जमशेदपुर: Drug free समाज के निर्माण और युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से 12 सितंबर, 2026 को फुरिडा (Furida) संस्था द्वारा National Institute of Social Defence (NISD) के तहत एक दिवसीय नशामुक्ति प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह स्थित ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल में आयोजित हुआ, जिसमें स्कूल के छात्र-छात्राओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर नुकसान, समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों को कम उम्र से ही नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
छात्रों को नशे के खतरनाक दुष्प्रभावों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को बताया गया कि नशीले पदार्थों का सेवन केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि इसका असर उसके परिवार, सामाजिक जीवन, आर्थिक स्थिति और पूरे समाज पर पड़ता है।

कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों और उनसे होने वाले नुकसान के संबंध में जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर कर सकती है। नशीले पदार्थों के सेवन से कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और व्यक्ति का सामान्य जीवन भी प्रभावित हो सकता है।
छात्रों को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि नशे की शुरुआत कई बार जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव या गलत संगत के कारण होती है, लेकिन धीरे-धीरे यही आदत गंभीर लत का रूप ले सकती है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में नशीले पदार्थों से दूर रहना जरूरी है।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दी सलाह
कार्यक्रम के दौरान केवल नशे के नुकसान पर चर्चा नहीं की गई, बल्कि छात्रों को स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। बच्चों को बताया गया कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित दिनचर्या, खेलकूद, पढ़ाई, योग, व्यायाम और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
छात्रों को यह भी समझाया गया कि यदि कभी कोई व्यक्ति नशे से संबंधित गलत गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव डालता है तो उससे दूरी बनाना जरूरी है। किसी भी प्रकार की परेशानी या दबाव की स्थिति में माता-पिता, शिक्षक अथवा अन्य विश्वसनीय लोगों से बात करने की सलाह दी गई।
प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को नशे से बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई। स्वस्थ मित्रता, अच्छे वातावरण, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी को नशे से दूर रहने के प्रभावी माध्यमों के रूप में बताया गया।
समाज और परिवार पर पड़ने वाले असर पर चर्चा
नशीले पदार्थों के सेवन से समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कार्यक्रम में प्रमुखता से रखा गया। छात्रों को बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों के लिए भी कई प्रकार की परेशानियां खड़ी कर सकती है।
नशे के कारण परिवार में तनाव, आर्थिक समस्याएं, आपसी विवाद और सामाजिक दूरी जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा नशे की लत व्यक्ति के भविष्य और उसके कैरियर पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
बच्चों को जागरूक करते हुए कहा गया कि आज के छात्र ही भविष्य के जिम्मेदार नागरिक हैं। ऐसे में उन्हें अपने जीवन में सही निर्णय लेने और गलत आदतों से दूर रहने की आवश्यकता है। नशामुक्त युवा पीढ़ी ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और मजबूत समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई लोग हुए शामिल
इस नशामुक्ति जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में फुरिडा संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में संस्था के कोषाध्यक्ष श्री ज्ञान प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा श्रीमती लीना शाह ने भी कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाई। ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती निधि घई भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं और नशामुक्ति के प्रति बच्चों को जागरूक करने की इस पहल का समर्थन किया।
संस्था की ओर से कार्यरत कर्मियों रीता सिंह, सुहानी कर्माकर, अर्जुन कुमार और ऋतिक रोशन ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। स्कूल के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का विशेष महत्व
विद्यालयों में आयोजित इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को सही समय पर सही जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किशोरावस्था और स्कूली जीवन के दौरान बच्चों के सामने कई प्रकार की चुनौतियां और सामाजिक दबाव आ सकते हैं। ऐसे में नशे जैसी बुरी आदतों के खतरों के बारे में पहले से जानकारी होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को न केवल नशे के नुकसान के बारे में बताया गया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया गया कि एक स्वस्थ और अनुशासित जीवन उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।
बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं नशीले पदार्थों से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
Drug free समाज बनाने में युवाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज बनाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक संस्था या विभाग की नहीं है। इसके लिए परिवार, स्कूल, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं को मिलकर काम करना होगा।
विशेष रूप से युवा और छात्र समाज में जागरूकता फैलाने का एक मजबूत माध्यम बन सकते हैं। यदि बच्चे और युवा नशे के खिलाफ सही जानकारी रखते हैं, तो वे अपने साथियों को भी गलत रास्ते पर जाने से रोकने में सहयोग कर सकते हैं।
विद्यालयों में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन से छात्रों में जागरूकता बढ़ती है और वे नशे के खिलाफ सकारात्मक सोच विकसित कर सकते हैं।
NISD के तहत जागरूकता फैलाने की पहल
National Institute of Social Defence (NISD) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। फुरिडा संस्था की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को सरल और प्रभावी तरीके से नशामुक्त जीवन के महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के सामने नई और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए जागरूकता, सही मार्गदर्शन और सकारात्मक जीवनशैली ही नशे से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है।
बच्चों ने दिखाई जागरूकता और उत्साह
कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राओं ने नशामुक्ति से संबंधित जानकारियों को ध्यानपूर्वक सुना। बच्चों को नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान और उनके जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने और अपने भविष्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि छोटी सी गलत आदत भी भविष्य में गंभीर समस्या का रूप ले सकती है।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों के बीच बांटी गई मिठाइयां
एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम के समापन के बाद इसमें भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं के बीच मिठाइयों का वितरण भी किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।
मिठाई वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान उपस्थित संस्था के प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और शिक्षकों ने बच्चों को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने और हर प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश दिया।
नशामुक्त और स्वस्थ भविष्य की दिशा में सार्थक पहल
कुल मिलाकर, बोड़ाम के मिर्जाडीह स्थित ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल में फुरिडा संस्था द्वारा आयोजित यह एक दिवसीय नशामुक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा। कार्यक्रम में छात्रों को नशीले पदार्थों के बुरे प्रभाव, उनसे जुड़ी गंभीर बीमारियों, नशे के सेवन के परिणाम और इससे बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।
साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच रखने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में संस्था के कोषाध्यक्ष श्री ज्ञान प्रकाश सिंह, श्रीमती लीना शाह, स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती निधि घई, संस्था के कर्मी रीता सिंह, सुहानी कर्माकर, अर्जुन कुमार और ऋतिक रोशन सहित स्कूल के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से बच्चों में नशे के खिलाफ समझ विकसित करने और भविष्य में एक स्वस्थ, जागरूक तथा नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक संदेश पहुंचाने में मदद मिलती है।




















