सरिया: गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में चार Children समेत 10 लोग घायल हो गए। हादसा सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग पर एसआरके डीएवी स्कूल के समीप हुआ, जहां एक बोलेरो और टेंपो के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा और टेंपो में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से निजी अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेजने की तैयारी की गई।

टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार देर शाम सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच एसआरके डीएवी स्कूल के पास बोलेरो और टेंपो की आमने-सामने टक्कर हो गई। अचानक हुए इस हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

टेंपो में सवार यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घायलों को वाहनों से बाहर निकालने में मदद की और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन को भी जानकारी दी गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।

टेंपो में चालक समेत 15 लोग थे सवार

बताया गया कि दुर्घटना के समय टेंपो में चालक समेत कुल 15 लोग सवार थे। टक्कर के बाद स्थिति बिगड़ते देख टेंपो में सवार पांच लोगों ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं, चालक समेत अन्य 10 लोग हादसे में घायल हो गए।

घायलों में चार बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। हादसे में दो लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेजने की तैयारी की गई।

अलग-अलग गांवों की ओर जा रहे थे यात्री

जानकारी के अनुसार, टेंपो में सवार लोग अलग-अलग स्थानों की ओर जा रहे थे। यात्रियों को दलांगी, कपिलो, रजमनिया, पंदना और बाराटांड़ जाना था।

रविवार की शाम लोग अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग पर एसआरके डीएवी स्कूल के समीप यह दुर्घटना हो गई।

हादसे की खबर मिलते ही घायलों के परिजन और परिचित भी अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल में घायलों के इलाज को लेकर लोगों की भीड़ जुट गई।

हादसे के बाद बोलेरो लेकर भागने की कोशिश

दुर्घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर मौके से निकलने की कोशिश कर रहा था। बताया गया कि हादसे के बाद बोलेरो को लेकर भाग रहे वाहन को स्थानीय लोगों ने बागोडीह बराकर पुल के पास पकड़ लिया।

इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को घटना की जानकारी दी। बोलेरो को रोक लिए जाने के बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई। हादसे के कारणों और वाहन चालक की भूमिका को लेकर प्रशासन की ओर से जांच किए जाने की बात सामने आई है।

स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने जिस तरह घायलों की मदद की, उससे कई घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के पास पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने में सहयोग किया।

इसके बाद निजी अस्पताल में घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल दो लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल गिरिडीह रेफर करने की तैयारी की गई।

क्षमता से अधिक सवारी को लेकर उठे सवाल

हादसे के बाद टेंपो में क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने का मुद्दा भी सामने आया है। बताया गया कि टेंपो में चालक समेत 15 लोग सवार थे। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने यातायात व्यवस्था और प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठाए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण और मुख्य मार्गों पर यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है।

ओवरलोडिंग पर निगरानी की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने से दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों के घायल होने का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मुख्य मार्गों पर चलने वाले टेंपो, ऑटो और अन्य यात्री वाहनों की नियमित जांच करने की मांग की है। साथ ही चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई है।

मुख्य मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा

सरिया-राजधनवार मुख्य मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर वाहन चालकों की गति, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के पालन पर निगरानी जरूरी है। विशेष रूप से स्कूल और आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास वाहनों की गति नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन से जांच की उम्मीद

घटना की सूचना प्रशासन को दिए जाने के बाद दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। हादसा किस वजह से हुआ, दोनों वाहनों की गति कितनी थी और क्या यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ था, इन बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

वहीं, बोलेरो को बागोडीह बराकर पुल के पास पकड़े जाने के बाद संबंधित वाहन और चालक के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

घायलों के इलाज पर परिजनों की नजर

हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज को लेकर उनके परिजन चिंतित हैं। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेजने की तैयारी की गई।

चार बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिजनों में भी चिंता का माहौल है। सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हादसे ने फिर उठाया सड़क सुरक्षा का सवाल

सरिया क्षेत्र में हुए इस सड़क हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। एक ही टेंपो में बड़ी संख्या में यात्रियों के सवार होने और फिर बोलेरो से आमने-सामने टक्कर होने के कारण हादसा गंभीर हो गया।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने, ओवरलोडिंग पर रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों ने वाहन चालकों से भी सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल हादसे में घायल सभी लोगों का इलाज कराया जा रहा है और गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर प्रशासनिक जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।