रांची: ऑल इंडिया Women सांस्कृतिक संगठन (AIMSS) की ओर से आयोजित तृतीय झारखंड राज्य महिला सम्मेलन रांची के जेवियर कॉलेज रोड स्थित SDC हॉल में आयोजित किया गया। सम्मेलन में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध, शराब एवं नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव, पोर्नोग्राफी पर रोक तथा समान काम के लिए समान वेतन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान महिला शिक्षा, सुरक्षा, समान अधिकार और समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए संगठन के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकारों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं से जुड़े सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों को सामने लाने के साथ-साथ इनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना बताया गया।

राज्य अध्यक्ष पानमोनि सिंह ने की अध्यक्षता

तृतीय झारखंड राज्य महिला सम्मेलन की अध्यक्षता AIMSS झारखंड राज्य अध्यक्ष पानमोनि सिंह ने की। सम्मेलन का शुभारंभ पद्मश्री मधु मंसूरी और प्रो. डॉ. प्रमोदिनी हांसदा के स्वागत गीत से हुआ। स्वागत गीत के माध्यम से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।

सम्मेलन में वक्ताओं ने महिलाओं से संबंधित विभिन्न चुनौतियों पर अपने विचार रखे और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं।

महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध पर चिंता

सम्मेलन के प्रमुख विषयों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध को रखा गया। वक्ताओं ने महिला सुरक्षा को समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए महिलाओं और बच्चियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।

महिला शिक्षा और जागरूकता को भी सुरक्षा से जोड़ते हुए चर्चा की गई। वक्ताओं के अनुसार, महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी होने के साथ-साथ कानूनी और सामाजिक स्तर पर उपलब्ध सहायता प्रणालियों की जानकारी भी होनी चाहिए।

शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ उठी आवाज

सम्मेलन में शराब और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने समाज में नशे के कारण उत्पन्न होने वाली विभिन्न सामाजिक समस्याओं पर अपने विचार रखे। साथ ही नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई।

सम्मेलन में पोर्नोग्राफी और अश्लीलता के खिलाफ अभियान चलाने के विषय पर भी चर्चा की गई। संगठन की ओर से समाज में महिलाओं और बच्चों के प्रति सम्मानजनक वातावरण तैयार करने तथा अश्लील सामग्री के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

समान काम के लिए समान वेतन की मांग

सम्मेलन में महिलाओं के आर्थिक अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। महिलाओं को रोजगार के क्षेत्र में समान अवसर, सम्मानजनक कार्य वातावरण और आर्थिक अधिकार दिए जाने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सामाजिक स्थिति को मजबूत करने के लिए शिक्षा और सुरक्षा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता भी महत्वपूर्ण है।

प्रमुख अतिथियों ने रखे अपने विचार

सम्मेलन में कई प्रमुख अतिथि एवं वक्ता शामिल हुए। इनमें प्रोफेसर डॉ. प्रमोदिनी हांसदा, पूर्व प्रति-कुलपति, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका; पद्मश्री मधु मंसूरी, प्रख्यात लोक गायक; वरिष्ठ अधिवक्ता हमीदुल हक, हाईकोर्ट, रांची; रचना अग्रवाल, सचिव मंडली सदस्या, AIMSS; पूतन माला, अश्लीलता विरोधी कमेटी सदस्या तथा फलक फातिमा, राष्ट्रपति पुरस्कृत समाजसेविका शामिल रहीं।

अतिथियों ने सम्मेलन में महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, अधिकार, सामाजिक भागीदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर विचार व्यक्त किए।

महिला शिक्षा और सांस्कृतिक भागीदारी पर जोर

सम्मेलन में महिला शिक्षा को सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

सांस्कृतिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन की ओर से महिलाओं को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में आगे आने और अपनी प्रतिभा को मंच देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सर्वसम्मति से नई राज्य कमेटी का गठन

सम्मेलन के दौरान 43 सदस्यीय नई झारखंड राज्य कमेटी का गठन सर्वसम्मति से किया गया। नई कमेटी में संगठन के विभिन्न पदों के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया।

अध्यक्ष: पानमोनि सिंह

उपाध्यक्ष: सबिता बोस, अशोका मंडल, मालती गिरी, उपासनी सरदार और मिली दास

सचिव: सोनका महतो

ऑफिस सेक्रेटरी: गीता शर्मा

कोषाध्यक्ष: अंजना भारती

सचिव मंडल में सात सदस्य

नई राज्य कमेटी के सचिव मंडल में निर्मला शर्मा, संतोषी महतो, जानो महतो, शीला कुमारी, मौसमी मित्रा, सोनामुखी सोरेन और दुखनी मांझी को शामिल किया गया।

संगठन की गतिविधियों को राज्य स्तर पर आगे बढ़ाने तथा विभिन्न मुद्दों पर अभियान और कार्यक्रमों को संचालित करने में सचिव मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की बात कही गई।

राज्य कमेटी सदस्यों की घोषणा

राज्य कमेटी के सदस्यों में कल्पना शर्मा, संध्या पांडेय, बिमला देवी, फूलमनी देवी, अनीता बाउरी, बिमला सिंह, केशोवती नायक, नोनीबाला उरांव, पंचमी लोहार, शांति बराईक, रितु खालको, झूमा मंडल, रेखा पासवान और नंदिता विश्वास को शामिल किया गया।

नई कमेटी के गठन के साथ संगठन ने झारखंड में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में संगठनात्मक ढांचा तैयार किया।

काउंसिल सदस्यों की भी घोषणा

सम्मेलन में काउंसिल सदस्यों के नामों की भी घोषणा की गई। इनमें अनुराधा महतो, शेफाली पोद्दार, सुहासिनी महतो, मधुबाला कुंभकार, निशा शर्मा, सावित्री गिरी, सुमित्रा महतो, मीता घोष, सूजन महतो, संध्यारानी महतो, शांति देवी, सरिता देवी, रजनी तिवारी, सरला मुंडा, मिल्की मुंडा, सांत्वना घोष और शिखा विश्वास शामिल हैं।

काउंसिल के गठन के माध्यम से संगठन की गतिविधियों में विभिन्न स्तरों पर प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

महिलाओं के अधिकारों को लेकर आगे भी अभियान चलाने पर जोर

सम्मेलन के दौरान महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, महिला शिक्षा, समान अधिकार, आर्थिक समानता और अश्लीलता के खिलाफ जागरूकता अभियान जैसे मुद्दों को लेकर आगे भी कार्यक्रम आयोजित करने पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने इन विषयों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अतिथियों और प्रतिनिधियों का जताया आभार

सम्मेलन के समापन अवसर पर राज्य अध्यक्ष पानमोनि सिंह ने सम्मेलन में शामिल सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सरायकेला-खरसावां जिला कमिटी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

आयोजकों की ओर से कहा गया कि सम्मेलन में उठाए गए महिला सुरक्षा, शिक्षा, समान अधिकार और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों को आगे भी संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उठाया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में नवनिर्वाचित राज्य कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों को संगठन की जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। सम्मेलन का समापन महिला अधिकारों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर निरंतर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।