जमशेदपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान के तहत मतदाताओं से निर्वाचक सूची से संबंधित दावा एवं आपत्तियां प्राप्त करने तथा उनका नियमानुसार निष्पादन करने की कार्रवाई की जा रही है। मतदाताओं को अपने नाम, पते और अन्य निर्वाचक विवरण से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिले के विभिन्न निर्धारित स्थलों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है।

इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने शनिवार को जिले में बनाए गए विभिन्न दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।

कई प्रमुख कार्यालयों में बनाए गए सुनवाई स्थल

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में विभिन्न स्थानों पर दावा एवं आपत्ति सुनवाई की व्यवस्था की गई है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने समाहरणालय परिसर, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम कार्यालय, आईटीडीए कार्यालय, जिला जनसंपर्क कार्यालय एवं वाणिज्य कर कार्यालय में बनाए गए सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रत्येक स्थल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही यह भी देखा कि दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है।

अधिकारियों से ली पूरी प्रक्रिया की जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मौके पर मौजूद पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से SIR-2026 के तहत चल रही कार्रवाई के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन, मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता तथा सुनवाई की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह सहित संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) मौजूद रहे।

हर नागरिक को मिले सही जानकारी

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि दावा-आपत्ति सुनवाई स्थल पर आने वाले प्रत्येक नागरिक को आवश्यक प्रक्रिया और दस्तावेजों से संबंधित स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में नागरिकों को आवेदन करने में परेशानी होती है। इसलिए सुनवाई स्थलों पर आने वाले लोगों को सरल भाषा में बताया जाए कि दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं और पूरी प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की जानी है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

SIR-2026 का उद्देश्य निर्वाचक सूची को बनाना अधिक शुद्ध

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि SIR-2026 का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि निर्वाचक सूची में पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से दर्ज हों और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ठीक किया जा सके।

उन्होंने जिले के सभी पात्र मतदाताओं से अपने नाम और निर्वाचक विवरण की जांच करने की अपील की।

नाम में गलती या छूटने पर दर्ज करें दावा-आपत्ति

उपायुक्त ने मतदाताओं से कहा कि यदि किसी व्यक्ति के नाम, पते अथवा अन्य निर्वाचक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करानी चाहिए।

इसी प्रकार यदि किसी पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक सूची में दर्ज नहीं है या किसी अन्य प्रकार की समस्या सामने आती है, तो संबंधित नागरिक निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी से ही निर्वाचक सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सकता है।

सुनवाई स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।

उन्होंने कहा कि सुनवाई के लिए आने वाले नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो। लोगों के बैठने, जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

साथ ही उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नागरिकों के साथ सहयोगपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार करने का निर्देश दिया।

दस्तावेजों के सत्यापन पर विशेष ध्यान

SIR-2026 के तहत प्राप्त होने वाले दावा एवं आपत्तियों के निष्पादन में दस्तावेजों का सत्यापन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी दस्तावेजों की जांच नियमानुसार और पूरी सावधानी के साथ की जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि किसी पात्र मतदाता को परेशानी न हो और निर्वाचक सूची की शुद्धता भी बनी रहे।

दावा-आपत्तियों का समयबद्ध निष्पादन जरूरी

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त होने वाले सभी दावा एवं आपत्तियों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। प्रत्येक मामले की प्रक्रिया के अनुसार जांच करते हुए समय पर उसका निष्पादन किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को कार्य की नियमित निगरानी करने और प्रगति की जानकारी लेते रहने का भी निर्देश दिया।

पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता

SIR-2026 की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जिला प्रशासन की ओर से विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया स्पष्ट और नियमों के अनुरूप हो।

मतदाताओं को उनके आवेदन और संबंधित प्रक्रिया के बारे में उचित जानकारी उपलब्ध कराने को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि पात्र नागरिकों को अपने निर्वाचक विवरण से संबंधित समस्या के समाधान के लिए उचित अवसर मिले और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।

मतदाताओं से प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचक विवरण की जांच अवश्य करें।

यदि नाम, पता या अन्य विवरण में किसी प्रकार की गलती है, नाम छूटा हुआ है अथवा किसी अन्य प्रकार की आपत्ति है, तो निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।

प्रशासन ने कहा कि मतदाताओं की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से निर्वाचक सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

निर्वाचक सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है। सही और अद्यतन मतदाता सूची यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

SIR-2026 के तहत जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई का उद्देश्य भी निर्वाचक सूची की गुणवत्ता में सुधार करना और मतदाताओं को अपने विवरण की जांच एवं सुधार का अवसर उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए दावा एवं आपत्तियों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

पूर्वी सिंहभूम जिले में SIR-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति सुनवाई की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर व्यवस्था की गई है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन के निरीक्षण से सुनवाई स्थलों की व्यवस्था और कार्य प्रगति की समीक्षा की गई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाताओं की सुविधा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और दावा-आपत्तियों का समयबद्ध निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिला प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने निर्वाचक विवरण की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।

इससे जिले की निर्वाचक सूची को अधिक सटीक, अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

#Team PRD (East Singhbhum)
जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर