रायपुर: ऑनलाइन Mahadev सट्टा ऐप से जुड़े कथित अवैध सट्टा कारोबार के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सट्टा सिंडिकेट से जुड़े प्रमुख सदस्यों में शामिल बताए जा रहे अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि आरोपी दुबई से भारत लौटा था और जैसे ही वह हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा, सीबीआई की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
सीबीआई के अनुसार, अभिषेक कुमार पर कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग पैनल के संचालन और समन्वय, पैसों के संग्रह तथा कथित अवैध कमाई को दूसरे कामों में इस्तेमाल करने से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने कथित तौर पर दुबई में अचल संपत्ति खरीदने में भी भूमिका निभाई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच एजेंसी को ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद उसे रायपुर लाकर सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया।

दुबई से भारत लौटते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी
सीबीआई की कार्रवाई उस समय हुई जब अभिषेक कुमार दुबई से भारत लौटा। जैसे ही वह हैदराबाद स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा, जांच एजेंसी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से Mahadev सट्टा ऐप से जुड़े कथित नेटवर्क के संपर्क में था। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसकी भूमिका किस स्तर तक थी और सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के साथ उसका किस तरह का संपर्क था।
एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी से जुड़े सामान और अन्य सामग्री को भी अपने कब्जे में लिया।
बेटिंग पैनल के संचालन में भूमिका का आरोप
सीबीआई के अनुसार, अभिषेक कुमार पर बेटिंग पैनल को कोऑर्डिनेट करने का आरोप है। ऑनलाइन सट्टा कारोबार में बेटिंग पैनल के जरिए कथित तौर पर अलग-अलग स्तर पर गतिविधियों को संचालित किया जाता था।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन पैनलों के साथ काम करता था, उन्हें कौन संचालित करता था और इन गतिविधियों से होने वाले पैसों का प्रवाह किस तरह किया जाता था।
सीबीआई के अनुसार, अभिषेक की भूमिका केवल बेटिंग पैनल तक सीमित नहीं थी। उस पर कथित तौर पर फंड इकट्ठा करने और अवैध गतिविधियों से अर्जित धन के इस्तेमाल में भी शामिल होने का आरोप है।
दुबई में संपत्ति खरीदने की भी जांच
जांच के दौरान सीबीआई को कथित तौर पर इस बात की जानकारी मिली कि अवैध ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से अर्जित रकम का इस्तेमाल दुबई में अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया।
अभिषेक कुमार पर ऐसी संपत्तियों की खरीद में भूमिका निभाने का आरोप है। अब जांच एजेंसी कथित आर्थिक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
सीबीआई यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सट्टा कारोबार से अर्जित कथित रकम किन खातों के जरिए ट्रांसफर की गई और उसका इस्तेमाल किन संपत्तियों या अन्य निवेशों में किया गया।
तलाशी में मिली आपत्तिजनक सामग्री
गिरफ्तारी से जुड़ी कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपी के कब्जे से कुछ सामग्री बरामद करने का दावा किया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, पहली नजर में इस सामग्री का संबंध महादेव बेटिंग ऐप के कथित संचालन से हो सकता है।
बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन दस्तावेजों और अन्य सामान का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था और इनसे सट्टा नेटवर्क के संचालन के बारे में क्या जानकारी मिल सकती है।
जांच में बरामद इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सामग्री भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इनके जरिए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है।
सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी से कनेक्शन
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार अभिषेक कुमार कथित तौर पर महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटरों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम करता था।
जांच एजेंसी अब इन आरोपों के आधार पर आरोपियों के बीच संपर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अभिषेक की भूमिका क्या थी और वह कथित सट्टा नेटवर्क में किन लोगों के साथ सीधे संपर्क में था।
सीबीआई की जांच का एक प्रमुख हिस्सा नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका को सामने लाना भी है।
फरार प्रमोटरों को भारत लाने की कोशिश
महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित मामले में कई आरोपी भारत से बाहर होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां इन आरोपियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया पर भी काम कर रही हैं।
सीबीआई के मुताबिक, फरार आरोपियों के खिलाफ अब तक 7 रेड कॉर्नर नोटिस और 2 प्रत्यर्पण प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्रवाई जारी बताई गई है।
रेड कॉर्नर नोटिस का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित व्यक्ति के बारे में सदस्य देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी उपलब्ध कराना और उसके संभावित ठिकाने का पता लगाने में सहयोग हासिल करना होता है।
तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड
हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तारी के बाद अभिषेक कुमार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने अदालत से आरोपी को रायपुर ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की।
अदालत ने जांच एजेंसी की मांग पर तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। इसके बाद आरोपी को रायपुर लाया गया, जहां उसे सीबीआई की विशेष अदालत के सामने पेश किया गया।
रायपुर की अदालत ने मामले की जांच के लिए आरोपी को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। अब सीबीआई उससे पूछताछ कर कथित सट्टा नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन से जुड़े सवालों के जवाब हासिल करने की कोशिश कर रही है।
13 एफआईआर के आधार पर जांच
महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित मामले में छत्तीसगढ़ में अलग-अलग थानों में कुल 13 एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। इन मामलों को आधार बनाकर जांच एजेंसियां कथित सट्टा नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही हैं।
इन एफआईआर में ऑनलाइन सट्टेबाजी, आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। सीबीआई का फोकस कथित तौर पर सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करने और अपराध से अर्जित धन के स्रोत एवं इस्तेमाल का पता लगाने पर है।
अवैध कमाई का पता लगाने पर फोकस
जांच एजेंसी के सामने सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि कथित अवैध कारोबार से अर्जित धन का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है। सीबीआई यह जांच कर रही है कि सट्टा गतिविधियों से प्राप्त कथित रकम किन माध्यमों से इकट्ठी की गई और बाद में उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
दुबई में कथित संपत्ति खरीद से जुड़े पहलुओं की भी जांच इसी आर्थिक कड़ी का हिस्सा है। एजेंसी बैंकिंग लेनदेन, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।
अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश
अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अब कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बेटिंग पैनल कौन संचालित करता था, फंड किस तरह इकट्ठा किया जाता था और कथित कमाई को देश-विदेश में किस तरह इस्तेमाल किया जाता था।
सीबीआई की जांच अभी जारी
Mahadev सट्टा ऐप से जुड़े इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई अभी जारी है। अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी को जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
फिलहाल सीबीआई आरोपी से पूछताछ कर रही है और बरामद सामग्री, कथित वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों तथा अन्य आरोपियों से उसके संपर्क की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि अवैध ऑनलाइन सट्टा कारोबार में शामिल सभी आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और अपराध से अर्जित कथित रकम का पता लगाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




















