सोनीपत: बाहरी दिल्ली के गांव बांकनेर में जिम के बाहर प्रॉपर्टी डीलर Pramod की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उसके पैतृक गांव नाहरी में रविवार को पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में नाहरी के अलावा नाहरा, बांकनेर और आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। हत्या की घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

पंचायत के दौरान परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके एनकाउंटर की मांग उठाई। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि जब तक हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक परिवार शव लेने के लिए तैयार नहीं है। पंचायत में परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

जिम के बाहर गोलियों से छलनी किया गया था प्रमोद को

प्रमोद की हत्या बाहरी दिल्ली के बांकनेर गांव में जिम के बाहर की गई थी। बताया गया कि वह जिम के बाहर मौजूद था, इसी दौरान हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। गोली लगने से प्रमोद की मौत हो गई।

वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। हत्या की इस घटना के बाद से ही प्रमोद के परिवार और ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।

अब उसके पैतृक गांव नाहरी में हुई पंचायत में ग्रामीणों ने घटना को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

नाहरी, नाहरा और बांकनेर समेत कई गांवों के लोग हुए शामिल

पंचायत में नाहरी, नाहरा, बांकनेर और आसपास के गांवों से लोग पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि प्रमोद की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

ग्रामीणों ने कहा कि प्रमोद सिर्फ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाला व्यक्ति नहीं था, बल्कि वह सामाजिक रूप से भी काफी सक्रिय था। लोगों के साथ उसके अच्छे संबंध थे और जरूरत पड़ने पर वह दूसरों की मदद के लिए आगे रहता था।

पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि प्रमोद की मौत से परिवार ने अपना एक सदस्य खोया है, वहीं गांव ने भी एक मिलनसार और मददगार व्यक्ति को खो दिया है।

‘पहले हत्यारों का एनकाउंटर हो, फिर करेंगे अंतिम संस्कार’

पंचायत के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की ओर से आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पंचायत में यह मांग उठी कि प्रमोद की हत्या में शामिल आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए।

परिजनों और ग्रामीणों ने कहा कि जब तक हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती, वे प्रमोद का शव लेने को तैयार नहीं हैं। पंचायत में इसी मुद्दे को लेकर लोगों ने अपनी नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना था कि परिवार को न्याय तभी महसूस होगा, जब हत्या के आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

Pramod अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया

प्रमोद की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे परिवार और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाना परिवार के लिए बेहद बड़ा सदमा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि परिवार को हर संभव मदद दी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि हत्या की घटना के बाद परिवार के सदस्यों में भय का माहौल है।

बड़े भाई का छलका दर्द, रोते हुए बोले—अब सरकारों पर भरोसा नहीं

पंचायत के दौरान प्रमोद के बड़े भाई का दर्द भी कैमरे के सामने छलक पड़ा। अपने भाई की हत्या से वह बेहद भावुक नजर आए और रोते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की।

उन्होंने कहा कि उन्हें अब केंद्र और राज्य सरकारों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उनसे न्याय की उम्मीद है।

बड़े भाई के इस बयान के बाद पंचायत में माहौल और भी भावुक हो गया। मौजूद लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और न्याय की मांग का समर्थन किया।

Pramod को मिलनसार और समाजसेवी के रूप में याद कर रहे ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक प्रमोद बेहद मिलनसार स्वभाव का था। प्रॉपर्टी डीलिंग के अलावा वह गांव में मुकुल नाम से वाटिका भी चलाता था। गांव के लोगों के साथ उसके अच्छे संबंध थे।

ग्रामीणों का कहना है कि वह सामाजिक कार्यों में भी आगे रहता था। किसी व्यक्ति को जरूरत पड़ने पर मदद करने में वह पीछे नहीं हटता था। इसी वजह से उसकी हत्या के बाद गांव में सिर्फ शोक ही नहीं, बल्कि गुस्सा भी दिखाई दे रहा है।

लोगों का कहना है कि प्रमोद की हत्या ने उसके परिवार के साथ-साथ उससे जुड़े तमाम लोगों को गहरा सदमा दिया है।

परिवार की सुरक्षा का मुद्दा पंचायत में प्रमुखता से उठा

पंचायत में प्रमोद के परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरीके से प्रमोद की हत्या की गई, उसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि परिवार को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इसके साथ ही गांव और परिवार के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

ग्रामीणों का कहना था कि हत्या के बाद परिवार मानसिक रूप से पहले ही परेशान है। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है।

दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों में नाराजगी

पंचायत के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी परिजनों और ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। परिजनों ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद जब उन्होंने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका फोन तक नहीं उठाया गया।

परिजनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में परिवार को पुलिस से सहयोग और सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली।

हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है।

पोस्टमार्टम के दौरान भारी पुलिस बल, घर पर सुरक्षा नहीं होने का आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि प्रमोद के पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, लेकिन परिवार के घर और आसपास सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस परिवार के सदस्य की हत्या हुई है, उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। उन्होंने मांग की कि परिवार के घर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

परिजनों का यह भी आरोप है कि शव लेने को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से परिवार से कोई संपर्क नहीं किया गया। इन्हीं मुद्दों को लेकर पंचायत में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।

आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग

पंचायत में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि हत्या के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही परिवार को सुरक्षा देने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता, उनका आक्रोश कम नहीं होगा। पंचायत में लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

अंतिम संस्कार को लेकर भी बना गतिरोध

हत्याकांड के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पंचायत में परिजनों की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक शव लेने से इनकार करने की बात कही गई।

परिवार और ग्रामीण चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी मांग को लेकर पंचायत में सामूहिक रूप से आवाज उठाई गई।

प्रमोद की हत्या से गांव में शोक के साथ आक्रोश

प्रमोद की हत्या के बाद नाहरी गांव में शोक और गुस्से का माहौल है। ग्रामीण उसे मिलनसार और जरूरतमंदों की मदद करने वाला व्यक्ति बता रहे हैं। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को सुरक्षा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।