नवादा: बिहार के Nawada जिले से सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर छात्राओं के साथ कथित बदसलूकी और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला नवादा सदर प्रखंड के आनंदपुरा इलाके के एक सरकारी स्कूल का बताया जा रहा है। यहां आठवीं कक्षा की छात्राओं ने स्कूल के हेडमास्टर महेश प्रसाद यादव पर आपत्तिजनक तरीके से छूने, बाल खींचने और परेशान करने जैसे आरोप लगाए हैं।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद शुक्रवार को स्कूल परिसर में काफी हंगामा हो गया। छात्राओं के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्कूल को घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर हेडमास्टर को स्कूल के कार्यालय में सुरक्षित रखा गया और पुलिस को सूचना दी गई। बाद में डायल 112 और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा हेडमास्टर को वहां से निकालकर थाने ले गई।

पुलिस ने मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, आरोपी हेडमास्टर ने छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

परीक्षा की कॉपी लेने गई छात्रा ने लगाया गंभीर आरोप

बताया गया कि शुक्रवार को एक छात्रा परीक्षा से संबंधित पेपर और कॉपियां लेने के लिए हेडमास्टर के कार्यालय में गई थी। छात्रा के आरोप के मुताबिक, इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया।

कार्यालय से बाहर आने के बाद छात्रा ने रोते हुए अपनी सहेलियों को घटना के बारे में बताया। इसके बाद उसने अपने परिवार के सदस्यों को भी इसकी जानकारी दी। छात्रा की बात सामने आने के बाद स्कूल में मौजूद अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की गई।

इसी दौरान कुछ अन्य छात्राओं ने भी हेडमास्टर पर पहले से परेशान करने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए। मामला धीरे-धीरे स्कूल से बाहर पहुंचा और छात्राओं के परिवारों तथा स्थानीय ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली।

छात्राओं के आरोपों से स्कूल में मचा हड़कंप

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। छात्राओं के परिजन और आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों ने आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

आक्रोशित लोगों ने स्कूल परिसर को घेर लिया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ लोगों ने स्कूल परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ शुरू कर दी। हेडमास्टर की बाइक और कुछ सामान को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।

भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए हेडमास्टर को स्कूल के कार्यालय में रखा गया, ताकि उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस दौरान स्कूल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

स्कूल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने हेडमास्टर को स्कूल के कार्यालय से सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई, जहां मामले की प्रारंभिक जांच और पूछताछ की गई। छात्राओं और उनके परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

मामले में बच्चों से जुड़े यौन अपराधों की रोकथाम के लिए बनाए गए पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

छात्राओं ने पुराने व्यवहार को लेकर भी लगाए आरोप

मामला सामने आने के बाद कुछ छात्राओं ने हेडमास्टर के व्यवहार को लेकर अन्य आरोप भी लगाए। छात्राओं के अनुसार, हेडमास्टर कई बार उन्हें अपने पास बुलाते थे और कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करते थे।

एक छात्रा ने आरोप लगाया कि पानी पीने जाने के दौरान उसे कार्यालय की तरफ बुलाया गया और कथित तौर पर जबरन गोद में बैठाने की कोशिश की गई। वहीं, दूसरी छात्रा ने आरोप लगाया कि परीक्षा से संबंधित सवाल-जवाब के लिए जाने के दौरान उसके गाल को छुआ गया और बाल खींचे गए।

कुछ छात्राओं ने बाथरूम के आसपास भी कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए। छात्राओं के इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।

ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और छात्राओं के परिजनों में काफी आक्रोश देखा गया। लोगों ने आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए और किसी भी छात्रा के साथ गलत व्यवहार के आरोप सामने आने पर मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

हालांकि, आक्रोश के बीच स्कूल परिसर में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और हेडमास्टर को सुरक्षित थाने पहुंचाया।

आरोपी हेडमास्टर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

पूरे मामले में आरोपी हेडमास्टर महेश प्रसाद यादव ने छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।

पुलिस अब छात्राओं के बयान, परिजनों की शिकायत और उपलब्ध अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

POCSO एक्ट के तहत शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

नाबालिग छात्राओं से जुड़े आरोपों के कारण पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित मामलों में कानून के तहत विशेष प्रावधान लागू होते हैं।

पुलिस द्वारा मामले में संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। नाबालिग पीड़िताओं की पहचान कानून के तहत सार्वजनिक नहीं की जाती है।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

नवादा की इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई के सवाल को सामने ला दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों और बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के अनुसार, बच्चों को किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की जानकारी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। स्कूल प्रशासन की भी जिम्मेदारी होती है कि बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाए।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों, स्कूल परिसर में हुए हंगामे और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर भी पुलिस तथ्यों को जुटा रही है।

इस पूरे मामले में छात्राओं के आरोप गंभीर हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।