जमशेदपुर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR-2026 के तहत मतदाताओं को निर्वाचक सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शून्य तथा कम संख्या में प्रपत्र-6 प्राप्त होने वाले मतदान केंद्रों के बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के उन मतदान केंद्रों की विशेष रूप से समीक्षा की गई, जहां अब तक प्रपत्र-6 का संग्रहण अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाया है। शहरी क्षेत्र के बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षक समाहरणालय सभागार में उपस्थित रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बैठक में जुड़े।

18 मतदान केंद्रों पर एक भी प्रपत्र-6 प्राप्त नहीं

बैठक के दौरान 2 सितंबर 2026 को ECINET से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर जिले में प्रपत्र-6 संग्रहण की स्थिति की समीक्षा की गई।

समीक्षा में पाया गया कि जिले के 18 मतदान केंद्रों पर अब तक एक भी प्रपत्र-6 प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा 671 मतदान केंद्रों पर मात्र 1 से 5 प्रपत्र-6 ही प्राप्त अथवा प्रविष्ट किए गए हैं।

इन आंकड़ों पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजीव रंजन ने चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रपत्र-6 के संग्रहण में अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया।

कम प्रगति पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जताया खेद

बैठक में प्रपत्र-6 की कम प्राप्ति को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से स्थिति की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि SIR-2026 के तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए जिन मतदान केंद्रों पर प्रपत्र-6 की संख्या शून्य अथवा बहुत कम है, वहां विशेष ध्यान देकर कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है।

उन्होंने संबंधित बीएलओ और पर्यवेक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय होकर कार्य करने तथा पात्र नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक परिवार-एक बूथ’ की अवधारणा पर विशेष जोर

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने ‘एक परिवार-एक बूथ’ की अवधारणा पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र परिवार के सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र से संबद्ध किए जाने की स्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बीएलओ को घर-घर संपर्क कर परिवार के सभी पात्र सदस्यों के मतदाता विवरण की जानकारी प्राप्त करने को कहा गया।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही परिवार के पात्र मतदाता अनावश्यक रूप से अलग-अलग मतदान केंद्रों से संबद्ध न हों और उनके निर्वाचक विवरण को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जा सके।

हर घर में Family Together स्टीकर लगाने का निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में प्रत्येक घर में ‘Family Together’ स्टीकर अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया।

इस स्टीकर के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि संबंधित परिवार के सभी पात्र मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र पर दर्ज होने की स्थिति की पहचान की जा सके।

बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे घर-घर संपर्क के दौरान परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी प्राप्त करें और मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक विवरणों का सत्यापन करें।

घर-घर जाकर पात्र नागरिकों से संपर्क करें बीएलओ

बैठक में बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर संपर्क अभियान चलाएं।

इस दौरान पात्र नागरिकों को प्रपत्र-6 उपलब्ध कराने, उनसे आवेदन प्राप्त करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने को कहा गया।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि केवल कार्यालय अथवा निर्धारित केंद्रों पर आवेदन आने की प्रतीक्षा करने के बजाय बीएलओ को सक्रिय रूप से नागरिकों तक पहुंचना होगा।

प्रपत्र-6 के महत्व के बारे में लोगों को करें जागरूक

बैठक में मतदाताओं को प्रपत्र-6 से संबंधित आवश्यक जानकारी देने पर भी जोर दिया गया।

बीएलओ को निर्देश दिया गया कि वे पात्र नागरिकों को बताएं कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जा सकता है।

ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से उन परिवारों तक पहुंच बनाने का निर्देश दिया गया, जिनके पात्र सदस्य अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुए हैं।

दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर विवरण सुरक्षित रखने का निर्देश

दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि जिन मतदाताओं के पास आवश्यक अथवा वांछित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके नाम और आवश्यक विवरण को नोट कर सुरक्षित रखा जाए।

इससे आगे की प्रक्रिया में संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा होगी। साथ ही, ऐसे मामलों में रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगा और पात्र नागरिकों की समस्या के समाधान की दिशा में आगे कार्रवाई की जा सकेगी।

दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों की भी होगी प्रभावी निगरानी

SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। इसलिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सुनवाई स्थलों पर आने वाले नागरिकों को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

किसी मतदाता के पास तत्काल आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी उसके विवरण को उचित तरीके से दर्ज किया जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

बीएलओ पर्यवेक्षकों को नियमित निगरानी का निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने केवल बीएलओ ही नहीं, बल्कि बीएलओ पर्यवेक्षकों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य की नियमित निगरानी करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदान केंद्रों पर प्रपत्र-6 की संख्या शून्य या बहुत कम है, वहां विशेष रूप से निगरानी की जाए और प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए।

पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि बीएलओ द्वारा घर-घर संपर्क, आवेदन संग्रहण और जागरूकता संबंधी कार्य प्रभावी तरीके से किए जा रहे हैं।

निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत प्रगति का लक्ष्य

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि SIR-2026 की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है।

जिन मतदान केंद्रों पर प्रपत्र-6 की संख्या कम है, वहां अतिरिक्त प्रयास करते हुए पात्र नागरिकों तक पहुंचना होगा। उन्होंने कार्यों की नियमित समीक्षा कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीएलओ ने लिया निर्देश

बैठक में शहरी क्षेत्र के बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक सीधे समाहरणालय सभागार में मौजूद रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के कर्मियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

इस व्यवस्था के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निर्वाचन कर्मियों को एक साथ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रपत्र-6 की स्थिति, घर-घर संपर्क अभियान और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने की प्रक्रिया को गति देने के लिए आवश्यक रणनीति पर जोर दिया गया।

मतदाता सूची को अधिक समावेशी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास

SIR-2026 के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित, अद्यतन और सटीक बनाने का है।

इसके लिए यह जरूरी है कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिले। साथ ही, परिवार के पात्र सदस्यों के नाम और उनके निर्वाचक विवरण को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही तरीके से दर्ज किया जाए।

बीएलओ की घर-घर पहुंच इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन के अलावा कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर:

  • एसडीएम धालभूम श्री अर्नव मिश्रा
  • अपर उपायुक्त श्री अनुराग तिवारी
  • उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह
  • संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी एवं कर्मी
  • बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षक

उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने SIR-2026 के तहत चल रहे कार्यों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ना प्राथमिकता

बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देना रहा, जहां प्रपत्र-6 की प्राप्ति या प्रविष्टि अपेक्षाकृत कम है।

18 मतदान केंद्रों पर शून्य प्रपत्र-6 तथा 671 मतदान केंद्रों पर केवल 1 से 5 प्रपत्र-6 की स्थिति को देखते हुए अब बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों को अधिक सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है।

‘एक परिवार-एक बूथ’ और ‘Family Together’ जैसी पहल के माध्यम से परिवार के सभी पात्र सदस्यों को एक ही मतदान केंद्र से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

SIR-2026 के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजीव रंजन ने शून्य और कम प्रपत्र-6 वाले मतदान केंद्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए घर-घर संपर्क, पात्र नागरिकों को प्रपत्र-6 उपलब्ध कराने, आवेदन संग्रहण और व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सीमा में अपेक्षित प्रगति हासिल की जाए और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से पूरी हो।

साथ ही, मतदाताओं से भी अपील की गई है कि वे SIR-2026 की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों के मतदाता विवरण की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।