चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन उपायुक्त-सह District Election पदाधिकारी मनीष कुमार ने मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 के तहत संचालित नोटिस सुनवाई कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्क्रमित उच्च विद्यालय-बरंगा पहुंचकर वहां चल रही सुनवाई प्रक्रिया का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों एवं निर्वाचन कर्मियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सुनवाई स्थल पर मौजूद मतदाताओं से संवाद किया तथा नोटिस के संबंध में उनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों एवं अभिलेखों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अब तक प्राप्त आवेदनों, प्रस्तुत दस्तावेजों और सुनवाई की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

Election केंद्र संख्या 14, 15 एवं 16 के मतदाताओं की सुनवाई

उत्क्रमित उच्च विद्यालय-बरंगा में मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र संख्या 14, 15 एवं 16 से संबंधित नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सुनवाई की जा रही थी।

सुनवाई कार्यक्रम के दौरान संबंधित मतदाताओं को नोटिस के संदर्भ में अपनी बात रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा था। उपायुक्त ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और यह समझने का प्रयास किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई किस प्रकार संचालित की जा रही है।

उन्होंने मौके पर उपस्थित मतदाताओं से भी बातचीत की और उनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही निर्वाचन कर्मियों से यह भी पूछा कि अब तक कितने लोगों की सुनवाई की जा चुकी है और कितने आवेदन एवं दस्तावेज प्राप्त हुए हैं।

दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सुनवाई प्रक्रिया में प्रस्तुत किए जा रहे दस्तावेजों की विधिवत जांच पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक दस्तावेज एवं अभिलेख का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण किया जाए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और अभिलेखों का उचित तरीके से संधारण किया जाना आवश्यक है। सभी रिकॉर्ड को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार व्यवस्थित रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान किसी भी स्तर पर प्रक्रिया संबंधी लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी मामलों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

प्रत्येक संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का मिले अवसर

जिला Election पदाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नोटिस प्राप्त प्रत्येक संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का पर्याप्त एवं समुचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया है, तो उसे संबंधित मामले में आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने निर्वाचन कर्मियों को निर्देशित किया कि सुनवाई के दौरान मतदाताओं के साथ आवश्यक सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप संचालित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी पात्र व्यक्ति के अधिकार प्रभावित न हों।

पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के निर्देश

उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसलिए मतदाता सूची के शुद्धीकरण और अद्यतीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता का विशेष महत्व है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित प्रावधानों एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। किसी भी मामले में व्यक्तिगत स्तर पर निर्णय लेने के बजाय नियमों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मतदाता सूची के शुद्धीकरण और अद्यतीकरण पर जोर

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण और अद्यतीकरण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक सटीक मतदाता सूची से निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त दावों, आपत्तियों और संबंधित दस्तावेजों का नियमानुसार परीक्षण किया जाना चाहिए। सभी पात्र नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने निर्वाचन कर्मियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची से संबंधित मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की जल्दबाजी न की जाए, बल्कि सभी आवश्यक तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाए।

Election कर्मियों से ली व्यावहारिक चुनौतियों की जानकारी

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने मौके पर मौजूद निर्वाचन कर्मियों से संवाद किया। उन्होंने नोटिस सुनवाई कार्यक्रम के संचालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों और समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने कर्मियों से पूछा कि सुनवाई के दौरान मतदाताओं को किस प्रकार की कठिनाइयां सामने आ रही हैं और दस्तावेजों की जांच एवं अभिलेखों के संधारण में किसी तरह की समस्या तो नहीं है।

कर्मियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने पर जोर दिया।

निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों और निर्वाचन कर्मियों को निर्देश दिया कि सुनवाई कार्यक्रम के दौरान प्राप्त मामलों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि समय-सीमा का पालन करने के साथ-साथ प्रक्रिया की गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

मतदाताओं के साथ संवाद और सहयोग पर जोर

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतदाताओं के साथ संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सुनवाई स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

यदि किसी मतदाता को किसी दस्तावेज या प्रक्रिया को लेकर जानकारी की आवश्यकता है, तो संबंधित कर्मियों द्वारा उसे उचित मार्गदर्शन दिया जाए। इससे सुनवाई प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

Election प्रक्रिया में पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता

उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने पूरे निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित नियमों के पालन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कार्य सीधे तौर पर लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े होते हैं, इसलिए इसमें प्रत्येक स्तर पर सावधानी और जिम्मेदारी जरूरी है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों, अभिलेखों और निर्धारित प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सुनवाई प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को नियमानुसार अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले।

निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उपायुक्त मनीष कुमार का यह निरीक्षण विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2026 के तहत संचालित नोटिस सुनवाई कार्यक्रम की जमीनी स्थिति की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने सुनवाई स्थल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, मतदाताओं की भागीदारी, दस्तावेजों की जांच और अभिलेखों के संधारण सहित पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े कार्यों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही निर्धारित नियमों के अनुरूप निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण, अद्यतीकरण और सुनवाई प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए इसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और नियमों का अनुपालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।