडिया, डॉक्यूमेंट्री और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है।

संताली सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि

रवि राज मुर्मू को मिला राष्ट्रीय सम्मान संताली सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता में संताली भाषा का विशेष स्थान है। संताली समाज की कहानियों और संस्कृति को सिनेमा के माध्यम से बड़े मंच पर प्रस्तुत करने से इस विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिलता है।

‘आंगेन’ के लिए मिला सम्मान संताली भाषा में रचनात्मक सिनेमा बनाने वाले फिल्मकारों के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला कदम माना जा सकता है। इससे स्थानीय भाषाओं में फिल्म निर्माण की संभावनाओं और महत्व पर भी ध्यान आकर्षित होता है।

भाषा, संस्कृति और स्थानीय कहानियों को बढ़ावा

आज डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के विस्तार के कारण स्थानीय भाषाओं और कहानियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना पहले की तुलना में आसान हुआ है। लेकिन इसके लिए मजबूत कहानी, रचनात्मक प्रस्तुति और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव जरूरी है।

रवि राज मुर्मू की उपलब्धि इसी दिशा में एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। उन्होंने संताली भाषा और स्थानीय जीवन से जुड़े विषय को फिल्म के माध्यम से व्यापक मंच तक पहुंचाया है।

कॉलेज परिवार ने उज्ज्वल भविष्य की कामना की

करीम सिटी कॉलेज परिवार ने रवि राज मुर्मू की राष्ट्रीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

कॉलेज परिवार का मानना है कि उनकी सफलता वर्तमान और आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों को रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही यह उपलब्धि विद्यार्थियों को अपनी भाषा, संस्कृति और स्थानीय कहानियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।

जमशेदपुर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची प्रतिभा

रवि राज मुर्मू का सफर जमशेदपुर के एक कॉलेज के विद्यार्थी से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार तक पहुंचने की कहानी है। राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करना उनके लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उनकी इस सफलता ने Karim सिटी कॉलेज, जनसंचार विभाग और जमशेदपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वहीं, संताली फिल्म ‘आंगेन’ के माध्यम से स्थानीय समाज, संस्कृति और भाषा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का उनका प्रयास आने वाले समय में क्षेत्रीय सिनेमा के लिए नई संभावनाओं को भी प्रोत्साहित कर सकता है।र