भोपाल: दतिया में पदस्थ RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार, 21 सितंबर की सुबह खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेक पर्ल कॉलोनी स्थित एक मकान में मीनाक्षी का शव मिला। उनके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे और शव के पास खून से सना हथौड़ा बरामद हुआ। इसी मकान से कुछ दूरी पर उनके परिचित पवन कुमार द्विवेदी का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम को हत्या के बाद आत्महत्या के संभावित एंगल से जांच रही है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और घटनाओं का क्रम पोस्टमार्टम, FSL रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

रविवार शाम पवन के घर पहुंची थीं मीनाक्षी

पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार मीनाक्षी रविवार शाम अपनी सहेली कृतिका और उसकी तीन साल की बेटी के साथ लेक पर्ल कॉलोनी स्थित पवन कुमार द्विवेदी के घर पहुंची थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, आगे इंदौर जाने की योजना थी, लेकिन रात हो जाने के कारण सभी वहीं रुक गए। घर में खाना खाने के बाद कृतिका अपनी बच्ची के साथ अंदर वाले कमरे में सोने चली गई, जबकि मीनाक्षी और पवन घर के दूसरे हिस्से में थे।

रात करीब डेढ़ बजे दोनों के बीच हुई बातचीत

मीडिया रिपोर्टों में पुलिस को दिए गए कृतिका के बयान के हवाले से बताया गया है कि रात करीब 1:30 बजे उसने मीनाक्षी और पवन को आंगन में बातचीत करते देखा था। दोनों के बीच पहले भी विवाद होने की बात सामने आई है। कृतिका ने उस समय उनकी बातचीत में हस्तक्षेप नहीं किया और वापस अपनी बच्ची के साथ कमरे में चली गई।

घर में एयर कूलर चल रहे होने के कारण बाद में उसे किसी तरह की आवाज सुनाई नहीं दी। यही वजह है कि कथित वारदात कब और किस परिस्थिति में हुई, इसका सटीक समय जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

सुबह उठते ही सामने आया खौफनाक मंजर

सुबह इंदौर जाने की तैयारी थी। कृतिका ने जब उठकर मीनाक्षी को फोन किया तो फोन का जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब वह कमरे से बाहर आई तो बैठक में मीनाक्षी खून से लथपथ पड़ी मिलीं।

उनके सिर पर चोट के निशान थे। शव के पास ही पुलिस को खून से सना हथौड़ा मिला। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षित करते हुए साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

घर से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर मिला पवन का शव

मीनाक्षी का शव मिलने के बाद जांच के दौरान पुलिस को घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ पर व्यक्ति का शव फंदे से लटका मिला। उसकी पहचान पवन कुमार द्विवेदी के रूप में हुई। विभिन्न रिपोर्टों में दूरी करीब 20 से 50 मीटर बताई गई है, जबकि कई रिपोर्टों में करीब 20 मीटर का उल्लेख है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मीनाक्षी की मौत और पवन की मौत के बीच क्या संबंध था और दोनों घटनाएं किस क्रम में हुईं।

हत्या के बाद आत्महत्या का एंगल

पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि मीनाक्षी पर हमला करने के बाद पवन ने आत्महत्या की होगी। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है।

मीनाक्षी के सिर पर चोट और मौके से मिला खून लगा हथौड़ा जांच का अहम हिस्सा है। दूसरी ओर पवन के शव का पोस्टमार्टम और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य यह समझने में मदद कर सकते हैं कि उसकी मौत किस परिस्थिति में हुई।

क्या शादी को लेकर हुआ था विवाद?

इस मामले में शादी को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस शुरुआती जांच में इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि क्या पवन मीनाक्षी से शादी करना चाहता था और इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। यह अभी जांच में सामने आया एक संभावित कारण है, अंतिम रूप से स्थापित तथ्य नहीं।

इसलिए घटना की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

मीनाक्षी और पवन के संबंधों की भी जांच

पुलिस दोनों के आपसी संबंधों और पिछले घटनाक्रम की भी जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों के बीच किस तरह का संबंध था, हाल के दिनों में उनके बीच कोई विवाद हुआ था या नहीं और घटना से पहले दोनों की किन लोगों से बातचीत हुई थी।

पुलिस पवन के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य संपर्कों की जांच कर सकती है। इसी तरह मीनाक्षी की घटना से पहले की गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

FSL टीम ने जुटाए मौके से साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। खून के निशान, हथौड़ा, शव की स्थिति और घटनास्थल पर मौजूद अन्य वस्तुओं की जांच की जा रही है।

यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस को यह पता लगाना है कि हमला वास्तव में किस स्थान पर हुआ था और इसके बाद शव को कहीं और ले जाया गया था या नहीं।

आंगन में हमला हुआ या घर के अंदर?

जांच से जुड़ा एक अहम सवाल यह भी है कि मीनाक्षी पर हमला कहां किया गया। शुरुआती जांच में घर के आंगन या बाहरी हिस्से में हमले की आशंका की चर्चा सामने आई है। इसके बाद शव को अंदर लाए जाने की संभावना भी जांची जा रही है।

हालांकि, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

पुलिस के सामने कई अहम सवाल

इस दोहरी मौत के मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। मीनाक्षी पर हमला किसने किया? हमला किस समय हुआ? क्या हथौड़ा ही वारदात में इस्तेमाल किया गया? पवन की मौत मीनाक्षी की मौत के तुरंत बाद हुई या दोनों घटनाओं के बीच कोई और घटनाक्रम हुआ? क्या दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था?

इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि क्या घटनास्थल पर कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

मीनाक्षी और पवन दोनों के शवों का पोस्टमार्टम इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति, संभावित समय और मौत के कारण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

इसके साथ ही FSL रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच में अहम भूमिका निभाएगी। पुलिस इन रिपोर्टों को अपनी जांच में शामिल करने के बाद घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश करेगी।

अभी जांच पूरी नहीं, कई सवालों के जवाब बाकी

भोपाल की लेक पर्ल कॉलोनी में सामने आए इस मामले में फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या के संभावित घटनाक्रम की जांच कर रही है। मीनाक्षी गोखले का शव घर के अंदर मिलना, सिर पर गंभीर चोटें होना, पास में खून से सना हथौड़ा मिलना और कुछ दूरी पर पवन का शव फंदे से लटका मिलना—इन सभी परिस्थितियों को जोड़कर जांच की जा रही है।

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पूरी घटना ठीक किस तरह हुई। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FSL रिपोर्ट, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी।