दुमका: झारखंड के Dumka जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब गोगाजोड़ जंगल से एक युवती का कंकाल बरामद किया गया। युवती करीब एक महीने से लापता थी। जंगल में कंकाल मिलने की सूचना के बाद आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
परिजनों ने कंकाल के पास मिले कपड़े, चप्पल और मोबाइल के आधार पर उसकी पहचान बबली मुर्मू के रूप में की है। हालांकि, शव की आधिकारिक पहचान और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों ने युवती की हत्या की आशंका जताई है।
गोगाजोड़ जंगल में कंकाल मिलने से मची सनसनी
रविवार की सुबह गोगाजोड़ जंगल में युवती के कंकाल मिलने की खबर तेजी से आसपास के गांवों में फैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। जंगल में कंकाल किस परिस्थिति में पहुंचा और युवती की मौत कैसे हुई, इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।

घटना की जानकारी स्थानीय लोगों और परिजनों से मिलने के बाद गोपीकांदर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वहां से मिले अवशेषों को कब्जे में लिया।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले अन्य सामान को भी जांच के लिए सुरक्षित किया है, ताकि युवती की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सके।
चप्पल और कपड़ों से भाई ने की पहचान
गोगाजोड़ निवासी संदीप मुर्मू घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्होंने वहां मिले कपड़े और चप्पल को देखकर उसकी पहचान अपनी बहन बबली मुर्मू के रूप में की। परिजनों के अनुसार, बबली करीब एक महीने से लापता थी।
संदीप ने बताया कि कंकाल के पास मिले कपड़े और चप्पल उनकी बहन के थे। इसके अलावा जंगल से बरामद मोबाइल फोन को लेकर भी परिवार ने पहचान की पुष्टि की।
हालांकि, पुलिस जांच में वैज्ञानिक और चिकित्सकीय तरीके से पहचान की पुष्टि किया जाना जरूरी है। इसके लिए पोस्टमार्टम और आवश्यकता पड़ने पर डीएनए जांच जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
एक महीने से लापता थी बबली
परिजनों के अनुसार, बबली मुर्मू 9 अगस्त की सुबह घर से शौच के लिए निकली थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। काफी समय बीतने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार परेशान हो गया।
परिजनों को शुरुआत में आशंका थी कि बबली शायद अपने परिचित के घर चली गई होगी। परिवार के लोगों ने उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिल रहा था।
परिजनों ने बताया कि बबली के पहले भी घर से बाहर जाने की जानकारी थी, इसलिए शुरुआत में उन्हें लगा कि वह शायद फिर से अपने परिचित के साथ चली गई होगी।
तीन साल से युवक के साथ प्रेम संबंध का दावा
मृतका की मां संगीता हांसदा ने बताया कि बबली का करीब तीन वर्षों से महेशपुर थाना क्षेत्र के कसियाडांगाल निवासी पोलूस मुर्मू नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था।
परिवार के मुताबिक, दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और कथित तौर पर बिना औपचारिक शादी के पारंपरिक तरीके से एक साथ रह रहे थे। कुछ समय बाद दोनों मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्य भी गए थे।
वहां से वापस लौटने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद बबली अपने मायके गोगाजोड़ लौट आई थी।
बबली को वापस बुला रहा था युवक
परिजनों का कहना है कि घर लौटने के बाद पोलूस मुर्मू लगातार बबली को अपने घर वापस आने के लिए कह रहा था। हालांकि, बबली वापस जाने के लिए तैयार नहीं थी।
परिवार के अनुसार, 7 अगस्त को बबली कसियाडांगाल गई थी और अगले दिन वापस अपने घर लौट आई थी। इसके बाद 9 अगस्त को वह सुबह घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी।
परिवार को जब काफी देर तक उसकी जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला।
10 सितंबर को चरवाहे को मिला मोबाइल
इस मामले में एक अहम सुराग 10 सितंबर को सामने आया। परिजनों के अनुसार, गोगाजोड़ जंगल में गाय चराने गए एक चरवाहे को एक मोबाइल फोन मिला था।
चरवाहे ने मोबाइल को चार्ज किया और उसे चालू किया। मोबाइल खुलने के बाद उसमें कुछ तस्वीरें दिखाई दीं। तस्वीरों को देखकर उसे लगा कि मोबाइल किसी स्थानीय व्यक्ति का हो सकता है।
बाद में जब इसकी जानकारी बबली के परिजनों तक पहुंची तो उन्होंने मोबाइल को देखकर उसकी पहचान अपनी बेटी और बहन से जुड़े फोन के रूप में की।
मोबाइल मिलने के बाद जंगल में फिर तलाश
मोबाइल मिलने के बाद परिजनों को जंगल में बबली के होने की आशंका हुई। इसके बाद परिवार के लोग दोबारा गोगाजोड़ जंगल पहुंचे और आसपास के इलाके में तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान पेड़ के नीचे कुछ कपड़े और चप्पल दिखाई दिए। पास ही मानव कंकाल के अवशेष भी मिले। सामान देखकर परिजनों को आशंका हुई कि यह बबली के ही अवशेष हो सकते हैं।
इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पेड़ के नीचे मिले कंकाल और सामान
पुलिस के अनुसार, जंगल में पेड़ के नीचे मानव कंकाल के अवशेष मिले हैं। उसके पास कपड़े, चप्पल और मोबाइल मिलने की बात सामने आई है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि युवती की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि उसकी मौत जंगल में ही हुई या किसी अन्य स्थान पर घटना के बाद शव को वहां लाया गया।
घटनास्थल से मिले सामान को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
बबली के परिजनों को उसकी मौत को लेकर संदेह है। परिवार का कहना है कि वह एक महीने से लापता थी और अब उसके अवशेष जंगल से मिले हैं। इसी वजह से उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। मौत के पीछे दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या में से कौन-सा कारण था, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
प्रेम संबंध के विवाद की भी होगी जांच
चूंकि परिवार ने बबली के प्रेम संबंध और दोनों के बीच विवाद की जानकारी दी है, इसलिए पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना सकती है।
जांच के दौरान बबली के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और आखिरी बार किन लोगों से बातचीत हुई थी, इसकी जानकारी जुटाई जा सकती है।
इसके अलावा 9 अगस्त को घर से निकलने के बाद बबली कहां गई थी और उसके बाद उसके साथ क्या हुआ, यह पता लगाना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
पुलिस ने बरामद मानव अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौत के संबंध में क्या चिकित्सकीय तथ्य सामने आते हैं।
चूंकि शव काफी समय बाद कंकाल के रूप में मिला है, इसलिए जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। जरूरत पड़ने पर वैज्ञानिक जांच के माध्यम से मृतका की पहचान और मौत से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि की जा सकती है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
कंकाल बरामद होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ वहां से मिले सामान और अन्य संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बबली की मौत किस परिस्थिति में हुई और वह जंगल तक कैसे पहुंची। इसके लिए परिजनों के अलावा आसपास के लोगों और उन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है, जिन्हें बबली के बारे में कोई जानकारी हो।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर 9 अगस्त को घर से निकलने के बाद बबली कहां गई? उसका मोबाइल जंगल में कैसे पहुंचा? वह जंगल तक खुद पहुंची या किसी ने उसे वहां लाया? उसकी मौत कब हुई और क्या उसकी मौत के पीछे कोई आपराधिक साजिश थी?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस ने बरामद अवशेषों को जांच के लिए भेज दिया है और मामले में सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। मौत का वास्तविक कारण और किसी आपराधिक घटना की पुष्टि पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही हो सकेगी।




















