जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक ने सोमवार को Birsanagar थाना का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान थाना की कार्यप्रणाली, लंबित कांडों की स्थिति, पुलिस पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों तथा थाना के विभिन्न अभिलेखों की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान बिरसानगर थाना प्रभारी, बीट ऑफिसर सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने थाना में पहुंचने के बाद विभिन्न विभागीय कार्यों की जानकारी ली और पुलिस पदाधिकारियों से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण तथा आम लोगों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को लेकर जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

लंबित कांडों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश

औचक निरीक्षण के दौरान थाना में दर्ज लंबित कांडों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों से मामलों के अनुसंधान की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिन मामलों में जांच की प्रक्रिया पूरी होने की स्थिति में है, उनका नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गंभीर प्रकृति के मामलों में विशेष सतर्कता बरतते हुए साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले के लंबित रहने से आम लोगों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अनुसंधान की गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

थाना अभिलेखों और पुलिस कार्यों की जांच

निरीक्षण के दौरान थाना में रखे जाने वाले विभिन्न अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को निर्धारित नियमों के अनुसार व्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाए।

बीट ऑफिसरों द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। क्षेत्र में नियमित भ्रमण, स्थानीय लोगों से संपर्क, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने और संभावित अपराधों की रोकथाम के लिए बीट स्तर पर सक्रिय रहने पर जोर दिया गया।

एसएसपी ने कहा कि बीट ऑफिसर पुलिस और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र की गतिविधियों और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लगातार रखते हुए समय पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

थाना परिसर, हाजत और सिरिस्ता का किया निरीक्षण

वरीय पुलिस अधीक्षक ने बिरसानगर थाना परिसर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान थाना भवन, हाजत, सिरिस्ता सहित अन्य स्थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

थाना परिसर में साफ-सफाई, रख-रखाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि थाना परिसर स्वच्छ, व्यवस्थित और आम लोगों के लिए सहज वातावरण वाला होना चाहिए।

हाजत की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। वहीं सिरिस्ता और कार्यालयीन रिकॉर्ड के रख-रखाव को भी व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया गया।

त्योहारों को देखते हुए कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर

आगामी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने बिरसानगर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने गणेश चतुर्दशी, विश्वकर्मा पूजा और कर्मा पूजा के अवसर पर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देने को कहा।

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को देखते हुए पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील स्थानों की पहचान करने, स्थानीय गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संभावित विवाद की स्थिति को समय रहते नियंत्रित करने पर जोर दिया गया।

पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि त्योहारों के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सभी आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।

अड्डेबाजी के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश

अपराध नियंत्रण को लेकर भी निरीक्षण के दौरान विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। वरीय पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में होने वाली अड्डेबाजी और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पर जोर दिया।

उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाए जहां असामाजिक तत्वों या संदिग्ध लोगों की गतिविधियां अधिक रहती हैं। इन स्थानों पर नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि छोटे स्तर की आपराधिक गतिविधियों को नजरअंदाज करने से आगे चलकर गंभीर घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस को लगातार सक्रिय और सतर्क रहना आवश्यक है।

अपराध नियंत्रण के लिए क्षेत्र में बढ़ाई जाए निगरानी

एसएसपी ने पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि थाना क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। बीट ऑफिसरों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने तथा स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ अपराध को होने से रोकना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाना, स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और आवश्यकतानुसार समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है।