श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के Kulgam जिले के केल्लम गांव में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए कुल 16-16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है, जबकि उपराज्यपाल ने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत
शुक्रवार शाम कुलगाम जिले के केल्लम गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने वहां काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 24 वर्षीय दीपक रात्रे ने इलाज शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे घायल 28 वर्षीय बोपिंदर की हालत गंभीर होने पर उसे श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) रेफर किया गया, जहां शनिवार सुबह उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।

दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोजगार के लिए जम्मू-कश्मीर में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया शोक
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और कायरतापूर्ण कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष और मेहनतकश मजदूरों को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके साहस और धैर्य की कामना की।
16 लाख रुपये की सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की ओर से पहले ही 6-6 लाख रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक पीड़ित परिवार को कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
फारूक अब्दुल्ला ने भी की कड़ी निंदा
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कमजोर और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश और देश की संवेदनाएं उनके साथ हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए सख्त निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना के तुरंत बाद पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात तथा अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज करने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। उपराज्यपाल ने कहा कि इस कायराना हमले के जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है तथा आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इलाके में जारी है सर्च ऑपरेशन
हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे केल्लम क्षेत्र को घेर लिया और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों की तलाश में जुटी हैं।
जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल आतंकियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
Kulgam में हुए इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे हजारों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक निर्माण कार्य, ईंट भट्ठों और अन्य उद्योगों में रोजगार के लिए घाटी आते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी होगी तथा प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति तैयार करनी होगी।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा दोनों ने स्पष्ट किया है कि इस आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और घाटी में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं।
घाटी में शांति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
Kulgam की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि आतंकवाद के खिलाफ सतर्कता और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। सरकार ने साफ किया है कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आतंकी संगठन या उसके समर्थकों को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि घाटी में शांति, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
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