आगरा: लखनऊ से जयपुर जा रही एक Teacher ने चलती बस में छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, बस में 25 से ज्यादा यात्री मौजूद थे। उन्होंने कथित तौर पर विरोध किया और मदद के लिए शोर भी मचाया, लेकिन समय पर किसी यात्री ने उनकी सहायता नहीं की। घटना के करीब 40 दिन बाद आगरा के रकाबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब उस बस की पहचान करने और आरोपित युवकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पीड़िता के पास बस का नंबर या टिकट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पुलिस ट्रैवल एजेंसियों से जानकारी जुटाकर उस बस का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिसमें महिला ने यात्रा की थी।
लखनऊ से आगरा होते हुए जयपुर जा रही थीं शिक्षिका
पीड़िता जयपुर की रहने वाली हैं और एक कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम करती हैं। उनके मुताबिक, 12 अगस्त को वह लखनऊ से वापस लौट रही थीं। लखनऊ आईएसबीटी पहुंचने के बाद उन्होंने ऑटो से ईदगाह जाने का फैसला किया। इसके बाद ईदगाह से उन्होंने एक ट्रैवल एजेंसी की बस पकड़ी।

महिला का कहना है कि बस में 25 से अधिक यात्री मौजूद थे। उन्हें पीछे की सीट पर जगह मिली। शुरुआत में यात्रा सामान्य रही, लेकिन रास्ते में बस के एक ढाबे पर रुकने के बाद परिस्थितियां बदल गईं।
ढाबे पर रुकी बस, कई यात्री नीचे उतरे
यात्रा के दौरान चालक ने बस को एक ढाबे पर रोका। चाय-नाश्ता करने के लिए बस में मौजूद कई यात्री नीचे उतर गए। इसी दौरान तीन युवक महिला की सीट के आसपास आकर बैठ गए।
शिक्षिका के अनुसार, तीनों युवक लगातार उनकी ओर देख रहे थे। उनके व्यवहार से वह असहज महसूस करने लगीं। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ देर बाद स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
बस के दोबारा चलने के बाद भी तीनों युवक महिला की सीट के आसपास ही मौजूद रहे।
अचानक सीट के पास पहुंचा युवक
महिला ने पुलिस को दिए गए आरोप के मुताबिक बताया कि कुछ देर बाद तीनों में से एक युवक उनकी सीट के पास आकर खड़ा हो गया। आरोप है कि वह अचानक महिला के ऊपर गिर गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो युवक कथित तौर पर हंसने लगा।
महिला के मुताबिक, इसके बाद उसने मोबाइल फोन निकाला और किसी से बातचीत करने लगा। इस व्यवहार से महिला और ज्यादा असहज हो गईं।
दुष्कर्म की कोशिश का लगाया आरोप
पीड़िता का आरोप है कि कुछ समय बाद उसी युवक ने उनके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। महिला ने इसका विरोध किया और शोर मचाकर बस में मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई।
उनका कहना है कि बस में कई यात्री मौजूद होने के बावजूद उस समय किसी ने उनकी सहायता नहीं की। महिला के अनुसार, वह पूरी यात्रा के दौरान बेहद परेशान और डरी हुई थीं।
हालांकि, पुलिस अभी महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। आरोपित युवकों की पहचान और घटना के पूरे क्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यात्रा खत्म होने के बाद घर पहुंचीं महिला
महिला ने बताया कि बस की यात्रा पूरी होने के बाद वह अपने घर पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने घटना की शिकायत करने का निर्णय लिया। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई।
बताया गया है कि 26 अगस्त को महिला ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की ओर से जांच शुरू की गई और संबंधित अधिकारी ने महिला से संपर्क किया।
करीब 40 दिन बाद दर्ज हुई FIR
मामले में प्राथमिकी घटना के तुरंत बाद दर्ज नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, घटना के करीब 40 दिन बाद महिला रकाबगंज थाने पहुंचीं, जिसके बाद शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने अब मामले की जांच तेज कर दी है। सबसे पहले पुलिस उस बस की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिसमें महिला ने लखनऊ से आगरा होते हुए जयपुर की यात्रा की थी।
बस नंबर और टिकट नहीं होने से जांच में चुनौती
पुलिस के सामने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बस की पहचान करना है। महिला के पास कथित तौर पर बस का नंबर या टिकट उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा वह आरोपित युवकों के बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी हैं।
ऐसे में पुलिस यात्रा से संबंधित अन्य जानकारियों के आधार पर बस का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 12 अगस्त को लखनऊ से आगरा होते हुए जयपुर जाने वाली कौन-कौन सी बसें संचालित हुई थीं।
ट्रैवल एजेंसियों से जुटाई जा रही जानकारी
पुलिस संबंधित ट्रैवल एजेंसियों और बस संचालकों से संपर्क कर रही है। उस दिन चलने वाली बसों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन बसों में 25 या उससे अधिक यात्रियों की बुकिंग हुई थी।
अगर संबंधित बस की पहचान हो जाती है तो पुलिस उसके चालक और परिचालक से पूछताछ कर सकती है। बस में लगे CCTV कैमरों की उपलब्धता की भी जांच की जा सकती है।
यात्रियों की पहचान करने की कोशिश
बस की पहचान होने के बाद पुलिस उस दिन यात्रा करने वाले यात्रियों की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। टिकट बुकिंग, ऑनलाइन रिजर्वेशन, ट्रैवल एजेंसी के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों से यात्रियों की पहचान की जा सकती है।
जांचकर्ताओं के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि बस में उस समय कौन-कौन से यात्री मौजूद थे और क्या उनमें से किसी ने कथित घटना को देखा था।
CCTV और दूसरे तकनीकी साक्ष्य भी अहम
जांच में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लखनऊ आईएसबीटी, आगरा ईदगाह, बस स्टैंड, ढाबे और संभावित रूट के अन्य स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा सकती है।
इसके अलावा पुलिस संबंधित ट्रैवल एजेंसी से बस की GPS या यात्रा संबंधी जानकारी भी जुटा सकती है, यदि ऐसा रिकॉर्ड उपलब्ध हो। इससे बस के रूट और रुकने वाले स्थानों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस कर रही आरोपों की जांच
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक, पुलिस फिलहाल महिला के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य पहले उस बस और यात्रा से जुड़े लोगों की पहचान करना है।
इसके बाद आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
घटना के करीब 40 दिन बाद क्यों हुई FIR?
इस मामले में FIR दर्ज होने में देरी भी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है। महिला ने 26 अगस्त को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी और इसके बाद पुलिस से संपर्क हुआ। बाद में करीब 40 दिन के अंतराल के बाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस इस पूरी प्रक्रिया और शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाएगी। FIR में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब बस की पहचान पर टिकी जांच
फिलहाल इस मामले की जांच का सबसे अहम बिंदु उस बस की पहचान करना है। पुलिस 12 अगस्त को लखनऊ से आगरा होते हुए जयपुर जाने वाली ट्रैवल बसों की जानकारी जुटा रही है।
बस की पहचान होने के बाद चालक, परिचालक और यात्रियों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही CCTV, बुकिंग रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
चलती बस में शिक्षिका के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश के आरोपों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। महिला का कहना है कि उन्होंने विरोध किया और मदद की मांग की, लेकिन उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिली।
हालांकि, अभी मामले में आरोपों की पुलिस जांच जारी है। आरोपित युवकों की पहचान, घटना का वास्तविक क्रम और बस में उस समय मौजूद यात्रियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।




















