बगोदर: Bagodar बस स्टैंड स्थित करम अखड़ा में करम अखड़ा समिति की ओर से विराट करम महोत्सव 2026 का आयोजन धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया गया। करम पर्व के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। पारंपरिक रीति-रिवाजों, गीत-संगीत और नृत्य के बीच आयोजित कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा की आकर्षक झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम में बगोदर विधानसभा क्षेत्र के झामुमो नेता शत्रुघ्न प्रसाद मंडल भी शामिल हुए। उन्होंने विधिवत करम डाली की पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने करम पर्व को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया।

करम डाली की पूजा-अर्चना के साथ हुआ महोत्सव

विराट करम महोत्सव के दौरान करम अखड़ा में पारंपरिक विधि-विधान के साथ करम डाली की पूजा की गई। पूजा-अर्चना में स्थानीय लोगों ने श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। करम पर्व से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं के अनुरूप कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

करम डाली की पूजा के दौरान क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक सद्भाव तथा आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।

शत्रुघ्न प्रसाद मंडल ने दी करम पर्व की शुभकामनाएं

कार्यक्रम में शामिल झामुमो नेता शत्रुघ्न प्रसाद मंडल ने करम महोत्सव में उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने करम पर्व को प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक एकता से जुड़ा पर्व बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।

उन्होंने क्षेत्रवासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने झारखंड की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की भावना को भी महत्व दिया।

बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण हुए शामिल

करम महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। विभिन्न क्षेत्रों से लोग करम अखड़ा पहुंचे और कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महिला, पुरुष और युवाओं की भागीदारी से आयोजन का उत्साह और बढ़ गया।

महोत्सव के दौरान लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम पर्व मनाया। आयोजन स्थल पर पूरे समय उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।

पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने बांधा समां

महोत्सव का प्रमुख आकर्षण पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य रहा। करम पर्व से जुड़े पारंपरिक गीतों और लोकनृत्यों ने उपस्थित लोगों को खूब आकर्षित किया। गीत-संगीत की धुन पर लोग उत्साह के साथ झूमते नजर आए।

करम अखड़ा में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान झारखंड की लोक परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा और लोकगीतों ने कार्यक्रम के माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।

झारखंड की कला और संस्कृति की दिखी झलक

विराट करम महोत्सव के माध्यम से झारखंड की समृद्ध कला-संस्कृति और लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय परंपराओं के साथ-साथ लोगों की सांस्कृतिक भागीदारी भी देखने को मिली।

आयोजकों का कहना रहा कि करम पर्व केवल धार्मिक और पारंपरिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और सामाजिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करता है।

आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश

महोत्सव के दौरान आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देखने को मिला। अलग-अलग समुदायों और सामाजिक वर्गों के लोग एक साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।

आयोजन में मौजूद लोगों ने कहा कि सांस्कृतिक पर्व समाज में आपसी मेल-जोल और सद्भाव को मजबूत करने का काम करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है।

आयोजन में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद

विराट करम महोत्सव में प्रखंड अध्यक्ष बंधन महतो, शहनवाज अंसारी, अजय गुप्ता, सिकंदर अली, प्रवीण महतो, लखन मेहता और राजकिशोर शर्मा सहित कई लोग उपस्थित रहे।

इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभी ने करम पर्व की परंपराओं के अनुरूप आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

युवाओं में भी दिखा उत्साह

करम महोत्सव को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा देखने को मिली।

आयोजकों ने कहा कि नई पीढ़ी की भागीदारी से ही लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।

करम पर्व प्रकृति और परंपरा से जुड़ा उत्सव

झारखंड में करम पर्व का विशेष सांस्कृतिक महत्व है। यह पर्व प्रकृति, सामुदायिक जीवन और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में करम पर्व के अवसर पर करम डाली की पूजा तथा पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन किया जाता है।

बगोदर में आयोजित विराट करम महोत्सव में भी इसी परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। लोगों ने पारंपरिक तरीके से पर्व मनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

करम अखड़ा समिति ने आयोजन को बनाया विशेष

करम अखड़ा समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां की गई थीं। आयोजन में शामिल लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों की सहभागिता से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार जताया और भविष्य में भी झारखंड की लोक संस्कृति तथा पारंपरिक पर्वों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

महोत्सव के माध्यम से लोगों ने झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और लोक विरासत को संरक्षित करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि आधुनिक समय में भी पारंपरिक पर्वों और सांस्कृतिक आयोजनों का अपना विशेष महत्व है।

ऐसे आयोजनों के जरिए समाज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर मिलता है। बगोदर का विराट करम महोत्सव भी इसी भावना का उदाहरण बना।

उत्सवमय माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम

पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, पूजा-अर्चना और लोगों की भागीदारी के बीच बगोदर बस स्टैंड स्थित करम अखड़ा में विराट करम महोत्सव 2026 उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रवासियों ने एक-दूसरे को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन के दौरान झारखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।