जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के आसनबनी पंचायत अंतर्गत चतरो गांव निवासी सात वर्षीय शिवानी सिंह जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं। Blind since birt होने के बावजूद बच्ची अब तक कई सरकारी सुविधाओं से वंचित थी। परिवार की आर्थिक स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में शिवानी को दिव्यांगजनों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

बच्ची की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने पहल करते हुए उसके जरूरी दस्तावेज तैयार कराने की दिशा में काम शुरू किया। उनकी पहल से सबसे पहले बच्ची का आधार कार्ड बनवाया गया। इसके बाद सदर अस्पताल में आयोजित दिव्यांगता जांच शिविर के माध्यम से शिवानी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी कराया गया।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब शिवानी के परिवार के लिए सरकारी सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने का रास्ता खुल गया है।

सूचना मिलने के बाद पूर्व जिला पार्षद ने शुरू की पहल

बताया गया कि आसनबनी पंचायत के चतरो गांव निवासी मंगल सिंह की सात वर्षीय पुत्री शिवानी सिंह जन्म से ही दृष्टिबाधित है। परिवार की ओर से बच्ची के लिए आवश्यक सरकारी दस्तावेज और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत थी। हालांकि, आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं होने के कारण उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ने में परेशानी हो रही थी।

बच्ची की स्थिति की जानकारी पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल को मिली। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार की मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने संबंधित सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया।

करुणामय मंडल की पहल का उद्देश्य बच्ची को सरकारी व्यवस्था से जोड़ना और उसके परिवार को दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तक पहुंच दिलाना था।

प्रखंड के आधार केंद्र से बनवाया गया आधार कार्ड

दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले बच्ची का आधार कार्ड तैयार कराया गया। पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल की पहल पर प्रखंड के आधार केंद्र के माध्यम से शिवानी सिंह का आधार कार्ड बनवाया गया।

आधार कार्ड वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों में शामिल है। ऐसे में बच्ची का आधार कार्ड बनना उसके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

आधार कार्ड बनने के बाद शिवानी के दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करने का मार्ग भी आसान हुआ। परिवार को उम्मीद जगी कि आवश्यक दस्तावेज तैयार होने के बाद बच्ची को सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा।

सदर अस्पताल के दिव्यांगता जांच शिविर में हुआ परीक्षण

आधार कार्ड बनवाने के बाद शिवानी सिंह को सदर अस्पताल में आयोजित दिव्यांगता जांच शिविर में ले जाया गया। शिविर में चिकित्सकीय जांच के बाद बच्ची की दिव्यांगता का आकलन किया गया।

जांच के आधार पर शिवानी सिंह के नाम से दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया। प्रमाण पत्र में उसकी दिव्यांगता का प्रतिशत 100 प्रतिशत दर्ज किया गया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची की दृष्टिबाधिता को चिकित्सकीय जांच के बाद प्रमाणित किया गया है।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र दिव्यांगजनों के लिए कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रमाण पत्र के माध्यम से पात्रता के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में आवेदन किया जा सकता है।

घर पहुंचकर पूर्व जिला पार्षद ने सौंपा प्रमाण पत्र

दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी होने के बाद पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल स्वयं शिवानी सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिवार को उसका दिव्यांगता प्रमाण पत्र सौंपा।

इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने को कहा, ताकि शिवानी को जल्द से जल्द सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।

घर पहुंचकर प्रमाण पत्र सौंपने की पहल से परिवार को काफी सुविधा मिली। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के लिए सरकारी कार्यालयों तक बार-बार पहुंचना कई बार कठिन होता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधि की ओर से सहयोग मिलने से दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करने में मदद मिलती है।

स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता मिलने की उम्मीद

दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनने के बाद अब शिवानी सिंह को स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता योजना से जोड़ने की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जाएगी। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने बताया कि आवश्यक कागजात तैयार होने के बाद शिवानी को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, भत्ता प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार आवेदन, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

परिवार को उम्मीद है कि प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार होने के बाद बच्ची को सरकारी सहायता मिलने में सुविधा होगी।

दिव्यांग बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना जरूरी

शिवानी सिंह का मामला इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी या आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में सुविधाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात तैयार होने के बाद पात्र लाभार्थियों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। इसके लिए परिवारों को जागरूक करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाएं उनके विकास और परिवार की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे मामलों में सरकारी विभागों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

परिवार को आगे की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने शिवानी के परिवार से कहा कि वे जल्द से जल्द आवश्यक कागजात तैयार कर लें। दस्तावेजों के तैयार होने के बाद संबंधित विभाग में आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्ची को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।

परिवार के लिए आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र का बनना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में शिवानी की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं के लिए आवेदन करने में मदद मिल सकती है।

समाजसेवी मुनीराम बास्के भी रहे मौजूद

शिवानी सिंह के घर प्रमाण पत्र पहुंचाने के दौरान पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल के साथ समाजसेवी मुनीराम बास्के भी मौजूद थे। उन्होंने भी परिवार से मुलाकात की और बच्ची के बारे में जानकारी ली।

इस अवसर पर बच्ची के परिवार को आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई। स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से परिवार को आवश्यक मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।

सरकारी सहायता से बच्ची के भविष्य को मिलेगी नई दिशा

शिवानी सिंह को 100 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब उसके परिवार के सामने सरकारी सहायता प्राप्त करने के अवसर बढ़ गए हैं। स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता सहित अन्य पात्र योजनाओं के लिए आवेदन करने में प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकता है।

हालांकि, योजनाओं का वास्तविक लाभ संबंधित विभाग की पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा। परिवार को अब आवश्यक कागजात तैयार कर आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल की पहल से बच्ची का आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनना परिवार के लिए राहत की बात है। इससे न केवल शिवानी को सरकारी व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिली है, बल्कि अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी यह संदेश गया है कि आवश्यक दस्तावेज तैयार कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।

आसनबनी पंचायत के चतरो गांव की सात वर्षीय जन्मांध बच्ची शिवानी सिंह को 100 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलना उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल की पहल से आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनने के बाद अब बच्ची को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

परिवार को उम्मीद है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शिवानी को स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से दिव्यांग बच्चों को सरकारी सुविधाओं तक पहुंच दिलाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता भी सामने आती है।