जमशेदपुर। पारडीह चौक स्थित अघोरेश्वर भगवान राम अभेद आश्रम में सोमवार को 66वां स्थापना दिवस समारोह श्रद्धा और सेवा भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आश्रम परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में लोगों के बीच भोग-प्रसाद का वितरण किया गया।
आश्रम के व्यवस्थापक रामाशंकर सिंह ने बताया कि आश्रम की स्थापना वर्ष 1961 में हुई थी। स्थापना के बाद से ही संस्था मानव कल्याण और समाजसेवा के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग के निदान एवं सेवा कार्यों के लिए आश्रम का नाम लिम्का बुक और गिनीज बुक में दर्ज होने का भी उल्लेख किया।
बिना सरकारी अनुदान के चल रहे सेवा कार्य
रामाशंकर सिंह के अनुसार, आश्रम की ओर से बिना सरकारी अनुदान के अपने स्तर पर 19 सूत्री कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों, स्लम बस्तियों और सबर टोला में पहुंचकर असहाय, पीड़ित और दिव्यांग लोगों की सहायता की जाती है।

आश्रम परिसर में जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध छठी कक्षा तक का विद्यालय भी संचालित किया जा रहा है।
संस्थापक सदस्यों से जुड़ा परिवार
समारोह में आश्रम के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी शंभू सिंह ने कहा कि उनके पिता आश्रम के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। इसी जुड़ाव के कारण वह भी आश्रम की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और मानव सेवा के कार्यों में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि श्री सर्वेश्वरी समूह के संस्थापक अघोरेश्वर भगवान राम की प्रेरणा से देश के विभिन्न हिस्सों में आश्रम संचालित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, देशभर में अब तक 128 आश्रम विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हैं, जबकि समूह का प्रधान आश्रम वाराणसी में स्थित है।
प्रभात फेरी से हेल्थ कैंप तक हुए कई आयोजन
आश्रम के कोषाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर प्रभात फेरी, सफाई अभियान, सत्संग और हेल्थ कैंप समेत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। हेल्थ कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों की भी सक्रिय भागीदारी रही। समारोह के दौरान सेवा, स्वच्छता और मानव कल्याण से जुड़े संदेश दिए गए। अंत में उपस्थित लोगों के बीच भोग-प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजकों ने कहा कि स्थापना दिवस का उद्देश्य आश्रम की सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहायता और मानवता का संदेश पहुंचाना है।




















