जमशेदपुर: Tata स्टील ने एथिक्स माह 2026 के उपलक्ष्य में जमशेदपुर के संपादकों एवं पत्रकारों के साथ “एक संहिता, एक प्रतिबद्धता: आचार संहिता से एकजुट” विषय पर एक विशेष मीडिया इंगेजमेंट सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया और उद्योग जगत के बीच नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विभाग द्वारा टाटा स्टील एथिक्स विभाग तथा टीएसयूआईएसएल (Tata Steel UISL) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मीडिया जगत के वरिष्ठ संपादकों, पत्रकारों और कॉर्पोरेट अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।

हर वर्ष जुलाई में मनाया जाता है एथिक्स माह

टाटा स्टील हर वर्ष जुलाई माह में भारत के महान उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा की जयंती के अवसर पर एथिक्स माह मनाती है। जे.आर.डी. टाटा सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और नैतिक व्यावसायिक मूल्यों के प्रबल समर्थक रहे हैं। उनके सिद्धांत आज भी टाटा समूह की कार्य संस्कृति और व्यावसायिक दृष्टिकोण की आधारशिला हैं।

वर्ष 2026 की थीम “एक संहिता, एक प्रतिबद्धता: आचार संहिता से एकजुट” रखी गई, जिसका उद्देश्य सभी कर्मचारियों, सहयोगियों और हितधारकों को एक समान नैतिक आचार संहिता के प्रति प्रतिबद्ध करना है। यह थीम इस बात पर बल देती है कि भौगोलिक सीमाएं चाहे अलग हों, लेकिन संगठन के नैतिक मूल्य सभी के लिए समान होने चाहिए।

मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए अतुल भटनागर

कार्यक्रम में टीएसयूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं टाटा स्टील की चीफ एथिक्स काउंसलर सोनी सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

दोनों वक्ताओं ने अपने विचारों के माध्यम से नैतिकता, पारदर्शिता और जिम्मेदार कार्य संस्कृति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

अतुल भटनागर ने बताया नैतिक आचरण का महत्व

अपने संबोधन में अतुल भटनागर ने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके नैतिक मूल्यों और पारदर्शी कार्यशैली से तय होती है।

उन्होंने कहा कि विश्वास और विश्वसनीयता किसी भी संगठन की सबसे बड़ी पूंजी होती है और यह तभी संभव है जब सभी कर्मचारी एवं हितधारक ईमानदारी तथा जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने आगे कहा कि मूल्यों पर आधारित कार्य संस्कृति संगठन और समाज के बीच मजबूत एवं दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सोनी सिन्हा ने कहा— नैतिकता केवल नियमों का पालन नहीं

Tata स्टील की चीफ एथिक्स काउंसलर सोनी सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि नैतिकता केवल कानूनों या नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा कि निर्णय लेने की प्रत्येक प्रक्रिया में नैतिक मूल्यों का समावेश संगठन को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाता है।

सोनी सिन्हा ने यह भी कहा कि आचार संहिता टाटा स्टील के संपूर्ण इकोसिस्टम में जिम्मेदार व्यवहार और निष्पक्ष कार्य संस्कृति के लिए समान दिशा-निर्देश प्रदान करती है।

पत्रकारों के साथ नैतिक दुविधाओं पर हुई संवादात्मक चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत पत्रकारिता के दौरान सामने आने वाली नैतिक दुविधाओं पर एक खुली और संवादात्मक चर्चा से हुई।

इस चर्चा में पत्रकारों ने समाचार संकलन, तथ्यों की पुष्टि, निष्पक्ष रिपोर्टिंग, सोशल मीडिया के प्रभाव, फेक न्यूज और कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग से जुड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए।

इस सत्र का उद्देश्य मीडिया और कॉर्पोरेट जगत के बीच बेहतर समझ विकसित करना तथा जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना था।

एथिक्स क्विज़ के माध्यम से परखी गई प्रतिभागियों की समझ

कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई एथिक्स क्विज़ का भी आयोजन किया गया।

इस क्विज़ में नैतिक मूल्यों, समसामयिक घटनाओं, जिम्मेदार पत्रकारिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

क्विज़ का उद्देश्य पत्रकारों के बीच नैतिक पत्रकारिता और जिम्मेदार संवाद की समझ को और मजबूत बनाना था।

जय प्रकाश राय ने कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग पर साझा किए अनुभव

चमकता आईना के संपादक जय प्रकाश राय ने कार्यक्रम के दौरान कॉर्पोरेट रिपोर्टिंग में आने वाली नैतिक दुविधाओं पर एक विचारोत्तेजक सत्र प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि पत्रकारों को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जहां निष्पक्षता, तथ्यों की सत्यता और नैतिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सत्य, निष्पक्षता और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत हैं।

एथिक्स क्विज़ के विजेताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में एथिक्स क्विज़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

विजेताओं की सूची इस प्रकार रही:

  • प्रथम पुरस्कार: परविंदर भाटिया (द पायनियर)
  • द्वितीय पुरस्कार: अंजनी कुमार पांडेय (सहारा समय)
  • तृतीय पुरस्कार: मनप्रीत सिंह भाटिया (द एवेन्यू मेल)

विजेताओं को सम्मानित कर आयोजकों ने नैतिक पत्रकारिता के प्रति उनके योगदान और जागरूकता की सराहना की।

मीडिया और उद्योग के बीच सहयोग को मिला नया आयाम

इस मीडिया इंगेजमेंट सत्र ने पत्रकारों और टाटा स्टील के अधिकारियों के बीच खुला संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान पारदर्शिता, जिम्मेदार संवाद, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नैतिक मूल्यों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिससे दोनों पक्षों के बीच बेहतर समझ और सहयोग को नई दिशा मिली।

Tata स्टील द्वारा आयोजित एथिक्स माह 2026 का यह मीडिया इंगेजमेंट सत्र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि नैतिक पत्रकारिता, पारदर्शिता, जिम्मेदार संवाद और कॉर्पोरेट मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

“एक संहिता, एक प्रतिबद्धता: आचार संहिता से एकजुट” थीम के माध्यम से टाटा स्टील ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी संगठन की वास्तविक सफलता केवल व्यावसायिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और नैतिक कार्य संस्कृति में निहित होती है।

इस आयोजन ने मीडिया और उद्योग जगत के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ जिम्मेदार पत्रकारिता और नैतिक मूल्यों के प्रति टाटा स्टील की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी पुनः स्थापित किया।