जमशेदपुर: समाहरणालय में उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला आयुष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में District में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा आयुष चिकित्सा पद्धति से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में आयुष सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जिले के ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जहां लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच अपेक्षाकृत कम है। इसके लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों से योजनाओं के संचालन, लोगों को मिल रहे लाभ तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली गई।

इस दौरान ऑस्टियोअर्थराइटिस कैंप, वयोमित्र कैंप, आयुर्विद्या करुणा, आयुष ग्राम और आदिम जनजातीय समुदाय के बीच मासिक स्वच्छता कार्यक्रम सहित अन्य आयुष आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को केवल कागजी स्तर तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी बनाने पर बल दिया।
सभी प्रखंडों और विद्यालयों में लगेंगे स्वास्थ्य जांच कैंप
उपायुक्त ने राज्य से प्राप्त राशि के अनुरूप व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले के सभी प्रखंडों एवं विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कैंप आयोजित करने पर जोर दिया।
इन शिविरों के माध्यम से बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ उन्हें आयुष चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया।
शिविरों में लोगों को योग, संतुलित जीवनशैली, स्वस्थ खान-पान और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करने की बात कही गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कैंपों का आयोजन ऐसे स्थानों पर किया जाए, जहां अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान
बैठक में बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि आयुष आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
विद्यालयों में आयोजित होने वाले कैंपों में बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, योग और पौष्टिक खान-पान के बारे में जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। वहीं, बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श एवं आयुष चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कदमा का 50 शय्यायुक्त धनवंतरी आयुष अस्पताल जल्द शुरू करने का निर्देश
बैठक में कदमा स्थित नवनिर्मित 50 शय्यायुक्त धनवंतरी आयुष अस्पताल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अस्पताल में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अस्पताल में आवश्यक विद्युत कनेक्शन एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर अस्पताल को जल्द से जल्द आमजनों के लिए शुरू किया जाए।
अस्पताल के संचालन से लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को अस्पताल को शुरू करने में आने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे विशेष स्वास्थ्य शिविर
उपायुक्त ने जिले के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच कम है।
उन्होंने आदिम जनजातीय समुदाय के बीच भी विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। इन शिविरों में केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रहने, बल्कि लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श और आयुष चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
इसके अलावा शिविरों के दौरान स्वच्छता, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जागरूकता गतिविधियां भी संचालित करने का निर्देश दिया गया।
आदिम जनजातीय समुदाय तक पहुंचाने होंगे आयुष कार्यक्रम
बैठक में आदिम जनजातीय समुदाय के बीच संचालित स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि वंचित एवं दूरस्थ आबादी तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
मासिक स्वच्छता कार्यक्रम के माध्यम से संबंधित समुदायों के बीच स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ आवश्यक आयुष सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्रवार जरूरतों का आकलन करते हुए शिविरों की योजना तैयार की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
आयुष के साथ योग और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
बैठक में आयुष चिकित्सा पद्धति के साथ योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए केवल बीमारी का इलाज ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य जांच शिविरों के दौरान लोगों को नियमित योग, संतुलित आहार, स्वच्छता और बेहतर जीवनशैली के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया। इससे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश
उपायुक्त ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित सभी योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों और राज्य से प्राप्त राशि के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिम जनजातीय क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए। साथ ही, आयोजित होने वाले कैंपों की नियमित समीक्षा और उनके परिणामों का आकलन करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला आयुष समिति के उपाध्यक्ष सह उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी के प्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (JSLPS), जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आयुष) समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रमुख निर्देश
- राष्ट्रीय आयुष मिशन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
- सभी प्रखंडों एवं विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच व जागरूकता कैंप आयोजित करना।
- ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाना।
- आदिम जनजातीय समुदायों तक आयुष सेवाओं की पहुंच बढ़ाना।
- योग, स्वस्थ खान-पान एवं जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक करना।
- कदमा के 50 शय्यायुक्त धनवंतरी आयुष अस्पताल में विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं जल्द पूरी करना।
- अस्पताल को जल्द से जल्द आमजनों के लिए शुरू करने की दिशा में कार्रवाई करना।
- स्वास्थ्य शिविरों में स्वच्छता, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली संबंधी जागरूकता गतिविधियां चलाना।
बैठक के माध्यम से District प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आयुष चिकित्सा सेवाओं को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाना प्राथमिकता में है। इसके लिए स्वास्थ्य जांच शिविरों, जागरूकता कार्यक्रमों और आयुष आधारित योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।




















