नई दिल्ली: दिल्ली में पति की Murder की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपने ही देवर से पति की हत्या कराई और इसके लिए उसे 50 हजार रुपये देने की बात कही गई। हत्या के बाद शव को नाले में ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।

मामले में पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है, जबकि महिला का देवर और मामले में शामिल एक अन्य आरोपी विजय फरार बताया जा रहा है। पुलिस जांच में मोबाइल फोन से मिले सुराग के बाद इस हत्या की गुत्थी सुलझने का दावा किया गया है।

15 साल की उम्र में हुई थी पहली मोहब्बत

पुलिस के अनुसार, महिला को जब वह करीब 15 साल की थी, तभी प्रीतम नाम के युवक से प्यार हो गया था। दोनों ने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों का परिवार बसा और उनके तीन बच्चे हुए।

बताया गया है कि दंपती के तीन बच्चों में एक बेटा 16 साल का है, जबकि दो बेटियां हैं। लंबे समय तक दोनों साथ रहे, लेकिन शादी के करीब 17 साल बाद महिला की जिंदगी में एक और व्यक्ति आया।

17 साल बाद दूसरे युवक से बढ़ी नजदीकियां

पुलिस के मुताबिक, शादी के कई वर्षों बाद महिला की मुलाकात 28 वर्षीय रोहित से हुई। रोहित टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार, रोहित का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।

समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और कथित तौर पर दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे के साथ रहना और शादी करना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने महिला के पति प्रीतम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

पति को रास्ते से हटाने की बनाई योजना

जांच के अनुसार, महिला और रोहित ने कथित तौर पर प्रीतम की हत्या की योजना बनाई। इसके लिए महिला ने अपने देवर विजय की मदद ली।

पुलिस का कहना है कि विजय ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की सुपारी लेकर प्रीतम की हत्या की। मामले में यह भी सामने आया कि हत्या की साजिश में महिला और उसके प्रेमी की भूमिका बताई जा रही है।

हत्या के बाद मामले को सामान्य गुमशुदगी की घटना दिखाने की कोशिश की गई।

Murder के बाद नाले में फेंका गया शव

पुलिस के अनुसार, प्रीतम की हत्या के बाद उसके शव को नाले में डाल दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने मामले को छिपाने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद विजय ने महिला को कथित तौर पर शव की तस्वीर और वीडियो इंस्टाग्राम के जरिए भेजे। इसके बाद पैसे के लेन-देन को लेकर भी बातचीत हुई।

बताया गया कि महिला ने अपने पति का ऑटो बेचकर बाकी रकम विजय को दी।

थाने पहुंचकर खुद दर्ज कराई गुमशुदगी

घटना के बाद महिला ने खुद थाने पहुंचकर अपने पति की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसका पति घर से बाहर गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा।

शुरुआती तौर पर पुलिस ने इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला माना और प्रीतम की तलाश शुरू की। लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे मामला संदिग्ध लगने लगा।

पुलिस ने प्रीतम से जुड़े लोगों और उसके संपर्क में रहे मोबाइल नंबरों की जांच शुरू की।

एक मोबाइल नंबर ने पहुंचाया रोहित तक

जांच के दौरान पुलिस को प्रीतम से जुड़े एक मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी मिली। इस नंबर की जांच करते हुए पुलिस रोहित तक पहुंची।

पुलिस ने जब रोहित से पूछताछ की तो उसने शुरुआत में कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, पूछताछ आगे बढ़ने पर पुलिस के अनुसार उसने घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां दीं।

इसके बाद पुलिस को शक हुआ कि प्रीतम की गुमशुदगी के पीछे हत्या की साजिश हो सकती है।

पूछताछ में सामने आई हत्या की कहानी

पुलिस के अनुसार, रोहित ने पूछताछ के दौरान बताया कि प्रीतम की हत्या कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू की।

जांच में कथित तौर पर सामने आया कि महिला और रोहित प्रीतम को रास्ते से हटाना चाहते थे और इसी योजना के तहत विजय की मदद ली गई।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कैसे तैयार की गई थी तथा इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

मोबाइल फोन ने खोला हत्या का राज

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सुराग एक मोबाइल फोन से मिला। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद प्रीतम का मोबाइल फेंकने के लिए रोहित को दिया गया था।

लेकिन मोबाइल महंगा होने के कारण कथित तौर पर रोहित की नीयत बदल गई। उसने मोबाइल को फेंकने के बजाय अपने पास रख लिया। उसने पहले फोन से सिम कार्ड निकालकर फेंक दिया।

इसके बाद कुछ समय बीतने पर उसने अपने सिम कार्ड को उस मोबाइल में डालकर फोन चालू कर लिया।

एक गलती से पुलिस तक पहुंचा सुराग

जांच के दौरान पुलिस को यही गलती महत्वपूर्ण सुराग के तौर पर मिली। जिस मोबाइल को हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए फेंकना था, वह दोबारा इस्तेमाल होने लगा।

फोन में नए सिम कार्ड के इस्तेमाल और उससे जुड़े तकनीकी विवरणों ने पुलिस को संदिग्ध तक पहुंचने में मदद की। इसके बाद पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया और मामले की परतें खुलती चली गईं।

पुलिस के अनुसार, इसी तकनीकी सुराग ने गुमशुदगी के मामले को हत्या के मामले में बदलने वाली जांच की दिशा तय की।

पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, देवर फरार

पुलिस ने मामले में महिला और उसके प्रेमी रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं महिला का देवर विजय फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

जांच एजेंसियां हत्या में इस्तेमाल तरीके, पैसों के लेन-देन, शव को ठिकाने लगाने और मोबाइल फोन से जुड़े सभी तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही हैं।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।

ऑटो बेचकर दिए गए पैसे

जांच के अनुसार, हत्या के बाद सुपारी की रकम को लेकर भी लेन-देन हुआ। पुलिस का कहना है कि विजय को 50 हजार रुपये देने की बात हुई थी।

बताया गया कि हत्या के बाद महिला ने अपने पति का ऑटो बेच दिया और उससे प्राप्त रकम से बाकी पैसे दिए गए। पुलिस अब इस लेन-देन से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।

बच्चों के बीच बसा परिवार उजड़ा

इस मामले में दंपती के तीन बच्चों का भी जिक्र सामने आया है। शादी के बाद परिवार में तीन बच्चे हुए थे। इनमें एक बेटा 16 वर्ष का है और दो बेटियां हैं।

करीब 17 साल तक चले वैवाहिक जीवन के बाद कथित प्रेम संबंध और हत्या की साजिश ने पूरे परिवार को प्रभावित किया। पुलिस अब मामले के कानूनी पहलुओं के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटा रही है।

जांच में कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। हत्या की योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल था, 50 हजार रुपये की सुपारी का पूरा लेन-देन कैसे हुआ और शव को नाले में किस तरह ठिकाने लगाया गया—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि महिला ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने से पहले और बाद में किन लोगों से संपर्क किया था।

तकनीकी जांच बनी अहम कड़ी

इस मामले में मोबाइल फोन की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई। शुरुआत में पति के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने संपर्क में आए मोबाइल नंबरों की जांच की।

बाद में जिस मोबाइल फोन को कथित तौर पर नष्ट या गायब कर देना था, उसका दोबारा इस्तेमाल किया गया। इसी वजह से पुलिस को जांच आगे बढ़ाने के लिए अहम सुराग मिला।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपी विजय की तलाश जारी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।