सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में कॉलेज की Student के साथ मारपीट और कथित तौर पर दबाव बनाने का मामला सामने आया है। विट्स कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी ही कॉलेज की दो छात्राओं और उनकी दो सहेलियों पर उसे सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पीड़िता ने एक छात्र के साथ संबंध बनाने से इनकार किया था, जिससे नाराज होकर चारों छात्राओं ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।
मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लड़कियां एक छात्रा के साथ मारपीट करती नजर आ रही हैं। आरोप है कि घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। मारपीट के दौरान पीड़िता पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया और वीडियो कॉल के जरिए संबंधित छात्र से माफी भी मंगवाई गई। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Student से संबंध बनाने का था दबाव
पीड़ित छात्रा के मुताबिक, एक छात्र उसे कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर मैसेज कर परेशान करता था। छात्रा ने जब उसके व्यवहार पर आपत्ति जताई और उसे फटकार लगाई तो मामला और बिगड़ गया।

पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ कॉलेज में पढ़ने वाली और पड़ोस में रहने वाली एक छात्रा ने उसे अपने एक दोस्त के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव देना शुरू किया। छात्रा ने इस बात से साफ इनकार कर दिया।
आरोप है कि संबंध बनाने से इनकार करने के बाद आरोपी छात्रा और उसकी सहेलियां उससे नाराज हो गईं। इसके बाद कथित तौर पर उसे सबक सिखाने की योजना बनाई गई।
बहाने से स्कूटी पर बैठाकर ले जाने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कथित तौर पर बताया कि 6 अगस्त को आरोपी छात्रा उसे बहाने से अपने साथ ले गई। बताया गया कि आरोपी छात्रा ने बाजार जाने की बात कहकर उसे स्कूटी पर बैठाया।
पीड़िता के अनुसार, शुरुआत में उसे लगा कि वह सामान्य रूप से बाजार जा रही है। लेकिन रास्ते में उसे अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया। इसके बाद रिश्तेदार के यहां उतैली जाने की बात कहकर उसे नगर वन के सामने एक सुनसान स्थान की ओर ले जाया गया।
पीड़िता का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसे पता चला कि तीन अन्य लड़कियां पहले से ही वहां मौजूद थीं।
चारों ने मिलकर छात्रा को घेरा
शिकायत के मुताबिक, सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद चारों लड़कियों ने छात्रा को घेर लिया। आरोप है कि सभी ने अपने चेहरे ढंक रखे थे।
इसके बाद छात्रा के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी गई। पीड़िता का आरोप है कि उसने जब इसका विरोध किया तो चारों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना के दौरान कथित तौर पर छात्रा को धमकाया गया और उससे कहा गया कि वह संबंधित छात्र की बात माने। पीड़िता के अनुसार, उसने बार-बार इसका विरोध किया, लेकिन आरोपी लड़कियां नहीं मानीं।
डंडे से कान और आंख के पास वार का आरोप
मामले में सामने आए वीडियो को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वीडियो में चार लड़कियां छात्रा को घेरकर उसके साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं।
पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान एक लड़की ने डंडे से उसके कान और आंख के आसपास वार किया। वहीं, अन्य लड़कियों द्वारा लात-घूंसों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
मारपीट के दौरान छात्रा को कथित तौर पर गालियां दी गईं और धमकाया भी गया। घटना के वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
मारपीट का बनाया वीडियो
आरोप है कि चारों लड़कियों में से एक ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस तक भी मामला पहुंचा और पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किसने बनाया, इसे सोशल मीडिया पर किसने साझा किया और इसे वायरल करने में किन लोगों की भूमिका रही।
वीडियो कॉल कर छात्र से मंगवाई माफी
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपी लड़कियों ने उसे संबंधित छात्र से वीडियो कॉल पर बात करने के लिए मजबूर किया।
आरोप है कि वीडियो कॉल के दौरान छात्रा से उस लड़के से माफी मंगवाई गई। पीड़िता के अनुसार, उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वह छात्र की बात माने और उसके साथ संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाए।
इस दौरान छात्रा काफी डरी हुई थी। आरोप है कि मारपीट और धमकी के बाद आखिरकार उसने दबाव में संबंधित छात्र की बात मानने के लिए हामी भर दी।
हामी भरने के बाद शहर में छोड़ा
पीड़िता के मुताबिक, जब उसने संबंधित छात्र के साथ संबंध बनाने के लिए हामी भर दी, तब आरोपी लड़कियों ने उसे वहां से जाने दिया।
इसके बाद कथित तौर पर छात्रा को शहर के सेमरिया चौक पर लाकर छोड़ दिया गया। घटना के बाद छात्रा अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस से शिकायत की।
घटना के बाद दर्ज हुई एफआईआर
मामले में पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब छात्रा के बयान, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस आरोपी छात्राओं से पूछताछ कर सकती है। साथ ही उस छात्र की भूमिका की भी जांच की जा सकती है, जिसके साथ संबंध बनाने को लेकर पीड़िता पर कथित तौर पर दबाव डाले जाने का आरोप है।
वायरल वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा
इस मामले में वायरल वीडियो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है। वीडियो के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान, मारपीट की वास्तविक स्थिति और घटनास्थल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि वीडियो कब और कहां रिकॉर्ड किया गया था। इसके अलावा वीडियो के मूल स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों का भी पता लगाया जा सकता है।
यदि वीडियो से छेड़छाड़ या एडिट किए जाने की आशंका होती है तो उसकी तकनीकी जांच भी कराई जा सकती है।
सुनसान जगह ले जाने पर भी सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रा को बहाने से सुनसान जगह तक क्यों ले जाया गया। शिकायत के मुताबिक, छात्रा को पहले बाजार जाने के बहाने स्कूटी पर बैठाया गया और बाद में उसे नगर वन के सामने सुनसान स्थान पर ले जाया गया।
वहां पहले से तीन अन्य लड़कियों के मौजूद होने की बात कही गई है। इससे पुलिस इस पहलू की भी जांच कर सकती है कि क्या मारपीट की घटना पहले से योजनाबद्ध थी।
पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि घटना के दौरान वहां कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।
पीड़िता पर दबाव बनाने का आरोप
शिकायत में लगाए गए आरोपों के मुताबिक, छात्रा पर केवल मारपीट ही नहीं, बल्कि एक छात्र के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव भी बनाया गया।
पीड़िता का दावा है कि जब उसने ऐसा करने से इनकार किया तो उसे कथित तौर पर धमकाया गया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए माफी मंगवाने का भी आरोप है।
जांच में यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि छात्रा पर किस तरह का दबाव बनाया गया और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पीड़िता के बयान, एफआईआर, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
घटना में शामिल चारों छात्राओं की भूमिका, संबंधित छात्र की भूमिका और वीडियो वायरल करने वालों के संबंध में भी जांच की जा सकती है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। किसी भी आरोपी को दोषी साबित होने से पहले दोषी मानना उचित नहीं है।
सतना के इस मामले ने कॉलेज परिसरों में छात्राओं की सुरक्षा, आपसी दबाव और सोशल मीडिया पर निजी घटनाओं के वीडियो वायरल किए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच से ही पता चलेगा कि घटना के पीछे पूरा घटनाक्रम क्या था और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका कितनी थी।




















